खनन

छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से के 70 हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हसदेव अरण्य के जंगल में पेड़ों की कटाई जारी है।। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल

हसदेव अरण्य: विधानसभा के संकल्प, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे के बावजूद बढ़ता कोयला खनन

छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित हसदेव अरण्य के जंगल में पेड़ों की कटाई जारी है। राज्यपाल से लेकर विधानसभा तक ने, हसदेव अरण्य में कोयला खदानों पर रोक लगाने की बात कही…
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से के 70 हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हसदेव अरण्य के जंगल में पेड़ों की कटाई जारी है।। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल
जमुई के गरही थाना में लगभग दो दर्जन ऐसे वाहन हैं जो बालू लदे स्थिति में जब्त किये गये हैं। इस थाने में सबसे अधिक मामले बालू के अवैध उत्खनन के अपराध के ही आते हैं। तस्वीर- राहुल सिंह/मोंगाबे 

बिहार में बालू के बढ़ते खनन से बिगड़ती नदियों की सेहत, बढ़ता अपराध सरकार के लिए चुनौती

दक्षिण बिहार के जमुई जिले के आखिरी छोर पर स्थित गरही थाने में तैनात दारोगा प्रभात रंजन 14 नवंबर 2023 को अवैध बालू उठाव की एक गुप्त सूचना के बाद…
जमुई के गरही थाना में लगभग दो दर्जन ऐसे वाहन हैं जो बालू लदे स्थिति में जब्त किये गये हैं। इस थाने में सबसे अधिक मामले बालू के अवैध उत्खनन के अपराध के ही आते हैं। तस्वीर- राहुल सिंह/मोंगाबे 
खेत में किसान। प्रतिकात्मक तस्वीर। तुम्मलापल्ले खदान के पास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि यूरेनियम खदान के टेलिंग तालाब से अपशिष्ट भूजल में मिल रहा है, जिससे फसलों की ग्रोथ पर असर पड़ रहा है। तस्वीर- सूरज मोंडोल/विकिमीडिया कॉमन्स 

यूरेनियम खदानों के पास रहने वाले लोगों ने कहा, प्रदूषण से उनकी सेहत और खेतों पर असर पड़ा

आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कडपा जिले के तुम्मलपल्ले और अन्य गांवों के पास यूरेनियम टेलिंग्स तालाब में यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) द्वारा खनन के संभावित प्रभावों के कारण,…
खेत में किसान। प्रतिकात्मक तस्वीर। तुम्मलापल्ले खदान के पास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि यूरेनियम खदान के टेलिंग तालाब से अपशिष्ट भूजल में मिल रहा है, जिससे फसलों की ग्रोथ पर असर पड़ रहा है। तस्वीर- सूरज मोंडोल/विकिमीडिया कॉमन्स 
हरीशपुर में धंसी हुई सड़क और ढहे हुए घर। तस्वीरें- गीतिका मिश्रा

पश्चिम बंगाल के कोयला खदान के पास रहने वालों का अभी तक पुनर्वास नहीं

जैसे ही आप पश्चिम बंगाल के इस गांव की चौड़ी और टूटी-फूटी हुई सड़क पर चलते हैं, यह साफ हो जाता है कि यहां कुछ विनाशकारी हुआ है। चारों ओर…
हरीशपुर में धंसी हुई सड़क और ढहे हुए घर। तस्वीरें- गीतिका मिश्रा
कृष्णशिला ओपनकास्ट कोयला खदान में खदान श्रमिक। तस्वीर: रोज़हुबविकी, कुबेर पटेल/विकिमीडिया कॉमन्स।

बंद पड़े कोयला बिजली संयंत्रों का अधिग्रहण करना एनटीपीसी के लिए हो सकता है फायदे का सौदा: रिपोर्ट

ऊर्जा बाजारों पर शोध करने वाली संस्था, इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंसियल एनालिसिस (आईईईएफए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) को नए कोयला आधारित थर्मल…
कृष्णशिला ओपनकास्ट कोयला खदान में खदान श्रमिक। तस्वीर: रोज़हुबविकी, कुबेर पटेल/विकिमीडिया कॉमन्स।
लोहरदगा जिला स्थित बगरू हिल पर मौजूद एक बॉक्साइट खदान की तस्वीर। जो खेत खनन के लिए नहीं लिए गए हैं, वह खनन के दौरान निकली धूल व बारिश के दिनों में बहकर आये खदानों के अपशिष्ट से खराब हो जाते हैं। तस्वीर- राहुल सिंह

झारखंड में बॉक्साइट खनन से बंजर होती आदिवासियों की कृषि भूमि, गिरता भूजल स्तर

झारखंड के गुमला जिले में नेतरहाट पठार पर स्थित डुंबरपाठ एक आदिवासी आबादी वाला गांव है। यह गांव चारों ओर से बॉक्साइट की खदानों से घिरा है, जहां भारी मात्रा…
लोहरदगा जिला स्थित बगरू हिल पर मौजूद एक बॉक्साइट खदान की तस्वीर। जो खेत खनन के लिए नहीं लिए गए हैं, वह खनन के दौरान निकली धूल व बारिश के दिनों में बहकर आये खदानों के अपशिष्ट से खराब हो जाते हैं। तस्वीर- राहुल सिंह
[व्याख्या] जस्ट ट्रांजिशन: जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में पीछे छूटते लोगों की वकालत

जस्ट एनर्जी ट्रांजिशन में तेजी: जी-7 के साथ साझेदारी से पहले कोयला श्रमिकों के हितों पर भारत को देना होगा ध्यान

हाल ही में जी-7 देशों ने इंडोनेशिया के साथ एक साझेदारी की घोषणा की है। इसका मकसद जस्ट एनर्जी ट्रांजिशन (just energy transition) में तेजी लाते हुए जीवाश्म ईंधनों से…
[व्याख्या] जस्ट ट्रांजिशन: जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में पीछे छूटते लोगों की वकालत
झारखंड, भारत में रांची जिले में हुंडरू झरने से ली गई एक घाटी। तस्वीर- अजय कुमार/विकिमीडिया कॉमन्स

झारखंड: लैंड बैंक से तैयार हो रही संघर्ष की नई ज़मीन!

इस साल 15 जुलाई को झारखंड में गोंदलपुरा के निवासियों ने हजारीबाग जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर से रखी गई जनसुवाई के दौरान ‘अडानी कंपनी वापस जाओ’  के नारे लगाए।…
झारखंड, भारत में रांची जिले में हुंडरू झरने से ली गई एक घाटी। तस्वीर- अजय कुमार/विकिमीडिया कॉमन्स

जस्ट ट्रांजिशन के बिना झारखंड के खानों में काम कर रहे लाखों लोगों को होगी मुश्किल

बेरमों झारखंड के बोकारो जिले का एक छोटा सा कस्बा है जो प्रदेश के पूर्वी बोकारो कोलफील्ड का एक अंग है। अगर आप रांची से बेरमों के तरफ सड़क मार्ग…
हरियाणा के यमुनानगर में रेत खनन के चलते होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें मीडिया में बनी रहती हैं। तस्वीर- वर्षा सिंह/मोंगाबे

रेत खनन: 16 महीनों में 400 से अधिक मौत, पर्यावरण के साथ जान का भी नुकसान

आमतौर पर नदियों से होने वाले अवैध और अवैज्ञानिक रेत खनन को पर्यावरण और जलीय जीवों पर खतरे के रूप में देखा जाता है। लेकिन इसका एक और स्याह पक्ष…
हरियाणा के यमुनानगर में रेत खनन के चलते होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें मीडिया में बनी रहती हैं। तस्वीर- वर्षा सिंह/मोंगाबे
32 वर्षीय किरण कुमारी, एक दिहाड़ी मजदूर हैं। कहती हैं, “मैं कोयला खनन शुरू होने के बाद विस्थापित हो गयी और एक पुनर्वासित गांव में रहती हूं। यहां वैसे तो एक सिलाई केंद्र है, लेकिन बंद ही रहता है। लोग इसे पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। जब हमारे पास जमीन थी, तो हमें खाने-पीने की चिंता नहीं रहती थी। हम अपना गेहूं खुद उगाते थे। अब मुझे हर दिन काम की तलाश करनी पड़ती है। मैं जल्दी निकल जाती हूं और देर शाम ही घर वापस लौट पाती हूं। हमें अपने गांव में ही कुछ काम मिल जाता तो जीवन थोड़ा आसान रहता। तस्वीर- सैयम खोसला / कार्बन कॉपी

खनन से जुड़े लोग: भविष्य को लेकर बज रही खतरे की घंटी

अंग्रेजी हुकूमत से जुड़े खनन की कहानी में कैनरी पक्षी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उस दौरान इस गाने वाले पक्षी की मदद से यह पता लगाया जाता था कि…
32 वर्षीय किरण कुमारी, एक दिहाड़ी मजदूर हैं। कहती हैं, “मैं कोयला खनन शुरू होने के बाद विस्थापित हो गयी और एक पुनर्वासित गांव में रहती हूं। यहां वैसे तो एक सिलाई केंद्र है, लेकिन बंद ही रहता है। लोग इसे पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। जब हमारे पास जमीन थी, तो हमें खाने-पीने की चिंता नहीं रहती थी। हम अपना गेहूं खुद उगाते थे। अब मुझे हर दिन काम की तलाश करनी पड़ती है। मैं जल्दी निकल जाती हूं और देर शाम ही घर वापस लौट पाती हूं। हमें अपने गांव में ही कुछ काम मिल जाता तो जीवन थोड़ा आसान रहता। तस्वीर- सैयम खोसला / कार्बन कॉपी

कोयला संकट से उजागर होती ऊर्जा क्षेत्र की कुछ बड़ी खामियां

शशांक पाठक झारखंड के रांची शहर में एक फोटोकॉपी की दुकान चलाते हैं। शहर के कोकर इलाके में स्थित उनकी दुकान की आमदनी सीधे बिजली पर निर्भर है। पिछले कुछ…
रोरो गांव के लोग खेती के अलावा जंगल के उत्पाद जैसे महुआ आदि पर निर्भर हैं। तस्वीर- मनीष कुमार/मोंगाबे

एसबेस्टस खनन के बंद होने के 39 साल बाद भी क्यों हो रहें हैं झारखंड के आदिवासी बीमार

मोहन सूंडी झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के रोरो गांव के रहने वाले 35 वर्षीय युवक हैं। केरल के एक थिएटर में काम करते हैं और महीने भर पहले अपने…
रोरो गांव के लोग खेती के अलावा जंगल के उत्पाद जैसे महुआ आदि पर निर्भर हैं। तस्वीर- मनीष कुमार/मोंगाबे
गुरुग्राम, हरियाणा में एक निर्माण स्थल पर काम करती महिलाएं। प्रतिकात्मक तस्वीर- माइकल कैनन/विकिमीडिया कॉमन्स

अवैध खनन से विनाश की तरफ अरावली के अरण्य, हरियाणा सरकार मूकदर्शक

हरियाणा में खनन के दौरान पांच लोगों की मौत ने अरावली पर्वतमाला में अवैध खनन को फिर चर्चा में ला दिया है। इस साल जनवरी में भिवानी जिले के तोशाम…
गुरुग्राम, हरियाणा में एक निर्माण स्थल पर काम करती महिलाएं। प्रतिकात्मक तस्वीर- माइकल कैनन/विकिमीडिया कॉमन्स
रांची और रामगढ जिले के बीच सिकदिरी घाटी में सड़क किनारे ऐसे बोर्ड लगे हुए हैं। तस्वीर- राहुल सिंह

झारखंड: खनन से हाथियों का गमन क्षेत्र हो रहा बाधित, बढ़ रही है सबकी मुश्किल

झारखंड के चेड़गा उरांव अब इस दुनिया में नहीं हैं। 55 साल के उरांव 9 नवंबर, 2021 को गुमला जिले के रायकेरा गांव के अपने घर से धान कटाई की…
रांची और रामगढ जिले के बीच सिकदिरी घाटी में सड़क किनारे ऐसे बोर्ड लगे हुए हैं। तस्वीर- राहुल सिंह
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बैलाडीला लौह अयस्क खदानों का एक दृश्य। तस्वीर- सुरेश यादव

छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क के खनन के लिए जंगलों की कटाई

छत्तीसगढ़ में एक बड़े हिस्से में जंगल है जो न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर की आबोहवा के लिए जरूरी है। पर राज्य में लौह अयस्क का प्रचूर भंडार भी…
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बैलाडीला लौह अयस्क खदानों का एक दृश्य। तस्वीर- सुरेश यादव
ग्राम सभा की बैठक के दौरान ग्रामीण और सुरक्षाबल। तस्वीर- राजाराम सुंदरेसन

ओडिशा: बॉक्साइट खनन को लेकर पुलिस तंत्र के साये में ग्राम सभा, आदिवासियों में रोष

मणिमा पटनायक एक आदिवासी समाज की महिला हैं जो कई वर्षो से माली पर्वत के नीचे स्थित अपने गांव मे अपने परिवार के साथ रहती हैं। पिछले महीने, नवम्बर 22…
ग्राम सभा की बैठक के दौरान ग्रामीण और सुरक्षाबल। तस्वीर- राजाराम सुंदरेसन
खनन के खिलाफ स्वदेशी समुदायों के सदस्यों के लिए कला का इस्तेमाल एक सशक्त हथियार है। तस्वीर- अमोल के. पाटिल। कॉपीराइट © प्रभाकर पचपुते, कोलकाता।

गांव छोड़ब नहीं: खनन से जुड़े प्रतिरोध में कला के सहारे बुलंद होती आवाज

“आगे मशीनीकरण के राज, जुच्छा कर देही सबके हाथ, बेरोजगारी हे अइसे बाढ़े हे, अउ आघु बढ़ जाही रे, मेहनतकश जनता हा, बिन मौत मारे जाही रे, फिर होही अनर्थ…
खनन के खिलाफ स्वदेशी समुदायों के सदस्यों के लिए कला का इस्तेमाल एक सशक्त हथियार है। तस्वीर- अमोल के. पाटिल। कॉपीराइट © प्रभाकर पचपुते, कोलकाता।
कश्मीर में खननः [वीडियो] नदी किनारे खनन से संकट में कश्मीर की मछलियां

[वीडियो] नदी किनारे खनन से संकट में कश्मीर की मछलियां

कश्मीर की मीठे पानी की धाराओं में जलीय जीवन खतरे में है। इसकी वजह है-बेतहाशा खनन। झेलम नदी और उसकी सहायक नदियों में बजरी, बोल्डर और रेत निकालने के लिए…
कश्मीर में खननः [वीडियो] नदी किनारे खनन से संकट में कश्मीर की मछलियां
गड़वा पहाड़ी और गंगा। उत्खनन के कारण पहाड़ के धूलकण के पानी में धूल गंगा में जाने से नदी प्रदूषित हो रही है। तस्वीर- राहुल सिंह

झारखंड: पत्थर उत्खनन से राजमहल की पहाड़ी के साथ आदिम जनजाति का अस्तित्व संकट में

रामू मालतो (बदला हुआ नाम) को यह पता नहीं कि लगातार हो रहे पत्थर उत्खनन के कारण छोटा पचरुखी पहाड़ पर स्थित उनके गांव का अस्तित्व कितने सालों तक कायम…
गड़वा पहाड़ी और गंगा। उत्खनन के कारण पहाड़ के धूलकण के पानी में धूल गंगा में जाने से नदी प्रदूषित हो रही है। तस्वीर- राहुल सिंह
खनन के बाद बाजार में भेजने के तैयार क्ले। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से इसे देश के कई हिस्सो में भेजा जाता है। इस खनिज का इस्तेमाल सीमेंट, सिरेमिक, प्लास्टिक, पेंट और कई अन्य उत्पाद बनाने में किया जाता है। तस्वीर- सुभ्रजीत सेन

[वीडियो] पश्चिम बंगाल: सफेद क्ले का काला संसार

पांच लोगों के परिवार में अकेले कमाने वाले 30 वर्षीय रबी बागडी पश्चिम बंगाल के काबिलपुर गांव के रहने वाले हैं। हर रोज काम के लिए वे घर से तीन…
खनन के बाद बाजार में भेजने के तैयार क्ले। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से इसे देश के कई हिस्सो में भेजा जाता है। इस खनिज का इस्तेमाल सीमेंट, सिरेमिक, प्लास्टिक, पेंट और कई अन्य उत्पाद बनाने में किया जाता है। तस्वीर- सुभ्रजीत सेन
असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य से अधिक जैवविविधता मांगर बानी के असंरक्षित जंगल में पाई गई है। तस्वीर- संशेय विश्वास और मैनो वर्चोट।

[वीडियो] देश की राजधानी से सटा ऐसा जंगल जिसे सैकड़ों साल से बचा रहे स्थानीय लोग

अरावली की पहाड़ियों में बसा हरियाणा का मांगर गांव इन दिनों चर्चा में है। चर्चा यहां के कंदराओं में मिले पाषाणकालीन पेंटिंग की हो रही है जिसे हाल ही में…
असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य से अधिक जैवविविधता मांगर बानी के असंरक्षित जंगल में पाई गई है। तस्वीर- संशेय विश्वास और मैनो वर्चोट।
हीरे की खातिर दाव पर बुंदेलखंड का बकस्वाहा जंगल, विरोध में आए लोग

[वीडियो] हीरे की खातिर दाव पर बुंदेलखंड का बकस्वाहा जंगल, विरोध में आए लोग

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का बकस्वाहा जंगल चर्चा में है। इसकी वजह है इस जंगल की कोख में दबा करोड़ों कैरेट हीरा और इसके खनन का हो रहा विरोध।…
हीरे की खातिर दाव पर बुंदेलखंड का बकस्वाहा जंगल, विरोध में आए लोग
[वीडियो] खनन का दंश झेल रही महिलाएं पर इसकी चर्चा तक नहीं होती

[वीडियो] खनन का दंश झेल रही महिलाएं पर इसकी चर्चा तक नहीं होती

यह जगजाहिर है कि खनन की वजह से जमीन का ह्रास, रोजगार का संकट और जैव-विविधता पर बुरा असर हो रहा है। पर आस-पास रहने वाली महिलाएं भी इससे बुरी…
[वीडियो] खनन का दंश झेल रही महिलाएं पर इसकी चर्चा तक नहीं होती
झारखंड में कोयला खदान से तहस-नहस हुई जमीन को वापस संवारने की कोशिश

[वीडियो] झारखंड: कोयला खदान से बर्बाद हुई जमीन के सुधार से सुधरी कई परिवारों की जिंदगी

बीते कुछ वर्षों में झारखंड के चतरा जिले की बेंती गांव निवासी कठपुतली देवी का जीवन बदला है। कुछ महीनों पहले तक गांव के समीप पिपरवार कोयला खदान की वजह…
झारखंड में कोयला खदान से तहस-नहस हुई जमीन को वापस संवारने की कोशिश

[कमेंट्री] स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य: सिर्फ मंजिल नहीं रास्तों की भी करनी होगी परवाह

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के पदभार संभालने के बाद, जलवायु परिवर्तन भारत और अमरीका के संबंधों के बीच फिर से एक धुरी बनकर उभर रहा है। चतुर्भुज सुरक्षा संवाद…
पन्ना के हीरा खदान में रामप्यारे मिट्टी से सने कंकड़ों को धो रहे हैं। इन्हीं कंकड़ों में से हीरा मिलने की संभावना रहती है। तस्वीर- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी

[वीडियो] पन्ना के हीरा खदानों से निकलती बेरोजगारी, गरीबी और कुपोषण

जनवरी में पड़ने वाली सर्दी की एक ढलती हुई शाम जब कुसुम बाई (बदला हुआ नाम) अपने कच्चे घर के बाहर चारपाई पर बैठी हुई हैं। पन्ना जिले के कल्याणपुर…
पन्ना के हीरा खदान में रामप्यारे मिट्टी से सने कंकड़ों को धो रहे हैं। इन्हीं कंकड़ों में से हीरा मिलने की संभावना रहती है। तस्वीर- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी
बैनर तस्वीर- कमला भील के पति सिलिकोसिस बीमारी की वजह से नहीं रहे। अब उनका बेटा भी इसी बीमारी से जूझ रहा है। तस्वीर- एमएलपीसी

खनन ने लील लिया परिवार पर पापी पेट की वजह से खदान में वापस आने को मजबूर हैं महिलाएं

“इसके सिवा मेरे पास रास्ता क्या है! मेरे चार बेटे भी जानते थे कि खदानों में काम करने से सिलिकोसिस जैसी बीमारी होगी। फिर भी वो यहां काम करते रहे।…
बैनर तस्वीर- कमला भील के पति सिलिकोसिस बीमारी की वजह से नहीं रहे। अब उनका बेटा भी इसी बीमारी से जूझ रहा है। तस्वीर- एमएलपीसी
झामरकोटरा के इस खदान से फॉस्फेट निकाला जाता है। इसकी वजह से ग्रामीणों की जिंदगी तबाह हो गई है। फोटो- सोहैल खान

पौधों में जान डालने वाले फॉस्फेट के खदानों ने गांव के गांव कर दिए तबाह

सिंचाई की व्यवस्था होने के बावजूद अगर फसल सूखने या मुरझाने लगे तो परेशान किसान को बताया जाता है कि मिट्टी में फॉस्फोरस की कमी हो गई है। फिर किसान…
झामरकोटरा के इस खदान से फॉस्फेट निकाला जाता है। इसकी वजह से ग्रामीणों की जिंदगी तबाह हो गई है। फोटो- सोहैल खान