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57 खबरें

निकोबार: बोतलों के डिजाइन में बदलाव से कैसे बच सकती है हर्मिट केकड़ों की जान?

एशिया की आखिरी गुफा-निवासी जनजाति पर जलवायु परिवर्तन और आधुनिकता की मार

भारत-नेपाल सीमा पर लाल पांडा को बचाने की मुहिम

वैज्ञानिकों ने बिच्छुओं की प्रजाति से जुड़ी 110 साल पुरानी गलती को सुधारा, एक नई प्रजाति की भी खोज की

अपनी आस्था और प्रकृति की रक्षा के लिए 700 किमी की पदयात्रा, क्या है ‘ओरण बचाओ’ आंदोलन?

बंगाल फ्लोरिकन पक्षी की कम होती आबादी को बचाने के लिए कम्बोडिया से सीख लेता नेपाल

मैंग्रोव कितने प्रभावी हैं? तमिलनाडु के अध्ययन ने तटीय जोखिम घटने के संकेत दिए

डीएनए आधारित तकनीक से मिला देश में हाथियों की जनसंख्या का नया अनुमान

छत्तीसगढ़ में गुफा संरक्षण पर टकराव, ग्रीन गुफा बनेगी पर्यटन स्थल या वैज्ञानिक धरोहर?

मणिपुर की जीवनरेखा लोकटक झील क्यों हो रही है बीमार?

जहां इंसानी दखल नहीं, वहां भी घट रहे पक्षी, स्टडी ने बढ़ाई जलवायु चिंता

पोखरा एयरपोर्ट पर एक पक्षी विज्ञानी का पहरा, गिद्धों और विमानों को बचाने की जद्दोजहद

असम का रामसर वेटलैंड संकट में, शैवाल के बढ़ते प्रकोप से मछलियां और आजीविका प्रभावित

अरुणाचल में खोजा गया विशाल फंगस, इतना मजबूत कि इंसान भी बैठ जाए

केरल की पहाड़ियों में सड़क हादसों से 72 प्रजातियों की मौत, समाधान क्या हैं

कोहरा, तेज रफ्तार और लापरवाही, असम में ट्रेन से कुचल गए आठ हाथी

संरक्षित इलाके से बाहर दिखा जंगली कुत्ता, पुणे के जंगलों से जुड़ी बड़ी चेतावनी

जंगल तो हैं, पर जंगली कुत्तों के लिए अब काफी नहीं

लक्षद्वीप में बढ़ते पर्यटन के साथ गहरा होता कचरा संकट

अरावली की परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, अधर में लटका है पहाड़ियों का भविष्य

मॉनिटर लिज़र्ड बना फिशिंग कैट का शिकार, बदले हालात की ओर इशारा

रात को दिन बना देने की कीमत चुका रहे हैं इंसान और वन्यजीव

ओडिशा के तट पर ज्यादातर मादा कछुए ही क्यों पैदा हो रहे हैं

दक्कन में गिद्ध कम अंडे क्यों दे रहे हैं?

जलवायु बदलाव से निपटने की योजनाओं के लिए पर्याप्त पैसा नहीं, UNEP की नई रिपोर्ट

दुनिया को चलाने वाले छोटे-छोटे कीटों के लिए अनोखा रिसर्च सेंटर

ग्रेट निकोबार – कहानी विश्वासघात की”: विकास की चकाचौंध में छिपा पर्यावरणीय खतरा [पुस्तक समीक्षा]

सौर पार्कों में खरपतवार नाशक दवाओं का बढ़ता इस्तेमाल, लंबे समय में सेहत पर डाल सकता है असर

संरक्षित क्षेत्रों के बाहर फल-फूल रहे काले हिरण, घास के मैदानों को बचाने पर जोर

एआई और सैटेलाइट डेटा से जंगलों की कटाई की वजहें सामने आईं