जैव विविधता खबरें

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35 खबरें

ओडिशा के तट पर ज्यादातर मादा कछुए ही क्यों पैदा हो रहे हैं

दक्कन में गिद्ध कम अंडे क्यों दे रहे हैं?

जलवायु बदलाव से निपटने की योजनाओं के लिए पर्याप्त पैसा नहीं, UNEP की नई रिपोर्ट

दुनिया को चलाने वाले छोटे-छोटे कीटों के लिए अनोखा रिसर्च सेंटर

ग्रेट निकोबार – कहानी विश्वासघात की”: विकास की चकाचौंध में छिपा पर्यावरणीय खतरा [पुस्तक समीक्षा]

सौर पार्कों में खरपतवार नाशक दवाओं का बढ़ता इस्तेमाल, लंबे समय में सेहत पर डाल सकता है असर

संरक्षित क्षेत्रों के बाहर फल-फूल रहे काले हिरण, घास के मैदानों को बचाने पर जोर

एआई और सैटेलाइट डेटा से जंगलों की कटाई की वजहें सामने आईं

किसानों का मित्र मद्रास हेजहॉग, लेकिन घटती संख्या बढ़ा रही चिंता

कृत्रिम रीफ के जरिए समुद्री जीवन को बचाने का प्रयास

उत्तरप्रदेश के वेटलैंड में पक्षियों की आबादी पर अध्ययन, अतिक्रमण से जूझ रहे पक्षी आवासों को बचाने की कवायद

मेघालय में झाड़ू घास की खेती से झूम परंपरा और जैव विविधता संकट में

हिम तेंदुओं की बढ़ रही तादाद, सर्वे से जगी उम्मीद

[वीडियो] अरुणाचल में सौ साल पुराने ब्रिटिश आर्मी के रूट पर मिला प्रकृति का खजाना

स्थानीय सहयोग से एक सहायक नदी को फिर से जीवित करने की कहानी

मिलिए हिमालय के इस नए सांप से, हॉलीवुड अभिनेता लियोनार्डो डिकैप्रियो पर नामकरण

प्रकृति के सफाईकर्मी गिद्ध के योगदान का क्या है मोल?

महाराष्ट्र के सिमटते घास के मैदानों के पक्षी कहां गए?

मौसम में बदलाव और जैव विविधता के नुकसान के बीच भारतीय परंपरा को सहेजते जीआई टैग

अरुणाचल में मेंढकों की तीन नई प्रजातियां मिली, आवास के आधार पर रखे गए उनके नाम

भारत के हरित विकास को बढ़ावा देने वाली कंपनियों ने राजनीतिक दलों को दिया करोड़ों का चंदा

संरक्षण के लिए गैर-टिंबर वन उत्पादों के बारे में जानकारी बढ़ाना जरूरी

पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वैश्विक खतरा हैं जैव आक्रमण

[साक्षात्कार] भारत में ग्रासलैंड पॉलिसी की जरूरत पर संरक्षणवादी एम के रंजीतसिंह झाला से बातचीत

पश्चिमी घाट में जैव विविधता बढ़ाने के लिए प्राकृतिक आवासों का संरक्षण ज़रूरी 

जैव-विविधता वित्त और इसकी अहमियत

[कमेंट्री] हिमालय के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में समृद्ध जैव-विविधता के संरक्षण के विविध पहलू

कॉप15: साल 2030 तक 30% जैव-विविधता को बचाने पर भारत का जोर, सहमति बनाना बड़ी चुनौती

जैव-विविधता को सहेजने के लिए सामुदायिक भागीदारी से बढ़ेगा संरक्षित क्षेत्र

भूदान ने बदली ज़िंदगी, बहेलिये बन गए पक्षियों के पैरोकार