Categories for वन्य जीव एवं जैव विविधता

कश्मीर के किसानों ने जंगली सूअरों को दूर रखने और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए अपने खेतों में लोगों को तैनात किया है। तस्वीर- आकिब हुसैन 

कश्मीर में जंगली सूअरों की वापसी से हंगुल के निवास स्थान और फसल खतरे में

कश्मीर में 30 साल बाद 2013 में, जंगली सूअर फिर से सामने आए और तब से उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। इससे स्थानीय निवासियों और वन्यजीव विशेषज्ञों में चिंता…
कश्मीर के किसानों ने जंगली सूअरों को दूर रखने और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए अपने खेतों में लोगों को तैनात किया है। तस्वीर- आकिब हुसैन 
पेरियार वन्यजीव अभयारण्य में सड़क पार करता बाइसन (जंगली भैंसा)। प्रतीकात्मक तस्वीर। तस्वीर- सैमसन जोसेफ/विकिमीडिया कॉमन्स 

जम्मू-कश्मीर में बढ़ते राजमार्ग और सड़क दुर्घटनाओं में जानवरों के मरने की बढ़ती घटनाएं

सितंबर 2011 में, जम्मू यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेन एनवायरनमेंट (आईएमई) के शोधकर्ताओं की एक टीम ने जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सियार के एक जोड़े को मरा हुआ पाया। वन्यजीव…
पेरियार वन्यजीव अभयारण्य में सड़क पार करता बाइसन (जंगली भैंसा)। प्रतीकात्मक तस्वीर। तस्वीर- सैमसन जोसेफ/विकिमीडिया कॉमन्स 
दिबांग घाटी में एक बाघ की 2017 की कैमरा में कैद की गई तस्वीर। हालांकि इदु मिशमिस ने हमेशा दावा किया है कि वे लंबे समय से बाघों के साथ रह रहे हैं, लेकिन इन इलाकों में बड़ी बिल्ली यानी बाघों की मौजूदगी के प्रमाण की पुष्टि 2012 में ही हुई थी। फोटो-वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) 

अरुणाचल की इदु मिश्मी जनजाति क्यों कर रही है प्रस्तावित दिबांग वन्यजीव अभयारण्य का विरोध

अरुणाचल प्रदेश में दिबांग वन्यजीव अभयारण्य को बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित करने की योजना ने स्वदेशी इदु मिशमी जनजाति के बीच हलचल मचा रखी है। समुदाय को लगता…
दिबांग घाटी में एक बाघ की 2017 की कैमरा में कैद की गई तस्वीर। हालांकि इदु मिशमिस ने हमेशा दावा किया है कि वे लंबे समय से बाघों के साथ रह रहे हैं, लेकिन इन इलाकों में बड़ी बिल्ली यानी बाघों की मौजूदगी के प्रमाण की पुष्टि 2012 में ही हुई थी। फोटो-वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) 
चकैया गांव के किसान, जिनका कहना है कि बारिश के महीने में यह इलाका पानी में डूब जाता है। तस्वीर- राहुल सिंह/मोंगाबे

रामसर साईट की दौड़ में पीछे छूटते बिहार के बड़े वेटलैंड्स, मानव निर्मित नागी-नकटी झील दावेदारी में आगे

मई के आखिरी दिनों में बिहार की सबसे बड़ी झीलों या वेटलैंड (आर्द्र भूमि) में से एक बरैला ताल में जलस्रोत की तलाश करना काफी मशक्कत भरा काम था। बिहार…
चकैया गांव के किसान, जिनका कहना है कि बारिश के महीने में यह इलाका पानी में डूब जाता है। तस्वीर- राहुल सिंह/मोंगाबे
ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो। भारत में इसे भीमराज और भृंगराज के नाम से जाना जाता है। तस्वीर- बी मैड शहंशाह बापी/विकिमीडिया कॉमन्स।

[वीडियो] आवाज से मिल रहा जंगल के बेहतर होने का जवाब, साउंडस्कैप की मदद से निगरानी

 “हम लैंटाना (विदेशी प्रजाति का एक पौधा) के प्रकोप से आजाद हैं,” मध्य भारत में स्थानीय समुदाय के एक सदस्य बसंत झारिया मुस्कुराते हुए कहते हैं। यह क्षेत्र कभी आक्रामक…
ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो। भारत में इसे भीमराज और भृंगराज के नाम से जाना जाता है। तस्वीर- बी मैड शहंशाह बापी/विकिमीडिया कॉमन्स।
होराग्लानिस पॉपुली केरल के लैटेरिटिक एक्विफर सिस्टम में पाई जाती हैं। यह मछलियां आकार में छोटी हैं। इनकी आंखें और पिगमेंट नहीं होते हैं। तस्वीर- अर्जुन सी.पी.

[वीडियो] केरल के स्थानीय लोगों ने एक अंधी कैटफ़िश प्रजाति की खोज में कैसे की वैज्ञानिकों की मदद

दक्षिणी भारतीय राज्य केरल के संकीर्ण भूजल एक्विफर के अंदर भूमिगत कैटफ़िश का एक अनूठा समूह रहता है। ये मछलियां पोषक तत्वों और ऑक्सीजन की कम सांद्रता के साथ पूरी…
होराग्लानिस पॉपुली केरल के लैटेरिटिक एक्विफर सिस्टम में पाई जाती हैं। यह मछलियां आकार में छोटी हैं। इनकी आंखें और पिगमेंट नहीं होते हैं। तस्वीर- अर्जुन सी.पी.
शोधकर्ताओं ने बताया कि मछुआरों को बायकैच छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने का काम ब्राजील में हुआ है। इसे भारत में भी लागू किया जा सकता है। फोटो- त्रिशा गुप्ता 

गंभीर रूप से लुप्तप्राय राइनो रेज़ के संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका

राइनो रेज़ इलास्मोब्रान्ची का एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण समूह बनाती हैं। यह कार्टिलाजिनस मछली का एक उपवर्ग है जिसमें रेज़ और शार्क शामिल हैं। हालांकि, राइनो रेज़ के बारे में…
शोधकर्ताओं ने बताया कि मछुआरों को बायकैच छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने का काम ब्राजील में हुआ है। इसे भारत में भी लागू किया जा सकता है। फोटो- त्रिशा गुप्ता 
भारत में बैंडेड करैत की तस्वीर। तस्वीर - डेविडवराजू/विकिमीडिया कॉमन्स। 

बैंडेड करैत की हो सकती है एक से ज्यादा प्रजाति, रिसर्च में आया सामने

हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि अत्यधिक विषैला बैंडेड करैत (बुंगारस फासिआटस/ सांप जिसके शरीर पर पट्टियां होती हैं) की पूरे एशिया में अलग-अलग प्रजातियां…
भारत में बैंडेड करैत की तस्वीर। तस्वीर - डेविडवराजू/विकिमीडिया कॉमन्स। 
एमके रंजीतसिंह भारत के वन्य जीवन (संरक्षण) अधिनियम के वास्तुकारों में से एक हैं। तस्वीर- कार्तिक चंद्रमौली / मोंगाबे

[साक्षात्कार] भारत में ग्रासलैंड पॉलिसी की जरूरत पर संरक्षणवादी एम के रंजीतसिंह झाला से बातचीत

वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए देश का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कानून ‘वन्य जीवन (संरक्षण)’ अधिनियम के कमजोर होने के खिलाफ चेतावनी देते हुए एमके रंजीतसिंह झाला ने उपेक्षित…
एमके रंजीतसिंह भारत के वन्य जीवन (संरक्षण) अधिनियम के वास्तुकारों में से एक हैं। तस्वीर- कार्तिक चंद्रमौली / मोंगाबे
सिक्किम में एक तितली। एक नई मॉडलिंग स्टडी के मुताबिक, हर साल लगभग 5 लाख लोग अपनी उम्र पूरी किए बिना ही मर जा रहे हैं क्योंकि वैश्विक स्तर पर परागणक का काम करने वाले कीड़े-मकोड़ों की संख्या में तेजी से कमी आ रही है। तस्वीर- नंदिता चंद्रप्रकाश/मोंगाबे।

मधुमक्खी और तितली जैसे कीड़े-मकोड़ों के कम होने का असर इंसानों पर भी, हर साल मर रहे पांच लाख लोग

बटरफ्लाई थ्योरी कहती है कि न के बराबर होने वाले बदलाव भी बहुत बड़ा असर दिखाते हैं। केओस थ्योरी के बारे में चर्चा के दौरान अक्सर एक रूपक का इस्तेमाल…
सिक्किम में एक तितली। एक नई मॉडलिंग स्टडी के मुताबिक, हर साल लगभग 5 लाख लोग अपनी उम्र पूरी किए बिना ही मर जा रहे हैं क्योंकि वैश्विक स्तर पर परागणक का काम करने वाले कीड़े-मकोड़ों की संख्या में तेजी से कमी आ रही है। तस्वीर- नंदिता चंद्रप्रकाश/मोंगाबे।
अपने पैरों को हवा में लहराता डांसिंग फ्रॉग। तस्वीर क्रेडिट – मधुश्री मुदके।

डांसिंग फ्रॉग में सामने आई कई विकृतियां, शायद अब नहीं लहरा सके अपने पैर

अगर आप कर्नाटक में पश्चिमी घाटों में बारहमासी नदियों में चट्टानों पर ध्यान से देखेंगे, तो आप एक छोटे मेंढक को अपने पीछे के पैरों को हवा में लहराते हुए…
अपने पैरों को हवा में लहराता डांसिंग फ्रॉग। तस्वीर क्रेडिट – मधुश्री मुदके।
एक निर्माणाधीन डैम की प्रतीकात्मक तस्वीर। ऊर्जा मंत्रालय ने संसद को बताया है कि सभी बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं को अनुमति देने से पहले पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मंजूरी ली जाती है और एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी से व्यापक आकलन करवाया जाता है। तस्वीर- इंटरनेशनल रिवर्स 

जलवायु परिवर्तन और ज्यादा बारिश से जलविद्युत परियोजनाओं पर पड़ेगा असर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गांधीनगर की एक स्टडी के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन से जल विद्युत परियोजनाओं की क्षमता पर व्यापक असर पड़ सकता है। 17 फरवरी 2023 को सामने आई…
एक निर्माणाधीन डैम की प्रतीकात्मक तस्वीर। ऊर्जा मंत्रालय ने संसद को बताया है कि सभी बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं को अनुमति देने से पहले पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मंजूरी ली जाती है और एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी से व्यापक आकलन करवाया जाता है। तस्वीर- इंटरनेशनल रिवर्स 
आइबिस बिल नदियों की छोटी धाराओं के छोटे द्वीपों में अपना घोंसला बनाता है, जो चट्टानों के बड़े और छोटे पत्थरों के बीच छिपा होता है। तस्वीर- नीलांजन चटर्जी 

बदलती जलवायु की वजह से खतरे में हिमालय की करिश्माई जलपक्षी आइबिस बिल की आबादी

समुद्रतल से बेहद ऊंचाई वाले इलाकों में एक ऐसी पक्षी का घर है जिन्हें आसानी से पहचाना नहीं जा सकता। ये घर चट्टानों के गोल पत्थरों के बीच छिपे होते…
आइबिस बिल नदियों की छोटी धाराओं के छोटे द्वीपों में अपना घोंसला बनाता है, जो चट्टानों के बड़े और छोटे पत्थरों के बीच छिपा होता है। तस्वीर- नीलांजन चटर्जी 
हिंद महासागर में डाला गया एक एफएडी। तस्वीर- ग्रीनपीस।

मछलियों को आकर्षित करने वाले उपकरणों से हिंद महासागर की टूना प्रजाति पर बढ़ता खतरा

हिंद महासागर में टूना मछलियों की तीन व्यावसायिक प्रजातियां पाई जाती हैं और इस समय तीनों की लुप्त होने की कगार पर हैं। दुनियाभर में टूना मछलियों के कारोबार के…
हिंद महासागर में डाला गया एक एफएडी। तस्वीर- ग्रीनपीस।
रामेश्वरम के मछुआरे पकड़ी हुई मछलियों को किनारे पर लाते हुए। तस्वीर- नारायण स्वामी सुब्बारमन/मोंगाबे

प्रदूषण, नियमों की अनदेखी और भूमि रूपांतरण की वजह बनते रामेश्वरम के झींगा फार्म

भारत में, पिछले कुछ वर्षों में, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग योजनाएं चलाई गई हैं। इन अनुकूल नीतियों के चलते  देश में…
रामेश्वरम के मछुआरे पकड़ी हुई मछलियों को किनारे पर लाते हुए। तस्वीर- नारायण स्वामी सुब्बारमन/मोंगाबे
रामेश्वरम का एक पारंपरिक मछुआरा। तस्वीर- नारायण स्वामी सुब्बारमन / मोंगाबे

झींगा फार्म के विरोध में क्यों हैं रामेश्वरम के पारंपरिक मछुआरे

समुद्र के बीच में बसे तमिलनाडु के रामेश्वरम में यह सूरज के साथ आंख-मिचौली कर रहे बादलों के कारण यह एक धूप-छाँव वाला दिन था। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ.…
रामेश्वरम का एक पारंपरिक मछुआरा। तस्वीर- नारायण स्वामी सुब्बारमन / मोंगाबे
लुप्तप्राय जंगली जल भैंस (बुबलस अरनी)। तस्वीर- सेनाका सिल्वा/विकिमीडिया कॉमन्स 

नेपालः स्वादिष्ट मोमो के लिए घरेलू और जंगली भैंसों की क्रॉस-ब्रीडिंग, मुसीबत में लुप्तप्राय प्रजाति

तीखी सॉस के साथ परोसे जाने वाले मसालेदार मांसाहारी कीमा से भरे मोमो नेपाल और तिब्बत से निकल कर दुनिया भर में लोकप्रिय हो गए हैं। यह नेपाल के लोगों…
लुप्तप्राय जंगली जल भैंस (बुबलस अरनी)। तस्वीर- सेनाका सिल्वा/विकिमीडिया कॉमन्स 
मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए छत्तीसगढ़ में जागरुकता के कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत हाथी प्रभावित इलाकों में दीवारों पर इस तरह से संदेश लिखे जाते हैं। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल/मोंगाबे

छत्तीसगढ़ः हाथियों की सिर्फ 1% आबादी के बावजूद क्यों बढ़ रहा है मानव-हाथी संघर्ष

छत्तीसगढ़ के बालोद ज़िले के कुंजकन्हार गांव की रहने वाली 60 साल की गीताबाई को शायद अनुमान नहीं रहा होगा कि घर से सुबह-सुबह बाहर निकलना उनके लिए जानलेवा साबित…
मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए छत्तीसगढ़ में जागरुकता के कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत हाथी प्रभावित इलाकों में दीवारों पर इस तरह से संदेश लिखे जाते हैं। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल/मोंगाबे
मनुल को दुनिया की सबसे चिड़चिड़ी या गुस्सैल बिल्ली बताया जाता है। तस्वीर- क्रिस गॉडफ्रे

गुस्सैल बिल्ली, ‘मनुल’, की दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत पर हुई पुष्टि

डेविड एटनबरो ने एक बार बहुत कम दिखने वाली मनुल को दुनिया की सबसे चिड़चिड़ी या गुस्सैल बिल्ली बताया था। फर्ज करें कि आप एक गुस्सैल बिल्ली हैं, तो आप…
मनुल को दुनिया की सबसे चिड़चिड़ी या गुस्सैल बिल्ली बताया जाता है। तस्वीर- क्रिस गॉडफ्रे
उदलगुरी के चाय बागानों में घूमते हाथी। तस्वीर- सयान बनर्जी 

[कमेंट्री] असम के मानव-हाथी संघर्ष क्षेत्र से दो मांओं की कहानी

नवंबर, 2022 के पहले सप्ताह में सुबह करीब 5:30 बजे असम के उदलगुरी जिले के एक गांव में हाथी के बच्चे की धान के खेत में एक मौत हो जाने…
उदलगुरी के चाय बागानों में घूमते हाथी। तस्वीर- सयान बनर्जी 
नामीबिया से भारत लाया गया चीता। सितंबर 2022 में पहली बार 8 चीतों का समूह नामीबिया से भारत आया था। तस्वीर साभार- चीता कंजर्वेशन फंड

पहले आठ महीने में तीन चीतों की मौत, क्या सही दिशा में है भारत का प्रोजेक्ट चीता?

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 9 मई की सुबह पौने 11 बजे अफरातफरी मच गई। वजह थी मॉनिटरिंग टीम ने एक मादा चीते को बाड़े में घायल देखा।…
नामीबिया से भारत लाया गया चीता। सितंबर 2022 में पहली बार 8 चीतों का समूह नामीबिया से भारत आया था। तस्वीर साभार- चीता कंजर्वेशन फंड

पश्चिमी घाट में जैव विविधता बढ़ाने के लिए प्राकृतिक आवासों का संरक्षण ज़रूरी 

भारत के पश्चिमी घाट मोटे तौर पर गोवा गैप और पालघाट गैप द्वारा अलग किए गए तीन उपखंडों - उत्तरी, मध्य और दक्षिण में विभाजित हैं। ये इलाके अपनी जलवायु…

[वीडियो] पालतू पशु और शाकाहारी वन्य जीव मिट्टी के कार्बन को अलग तरह से प्रभावित करते हैं

एक नए अध्ययन से पता चलता है कि मिट्टी के कार्बन और उसके फलस्वरूप जलवायु पर मवेशियों और शाकाहारी वन्य जीवों के प्रभाव भिन्न होते हैं। पालतू पशुओं में एंटीबायोटिक…
भारत में अब अतिरिक्त 1,000-1,200 बाघों को ही रखा जा सकता है, न कि 10,000 बाघों को, जो एक सदी पहले हुआ करते थे। संख्या में बढ़ोतरी के बदले बाघों की आबादी में टिकाऊपन जरूरी है। तस्वीर- कंदुकुरु नागार्जुन/फ़्लिकर 

बाघों की बढ़ती आबादी को संभालने में कितने सक्षम हैं भारत के जंगल

पांच दशक पहले की बात है, देश में बाघों की पहली गिनती के नतीजों ने सरकार के लिए खतरे की घंटी बजा दी थी। बाघों की आबादी घटकर 1,827 पर…
भारत में अब अतिरिक्त 1,000-1,200 बाघों को ही रखा जा सकता है, न कि 10,000 बाघों को, जो एक सदी पहले हुआ करते थे। संख्या में बढ़ोतरी के बदले बाघों की आबादी में टिकाऊपन जरूरी है। तस्वीर- कंदुकुरु नागार्जुन/फ़्लिकर 
मध्य भारत के एक टाइगर रिजर्व में एक बाघ। तस्वीर- समीर कुमार सिन्हा

[समीक्षा] बाघ के अतीत और वर्तमान की रोचक कहानियां बताती किताब ‘बाघ, विरासत और सरोकार’

“कथाओं के इस देश में  मैं भी एक कथा हूं एक कथा है बाघ भी इसलिए कई बार  जब उसे छिपने को नहीं मिलती  कोई ठीक-ठाक जगह तो वह धीरे-से…
मध्य भारत के एक टाइगर रिजर्व में एक बाघ। तस्वीर- समीर कुमार सिन्हा

जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय में आमने-सामने आते बाघ, तेंदुए और हिम तेंदुए

पिछले दिनों एक वीडियो, संभवतः भारत के जंगल में रिकॉर्ड किया गया, वायरल हुआ। इस वीडियो में एक बाघ पेड़ों के बीच चुपचाप कुछ दूरी पर अपना ध्यान केंद्रित कर…

कश्मीर की गर्म सर्दियों की वजह से जल्दी खिल रहे हैं गुल तूर के फूल

गुल तूर के पीले फूलों का खिलना, कश्मीर में दर्द भरी आंखों के लिए एक सुकून रहा है। कश्मीर में लंबी सर्दियों के बाद यह रंग गायब है। आम तौर…

विदेशी प्रजातियों के पौधों के लिए बौने हैं पहाड़, बढ़ रही तादाद और तेजी से हो रहा फैलाव

परवेज़ डार पेशे से वनस्पति विज्ञानी हैं। उन्होंने साल 2012 और 2017 में कश्मीर में सड़कों के आसपास घूमकर अच्छा-खासा समय बिताया। इसमें पहाड़ी दर्रा सिंथन टॉप भी शामिल है।…
उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली चंबल नदी किनारे धूप सेंकता इंडियन टेंट टर्टल कछुआ। तस्वीर- शार्प फोटोग्राफी/विकिमीडिया कॉमन्स

ताजे पानी के कछुओं की दो प्रजातियों के संरक्षण के लिए भारत के प्रस्ताव को मिला समर्थन

भारत ने विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके ताजे पाने के कछुओं की अपनी दो प्रजातियों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल करने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की…
उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली चंबल नदी किनारे धूप सेंकता इंडियन टेंट टर्टल कछुआ। तस्वीर- शार्प फोटोग्राफी/विकिमीडिया कॉमन्स
लोको पायलट महत्वपूर्ण हाथी गलियारों के आसपास सुरक्षा उपायों को लागू करने में लापरवाही का आरोप लगाते हैं। तस्वीर: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे।

ट्रेन से हाथियों की टक्कर के बाद असम के लोको पायलटों के अनुभव, क्या है समाधान

"हत्यारा कहलाना किसी को पसंद नहीं है। किसी भी प्राणी की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराना विचलित करने वाला हो सकता है। हाथी की तो बात ही छोड़िए। कुत्ते, बकरी…
लोको पायलट महत्वपूर्ण हाथी गलियारों के आसपास सुरक्षा उपायों को लागू करने में लापरवाही का आरोप लगाते हैं। तस्वीर: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे।