पर्यावरण से जुड़ी सुर्खियां

प्रकृति और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की खोज खबर। मोंगाबे एक गैर-लाभकारी संस्था है।

जिम कार्बेट नेशनल पार्क में दो एशियाई हाथी आपस में खेलते हुए। तस्वीर- अरिंदम भट्टाचार्य/फ्लिकर

[कमेंट्री] विकास बनाम पर्यावरण: उत्तराखंड किस रास्ते पर अग्रसर है!

उत्तराखंड के इकलौते हाथियों के निवास स्थान शिवालिक हाथी रिजर्व को वहां की सरकार निरस्त करने के प्रयास में हैं। यानी राज्य सरकार वन भूमि को सामान्य भूमि में तब्दील…
जिम कार्बेट नेशनल पार्क में दो एशियाई हाथी आपस में खेलते हुए। तस्वीर- अरिंदम भट्टाचार्य/फ्लिकर
घड़ियाल

भारत-नेपाल के बीच हुई संरक्षण की साझेदारी, फिर बेखौफ तैरने लगे घड़ियाल

बिहार और बंगाल की सीमा पर बसे एक गांव में अजीब खलबली मची थी। कोई चिल्ला रहा था- घड़ियाल देख लो, घड़ियाल देख लो। देखने वालों में अजीबोगरीब उत्साह था।…
घड़ियाल
पन्ना के हीरा खदान में रामप्यारे मिट्टी से सने कंकड़ों को धो रहे हैं। इन्हीं कंकड़ों में से हीरा मिलने की संभावना रहती है। तस्वीर- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी

पन्ना के हीरा खदानों से निकलती बेरोजगारी, गरीबी और कुपोषण

जनवरी में पड़ने वाली सर्दी की एक ढलती हुई शाम जब कुसुम बाई (बदला हुआ नाम) अपने कच्चे घर के बाहर चारपाई पर बैठी हुई हैं। पन्ना जिले के कल्याणपुर…
पन्ना के हीरा खदान में रामप्यारे मिट्टी से सने कंकड़ों को धो रहे हैं। इन्हीं कंकड़ों में से हीरा मिलने की संभावना रहती है। तस्वीर- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी
बैनर तस्वीर- कमला भील के पति सिलिकोसिस बीमारी की वजह से नहीं रहे। अब उनका बेटा भी इसी बीमारी से जूझ रहा है। तस्वीर- एमएलपीसी

खनन ने लील लिया परिवार पर पापी पेट की वजह से खदान में वापस आने को मजबूर हैं महिलाएं

“इसके सिवा मेरे पास रास्ता क्या है! मेरे चार बेटे भी जानते थे कि खदानों में काम करने से सिलिकोसिस जैसी बीमारी होगी। फिर भी वो यहां काम करते रहे।…
बैनर तस्वीर- कमला भील के पति सिलिकोसिस बीमारी की वजह से नहीं रहे। अब उनका बेटा भी इसी बीमारी से जूझ रहा है। तस्वीर- एमएलपीसी
अमरकंटक में जंगलों के बीच से गुजरती नर्मदा। यहां जंगल से निकली छोटी-छोटी जलधाराएं नर्मदा को विशाल बनाती जाती है। तस्वीर- अजय ताव/फ्लिकर

नर्मदा के उद्गम से ही शुरू हो रही है नदी को खत्म करने की कोशिश

मध्य भारत की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी के लिए उद्गम स्थल से ही अस्तित्व का संकट शुरू होने लगा है। यह नदी मध्यप्रदेश के अमरकंटक के आस-पास…
अमरकंटक में जंगलों के बीच से गुजरती नर्मदा। यहां जंगल से निकली छोटी-छोटी जलधाराएं नर्मदा को विशाल बनाती जाती है। तस्वीर- अजय ताव/फ्लिकर
चंबल सफारी में चौकीदार का काम करने वाले जगदीश इंडियन स्किमर के घोसलों की रक्षा करते हैं। एक दशक पहले इन्होंने घड़ियाल से संरक्षण का काम शुरू किया था। इलस्ट्रेशन- तान्या टिम्बले

अंडों की चौकीदारी: चम्बल के बीहड़ में मेहमान पक्षी को बचाने का संघर्ष

चम्बल के एक गांव जैतपुर से जगदीश जब लाठी, टॉर्च, कलम और डायरी लेकर निकलते हैं तो ऐसा लगता है कि गांव की चौकीदारी करने निकल रहें हैं। कुछ हद…
चंबल सफारी में चौकीदार का काम करने वाले जगदीश इंडियन स्किमर के घोसलों की रक्षा करते हैं। एक दशक पहले इन्होंने घड़ियाल से संरक्षण का काम शुरू किया था। इलस्ट्रेशन- तान्या टिम्बले
काशी के गंगा घाट पर प्रवासी पक्षियों की वजह से प्रकृति का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। तस्वीर- प्रभु बी/फ्लिकर

क्या है वेटलैंड और इसे बचाना क्यों है जरूरी?

जंगल को धरती का फेफड़ा कहा जाता है क्योंकि यही जंगल वातावरण में फैले कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण कर ऑक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं। इस आधार पर कहें तो वेटलैंड्स…
काशी के गंगा घाट पर प्रवासी पक्षियों की वजह से प्रकृति का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। तस्वीर- प्रभु बी/फ्लिकर
मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले का एक ग्रामीण हाट। ऐसे हाट किसानों को अपनी उपज बेचने में मददगार हैं। तस्वीर- श्रीकांत चौधरी

ग्राम: छोटे किसानों को सही दाम दिलाने के लिए तीन साल पहले लायी गयी योजना कागजों तक सीमित

करीब दो महीने तक राजधानी की सीमा के बाहर हाड़ कंपा देने वाले सर्दी में संघर्ष करने के बाद लाखों किसानों गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली की सीमा में ट्रैक्टर…
मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले का एक ग्रामीण हाट। ऐसे हाट किसानों को अपनी उपज बेचने में मददगार हैं। तस्वीर- श्रीकांत चौधरी
मवेशी

कमाल कर रही मवेशियों की देसी नस्ल, क्या यही है क्लाइमेट चेंज का समाधान!

क्लाइमेट चेंज यानी मौसम में अनियमित बदलाव की बात अब जगजाहिर है। खेती-किसानी के साथ-साथ पशुपालन पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ने लगा है। आने वाले समय में मौसम का…
मवेशी
आलू की फसल खोदता इचाक गांव का एक किसान। तस्वीर- दीपांविता गीता नियोगी

आलू उपजाने भर से नहीं बनती बात, सही भंडारण से फायदा ले रहे झारखंड के किसान

अनिता देवी झारखंड के हजारीबाग जिले के चंदा गांव की किसान हैं। यह आलू की खेती करती हैं और यही इनके आजीविका का मुख्य साधन है। साल-डेढ़ साल पहले तक…
आलू की फसल खोदता इचाक गांव का एक किसान। तस्वीर- दीपांविता गीता नियोगी