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एनसीआर के गुरुग्राम जैसे शहरों के अनियोजित व्यावसायीकरण और विकास का ख़ामियाजा अरावली को भुगतना पड़ रहा है। तस्वीर: अरावली बचाओ नागरिक आंदोलन

अरावली की तबाही का सबब बन सकता है एनसीआर ड्राफ्ट प्लान-2041

साल 2005 से लागू एनसीआर क्षेत्रीय योजना- 2021 को आगे बढ़ाने के लिए एनसीआर मसौदे की क्षेत्रीय योजना- 2041 को प्रस्ताव लाया गया है। इस ड्राफ्ट प्लान को एनसीआर में…
एनसीआर के गुरुग्राम जैसे शहरों के अनियोजित व्यावसायीकरण और विकास का ख़ामियाजा अरावली को भुगतना पड़ रहा है। तस्वीर: अरावली बचाओ नागरिक आंदोलन
श्रीलंका की व्यावसायिक राजधानी कोलंबो के मध्य में राष्ट्रपति कार्यालय के सामने बड़े पैमाने पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन। तस्वीर : दिलरुक्षी हंडुनेट्टी 

श्रीलंका: पर्यावरण नीतियों की विफलताओं ने भी जन-क्रांति को दी हवा

जून की शुरुआत में श्रीलंका में एक जन-आंदोलन ने वहां के शायद अब तक के सबसे अलोकप्रिय राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को पद से हटने पर मजबूर कर दिया। इस आंदोलन…
श्रीलंका की व्यावसायिक राजधानी कोलंबो के मध्य में राष्ट्रपति कार्यालय के सामने बड़े पैमाने पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन। तस्वीर : दिलरुक्षी हंडुनेट्टी 
हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल से 30 जून 2022 तक 2,763 आग की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसमें प्रति दिन औसतन 31 आग लगीं। तस्वीर- सुमित महार/हिमाधरा कलेक्टिव

दबाव में हिमाचल की पारिस्थितिकी, इस साल अप्रैल से जून तक रोज औसतन 31 बार लगी आग

बीते महीने हिमाचल के किन्नौर स्थित जंगी गांव के 66-वर्षीय किसान रोशन लाल जंगल की आग से परेशान रहे। गांव से सटे जंगल में बीते 12 जून को आग लग…
हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल से 30 जून 2022 तक 2,763 आग की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसमें प्रति दिन औसतन 31 आग लगीं। तस्वीर- सुमित महार/हिमाधरा कलेक्टिव
ब्राजील के अमेज़ॅन में बेलो मोंटे मेगा बांध। तस्वीर- ज़ो सुलिवन/ मोंगाबे

बांध दुनिया के लिए ज़ोखिम भरी ज़रूरत हैं पर क्या इनका बेहतर प्रबंधन संभव है?

दक्षिण अफ्रीका के क्रूगर नेशनल पार्क के जैव विविधता संरक्षण के प्रबंधक स्टीफन मिड्ज़ी को लगता है कि नदियों को वैसा ही होना चाहिए जैसी नदियां होती हैं। मिड्ज़ी निर्बाध…
ब्राजील के अमेज़ॅन में बेलो मोंटे मेगा बांध। तस्वीर- ज़ो सुलिवन/ मोंगाबे
झारखंड, भारत में रांची जिले में हुंडरू झरने से ली गई एक घाटी। तस्वीर- अजय कुमार/विकिमीडिया कॉमन्स

झारखंड: लैंड बैंक से तैयार हो रही संघर्ष की नई ज़मीन!

इस साल 15 जुलाई को झारखंड में गोंदलपुरा के निवासियों ने हजारीबाग जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर से रखी गई जनसुवाई के दौरान ‘अडानी कंपनी वापस जाओ’  के नारे लगाए।…
झारखंड, भारत में रांची जिले में हुंडरू झरने से ली गई एक घाटी। तस्वीर- अजय कुमार/विकिमीडिया कॉमन्स
2019 के दौरान बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान में आग।

जंगल में लगने वाली आग के नुकसान और फायदे

जंगल की आग यानि  फॉरेस्ट फायर्स को अनियंत्रित आग माना जाता है। इससे अक्सर जंगलों, घास के मैदानों, ब्रशलैंड और टुंड्रा प्रदेश के पेड़-पौधों की व्यापक तबाही के रूप में…
2019 के दौरान बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान में आग।
दूषित भूजल के संपर्क में आने के कारण अपनी त्वचा पर चकत्ते दिखाती महिला। तस्वीर-  सत सिंह/मोंगाबे।

हरियाणा में कुंडली इलाके के लोग दूषित पानी से बेहाल

हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र ने पिछले 40 वर्षों में कई लोगों को रोजी-रोटी दी है। एक गुमनाम गांव से कुंडली एक प्रमुख-औद्योगिक क्षेत्र में…
दूषित भूजल के संपर्क में आने के कारण अपनी त्वचा पर चकत्ते दिखाती महिला। तस्वीर-  सत सिंह/मोंगाबे।
सामजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों के दावे के अनुसार, अजनार नदी में डाला जा रहा रासायनिक कचरा पानी को प्रदूषित कर रहा है और स्थानीय लोगों और जानवरों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है। तस्वीर- ओंकार सिंह।

मध्य प्रदेश में इंडस्ट्रीज के छोड़े गए केमिकल से प्रदूषित होती अजनार नदी

लगभग 50 औद्योगिक इकाइयों के साथ एक विशेष आर्थिक क्षेत्र, पीथमपुर के पास मध्य प्रदेश का मानपुर शहर, जल प्रदूषण का सामना कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है…
सामजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों के दावे के अनुसार, अजनार नदी में डाला जा रहा रासायनिक कचरा पानी को प्रदूषित कर रहा है और स्थानीय लोगों और जानवरों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है। तस्वीर- ओंकार सिंह।
अररिया जिले की वृक्षवाटिका का जंगल। बिहार सरकार ने इस जंगल को खुला चिड़ियाघर के रूप में विकसित करने का निर्णय लियाहै। तस्वीर- उमेश कुमार राय

बिहार: एक तरफ हरियाली बढ़ाने का दावा, दूसरी ओर काटे जा रहे वन

पिछले साल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों से पर्यावरण की रक्षा की अपील की थी और इसके लिए हरियाली बचाने और जल संरक्षण पर जोर दिया था। उन्होंने…
अररिया जिले की वृक्षवाटिका का जंगल। बिहार सरकार ने इस जंगल को खुला चिड़ियाघर के रूप में विकसित करने का निर्णय लियाहै। तस्वीर- उमेश कुमार राय
मध्य प्रदेश के आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक पिछले पांच साल में मध्य प्रदेश में उर्वरक की खपत दोगुनी हो गई है, 2015-16 में राज्य में 19.65 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया गया था। इस साल यह बढ़कर 39.75 मीट्रिक टन होने का अनुमान है।  तस्वीर- राकेश कुमार मालवीय

नर्मदापुरम: गेहूं की नहीं बढ़ रही उपज, उर्वरकों के बेतहाशा इस्तेमाल ने बढ़ाई चिंता

“हमारे गांव की मिट्टी कुछ अलग है। यहां की फसल पूरे जिले में अलग दिखाई देती है। पानी भी भरपूर है और अब तो यहां पर तीन फसलें ली जा…
मध्य प्रदेश के आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक पिछले पांच साल में मध्य प्रदेश में उर्वरक की खपत दोगुनी हो गई है, 2015-16 में राज्य में 19.65 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया गया था। इस साल यह बढ़कर 39.75 मीट्रिक टन होने का अनुमान है।  तस्वीर- राकेश कुमार मालवीय
प्लास्टिक का उत्पादन जीवाश्म ईंधन उद्योग से मजबूती से जुड़ा हुआ है और जैसे-जैसे तेल की मांग घट रही है वैसे-वैसे पेट्रोकैमिकल उद्योग प्लास्टिक के उत्पादन में तेजी ला रहे हैं। तस्वीर- लुई वेस्ट / फ़्लिकर।

हमने पृथ्वी पर रासायनिक प्रदूषण की निर्धारित सीमा-रेखा पार कर ली है- अध्ययन

पूरी दुनिया में उत्पादन के क्षेत्रों में मानव-निर्मित रसायन और सिंथैटिक प्रदूषक तत्वों का प्रयोग बढ़ता जा रहा है। जबकि हमारे प्लेनेट पर पहले से ही ऐसे हजारों रसायन इस्तेमाल…
प्लास्टिक का उत्पादन जीवाश्म ईंधन उद्योग से मजबूती से जुड़ा हुआ है और जैसे-जैसे तेल की मांग घट रही है वैसे-वैसे पेट्रोकैमिकल उद्योग प्लास्टिक के उत्पादन में तेजी ला रहे हैं। तस्वीर- लुई वेस्ट / फ़्लिकर।
रांची शहर की तस्वीर रांची हिल्स से ली गई है। यह समुद्र तल से 2064 फुट की ऊंचाई पर बसा है। तस्वीर- बिश्वरूप गांगुली/विकिमीडिया कॉमन्स

हिल स्टेशन रांची में पानी के लिए क्यों मच रहा हाहाकार?

रांची में रहने वाली चालीस साल की सुगन बिन्हा ने पानी का भीषण संकट कई बार देखा है लेकिन इस बार जैसी परेशानी उन्होंने पहले कभी नहीं झेली। इस गर्मी…
रांची शहर की तस्वीर रांची हिल्स से ली गई है। यह समुद्र तल से 2064 फुट की ऊंचाई पर बसा है। तस्वीर- बिश्वरूप गांगुली/विकिमीडिया कॉमन्स
जौनपुर शहर में गोमती नदी में कुल 14 नाले गिरते हैं और इन नालों से प्रतिदिन 30 एमएलडी कचरा डिस्चार्ज होता है। तस्वीर- आनंद देव/मोंगाबे

जौनपुर से गोमती में बहने वाले कचरे का अनुमान भी नहीं लगा पा रहा प्रशासन, कैसे होगी नदी साफ?

गंगा की सहायक नदी है गोमती। गंगा नदी की सफाई के लिए केंद्र स्तर पर नमामि गंगे नाम से योजना चलाई जा रही है। इसके तहत सहायक नदियों की सफाई…
जौनपुर शहर में गोमती नदी में कुल 14 नाले गिरते हैं और इन नालों से प्रतिदिन 30 एमएलडी कचरा डिस्चार्ज होता है। तस्वीर- आनंद देव/मोंगाबे
मेंधालेखा में ग्राम सभा की बैठक। तस्वीर- मेंधालेखा / विकिमीडिया कॉमन्स

[कॉमेंट्री ] पंचायती राज: 30 साल में कितना मजबूत हुआ लोकतंत्र?

भारत में लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने के लिहाज से साल 1992 को मील का पत्थर माना जाता है। तीन दशक पहले इसी साल संविधान में 73वां (पंचायती…
मेंधालेखा में ग्राम सभा की बैठक। तस्वीर- मेंधालेखा / विकिमीडिया कॉमन्स
जो लोग केवल खेती पर निर्भर हैं, उन्होंने अपने गांवों में भूमि होने के बावजूद, खेती के लिए अन्य गांवों में पट्टे पर जमीन ली है। तस्वीर- सत सिंह

जलभराव की वजह से खेत बेचने को मजबूर हरियाणा के किसान, किसानी छोड़ने को मजबूर

हरियाणा के चरखी दादरी जिले के इमलोटा गांव के रहने वाले 42 वर्षीय किसान सोनू कलकल अपनी जमीन पर खेती कर खुशहाल जीवन जी रहे थे। उनके खेत में बंपर…
जो लोग केवल खेती पर निर्भर हैं, उन्होंने अपने गांवों में भूमि होने के बावजूद, खेती के लिए अन्य गांवों में पट्टे पर जमीन ली है। तस्वीर- सत सिंह
हरियाणा के यमुनानगर में रेत खनन के चलते होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें मीडिया में बनी रहती हैं। तस्वीर- वर्षा सिंह/मोंगाबे

रेत खनन: 16 महीनों में 400 से अधिक मौत, पर्यावरण के साथ जान का भी नुकसान

आमतौर पर नदियों से होने वाले अवैध और अवैज्ञानिक रेत खनन को पर्यावरण और जलीय जीवों पर खतरे के रूप में देखा जाता है। लेकिन इसका एक और स्याह पक्ष…
हरियाणा के यमुनानगर में रेत खनन के चलते होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें मीडिया में बनी रहती हैं। तस्वीर- वर्षा सिंह/मोंगाबे
विशेषज्ञ चेतावनी देते हुए कहते हैं कि जैसे-जैसे जलभृतो से पानी गायब होता जायेगा, वैसे ही भूमि या तो अचानक रूप से या फिर आहिस्ता-आहिस्ता बैठती जाएगी। इससे भूमि का क्षरण हो सकता है।

भूजल स्तर में गिरावट से धंस रही जमीन, भविष्य में बढ़ेंगी मुश्किलें

भारत का उत्तरी क्षेत्र का मैदानी इलाका बेहद उपजाऊ है। हालांकि इस उपजाऊ क्षेत्र में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जमीन के नीचे का जल स्तर तेजी से खत्म होता…
विशेषज्ञ चेतावनी देते हुए कहते हैं कि जैसे-जैसे जलभृतो से पानी गायब होता जायेगा, वैसे ही भूमि या तो अचानक रूप से या फिर आहिस्ता-आहिस्ता बैठती जाएगी। इससे भूमि का क्षरण हो सकता है।
सुरहा ताल झील बलिया जिले की सबसे बड़ा फ्लडप्लेन है जहां बाढ़ का पानी जमा होता है। तस्वीर- बलिया जिला प्रशासन

उत्तर प्रदेशः कहीं विकास की बलि न चढ़ जाए बलिया का पक्षी अभयारण्य

संरक्षित क्षेत्र यानी पशु-पक्षियों के रहने का ऐसा स्थान जहां वे निर्भिक होकर घूम-फिर सकते हैं। ऐसे क्षेत्र में निर्माण गतिविधि होना हमेशा विवाद की वजह बनता है। लेकिन तब…
सुरहा ताल झील बलिया जिले की सबसे बड़ा फ्लडप्लेन है जहां बाढ़ का पानी जमा होता है। तस्वीर- बलिया जिला प्रशासन
भागीरथी इको सेंसटिव ज़ोन के इस क्षेत्र में हज़ारों पेड़ सड़क चौड़ीकरण के लिये कटेंगे। तस्वीर- हृदयेश जोशी

उत्तराखंडः गंगोत्री मार्ग के घने जंगल मुश्किल में, भागीरथी इको सेंसेटिव जोन में पेड़ों पर मंडराता खतरा

उत्तरकाशी ज़िले के भटवाड़ी ब्लॉक में रहने वाले मोहन सिंह राणा ने 17 साल सेना में नौकरी की। अब यह रिटायर फौजी संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में अपने जंगलों को बचाने…
भागीरथी इको सेंसटिव ज़ोन के इस क्षेत्र में हज़ारों पेड़ सड़क चौड़ीकरण के लिये कटेंगे। तस्वीर- हृदयेश जोशी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा ज़िले के साल्ही गांव से लगे हसदेव अरण्य के जंगल में आदिवासी पेड़ कटने का विरोध कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से यहां प्रदर्शन हो रहे हैं। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल

कोयले के लिए हसदेव अरण्य में काटे जा सकते हैं साढ़े चार लाख पेड़, रात-दिन जागकर पेड़ों की रक्षा कर रहे हैं आदिवासी

देश में चारों तरफ लोगों को यह सलाह दी जा रही है कि जानलेवा धूप है, घर से ना निकालें। छत्तीसगढ़ में भी कई इलाकों में मौसम का पारा 46…
छत्तीसगढ़ के सरगुजा ज़िले के साल्ही गांव से लगे हसदेव अरण्य के जंगल में आदिवासी पेड़ कटने का विरोध कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से यहां प्रदर्शन हो रहे हैं। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस या कहें व्यवसाय को आसान बनाने की प्रक्रिया में राजग सरकार पर्यावरण नियमों को लगातार कमजोर करती रही है। इससे जंगलों को नुकसान हो रहा है। तस्वीर-पॉल हैमिल्टन/विकिमीडिया कॉमन्स

[विश्लेषण] अंधाधुंध हो रही जंगलों की कटाई लेकिन इसकी वित्तीय कीमत बढ़ाने को लेकर परहेज

देश में जंगलों की वित्तीय कीमत के आकलन के लिए एक फार्मूला अपनाया जाता है जिसमें संशोधन की मांग कई सालों से उठ रही है। बीते जनवरी (2022) सुप्रीम कोर्ट…
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस या कहें व्यवसाय को आसान बनाने की प्रक्रिया में राजग सरकार पर्यावरण नियमों को लगातार कमजोर करती रही है। इससे जंगलों को नुकसान हो रहा है। तस्वीर-पॉल हैमिल्टन/विकिमीडिया कॉमन्स
दतिया जिले में एक कस्बा है लांच जहां सिंध नदी पर पुल 2021 की बाढ़ में ढह गया था। तस्वीर- राहुल सिंह

गंदी होती नदियों के बीच दिलासा देती है स्वच्छ सिंध, लेकिन रेत खनन से हैं चुनौतियां

जब चारों तरफ नदियों के प्रदूषित होने की चिंता शामिल हो वैसे में मूलतः मध्य प्रदेश में बहने वाली सिंध नदी एक खुशनुमा एहसास कराती है। बहुतायत में अब भी…
दतिया जिले में एक कस्बा है लांच जहां सिंध नदी पर पुल 2021 की बाढ़ में ढह गया था। तस्वीर- राहुल सिंह
छत्तीसगढ़ के जंगलों में आग लगी हुई है, जंगल की आग बुझाने वाला वन विभाग का मैदानी अमला अनुपस्थित है। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल

छत्तीसगढ़ के वनों में धधक रही आग और वन विभाग का मैदानी अमला हड़ताल पर

यह पिछले महीने की 27 तारीख़ का मामला है, जब राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिज़र्व में आग लगने की ख़बर सामने आई। अकबरपुर रेंज के बालेटा-पृथ्वीपुरा नाका में आग की…
छत्तीसगढ़ के जंगलों में आग लगी हुई है, जंगल की आग बुझाने वाला वन विभाग का मैदानी अमला अनुपस्थित है। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल
बैनर तस्वीर: बाजोली-होली जलविद्युत परियोजना का एक दृश्य। तस्वीर- विशेष प्रबंध

हिमाचल में आदिवासियों को उजाड़ती पनबिजली परियोजना

25 मार्च 2014 की तारीख, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला स्थित झरौता गांव के लोग इस तारीख को भूल नहीं सकते। इसी दिन कम से कम 31 महिलाओं को पुलिस…
बैनर तस्वीर: बाजोली-होली जलविद्युत परियोजना का एक दृश्य। तस्वीर- विशेष प्रबंध
मोतिहारी शहर स्थित रघुनाथपुर पुल से धनौती नदी कुछ इस तरह की दिखती है। तस्वीर- सीटू तिवारी

चंपारण के धनौती नदी को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार पर स्थानीय लोग असमंजस में, आखिर क्यों?

बिहार के मोतिहारी शहर के बीचोंबीच होकर बहती धनौती एक बड़े नाले में तब्दील हो गई है। नदी के ऊपर बने रघुनाथपुर पुल से, गंदगी से बजबजाती इस नदी से…
मोतिहारी शहर स्थित रघुनाथपुर पुल से धनौती नदी कुछ इस तरह की दिखती है। तस्वीर- सीटू तिवारी
नरेन हांसदा ने संथाली और बंगाली भाषाओं में कम से कम 120 गीतों की रचना की है। तस्वीर- तज़ीन कुरैशी

एक संथाली गायक का भागीरथी प्रयास, गीतों के सहारे संवार रहे जंगल

पीठ तक लटकते लंबे बाल और दोतारा के साथ नरेन हंसदा पहली नजर में किसी रॉकस्टार लगते हैं। लेकिन जब वह गाना शुरू करते हैं तो उनकी यह छवि जाती…
नरेन हांसदा ने संथाली और बंगाली भाषाओं में कम से कम 120 गीतों की रचना की है। तस्वीर- तज़ीन कुरैशी
‘इज ऑफ डूइंग बिजनस’ के नाम पर पर्यावरण मंत्रालय जारी कर रहा नए-नए आदेश

‘इज ऑफ डूइंग बिजनस’ के नाम पर पर्यावरण मंत्रालय जारी कर रहा नए-नए आदेश

बीते कुछ महीनों में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की तरफ से दो महत्वपूर्ण संशोधन का प्रस्ताव आया है- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 और जैवविविधता कानून 2002 ।…
‘इज ऑफ डूइंग बिजनस’ के नाम पर पर्यावरण मंत्रालय जारी कर रहा नए-नए आदेश
जैव विविधता से संपन्न पूर्वोत्तर राज्यों में जंगल लगातार कम हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबित पूर्वोत्तर में 1,69,521 वर्ग किलोमीटर जंगल है, जो कि पिछली सर्वेक्षण रिपोर्ट 2019 के मुताबले 1,020 वर्ग किमी कम है। तस्वीर- सौरभ सावंत/विकिमीडिया कॉमन्स

विश्लेषण: पिछले दो साल में नागालैंड राज्य के बराबर जंगल हुए ‘खराब’

भारत में जंगलों की स्थिति को लेकर 13 जनवरी का दिन अहम रहा। इस दिन केंद्र सरकार ने वन सर्वेक्षण रिपोर्ट, 2021 (इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट यानी आईएसएफआर) जारी की।…
जैव विविधता से संपन्न पूर्वोत्तर राज्यों में जंगल लगातार कम हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबित पूर्वोत्तर में 1,69,521 वर्ग किलोमीटर जंगल है, जो कि पिछली सर्वेक्षण रिपोर्ट 2019 के मुताबले 1,020 वर्ग किमी कम है। तस्वीर- सौरभ सावंत/विकिमीडिया कॉमन्स
उत्तराखंड स्थित हिमालय के जंगल। तस्वीर- पॉल हैमिल्टन/विकिमीडिया कॉमन्स

जैव विविधता संशोधन कानून का महत्व क्या है और क्यों हुआ इसका विरोध?

जैव विविधता संशोधन बिल (2021) फिलहाल संसदीय संयुक्त समिति के पास है। जैव विविधता कानून (2002) के कुछ प्रावधानों में संशोधन के वास्ते यह बिल अस्तित्व में आया। पूरी दुनिया…
उत्तराखंड स्थित हिमालय के जंगल। तस्वीर- पॉल हैमिल्टन/विकिमीडिया कॉमन्स
दार्जिलिंग में चाय के बगान। तस्वीर- व्याचेस्लाव अर्जेनबर्ग/विकिमीडिया कॉमन्स

देश में वनों की स्थिति: बढ़ रहा है पौधारोपण और घट रहे हैं वन

भारत सरकार ने हाल ही में वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2021 (आईएसएफआर) जारी किया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो साल पहले की तुलना में देश के वन क्षेत्र…
दार्जिलिंग में चाय के बगान। तस्वीर- व्याचेस्लाव अर्जेनबर्ग/विकिमीडिया कॉमन्स