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अपने खेतों में काम करते हुए मोनपा जनजाति के कुछ लोग। तस्वीर- सुरजीत शर्मा/मोंगाबे 

[वीडियो] क्या अरुणाचल के बढ़ते बिजली संकट को हल कर पाएंगी पारंपरिक पनचक्कियां

रूपा बौद्ध मठ में काफी चहल पहल है। उत्तर पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले के रूपा उप-मंडल में रहने वाली एक प्रमुख जनजाति शेरटुकपेन अपने सबसे लोकप्रिय…
अपने खेतों में काम करते हुए मोनपा जनजाति के कुछ लोग। तस्वीर- सुरजीत शर्मा/मोंगाबे 
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से के 70 हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हसदेव अरण्य के जंगल में पेड़ों की कटाई जारी है।। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल

हसदेव अरण्य: विधानसभा के संकल्प, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे के बावजूद बढ़ता कोयला खनन

छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित हसदेव अरण्य के जंगल में पेड़ों की कटाई जारी है। राज्यपाल से लेकर विधानसभा तक ने, हसदेव अरण्य में कोयला खदानों पर रोक लगाने की बात कही…
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से के 70 हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हसदेव अरण्य के जंगल में पेड़ों की कटाई जारी है।। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल
भारत में एक आवास परिसर में लगी कुछ एयर कंडीशनिंग यूनिट। तस्वीर- डेविड ब्रॉसार्ड/विकिमीडिया कॉमन्स

मांग पूरी करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा में तीन गुना निवेश करने की जरूरत: रिपोर्ट

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) की ओर से हाल ही में जारी वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले तीन दशकों में दुनिया के हर देश और क्षेत्र…
भारत में एक आवास परिसर में लगी कुछ एयर कंडीशनिंग यूनिट। तस्वीर- डेविड ब्रॉसार्ड/विकिमीडिया कॉमन्स
एन्नोर में मछुआरों के नौ गांवों के 2,000 से ज्यादा मछुआरे दिसंबर की शुरुआत से पास की कोसस्थलैयार नदी, एन्नोर क्रीक और बंगाल की खाड़ी में नहीं गए हैं। तस्वीर - लास्या शेखर/मोंगाबे।

तेल रिसने से मछली पकड़ने का काम बंद, एन्नोर में मछुआरों पर आजीविका का संकट

कड़ाके की ठंड वाले दिसंबर की 21 तारीख की शाम को 38 साल के मछुआरे एम संतोष कुमार ने कातर नजरों से कोसस्थलैयार नदी का सामना किया। नदी चेन्नई शहर…
एन्नोर में मछुआरों के नौ गांवों के 2,000 से ज्यादा मछुआरे दिसंबर की शुरुआत से पास की कोसस्थलैयार नदी, एन्नोर क्रीक और बंगाल की खाड़ी में नहीं गए हैं। तस्वीर - लास्या शेखर/मोंगाबे।
प्रतीकात्मक इमेज। बरोसा वैली, एसए, ऑस्ट्रेलिया में एक लिथियम खदान। तस्वीर- डियोन बीटसन/अनस्प्लैश

स्वच्छ ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण खनिजों का पता लगाने की योजना पर आगे बढ़ा भारत

भारत सरकार ने 30 महत्वपूर्ण खनिजों की पहचान के दो महीने बाद, प्रमुख खनन कानून ‘खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023’ में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया…
प्रतीकात्मक इमेज। बरोसा वैली, एसए, ऑस्ट्रेलिया में एक लिथियम खदान। तस्वीर- डियोन बीटसन/अनस्प्लैश

[वीडियो] बिहार में अक्षय ऊर्जा की रफ्तार को धीमी करती जमीन की कमी, क्या रूफटॉप सोलर हो सकता है समाधान

इंवर्टर बल्ब, यानी बिजली जाने के बाद भी यह बल्ब तीन-चार घंटे तक रोशनी दे सकती है। सविता कुमारी की छोटी सी दुकान पर बिजली के दर्जनों उपकरणों में से…

वाराणसी में सौर ऊर्जा से बुनकरी के पेशे में जागती उम्मीद, लेकिन अभी लंबा सफर बाकी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विश्व-प्रसिद्द बनारसी साड़ी बनाने वाले कई बुनकरों की तरह ही उनत्तिस साल के उबैद अहमद भी बिजली की अपर्यात आपूर्ति और बेवक्त कटौती को लेकर…
जापान के नारिता हवाई अड्डे पर लगे सौर पैनल। प्रतिकात्मक तस्वीर। सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने वाले हवाई अड्डों को एक चुनौती का सामना करना पड़ता है क्योंकि सौर पैनलों से निकलने वाली चमक पायलटों के लिए फ्लैश ब्लाइंडनेस और कुछ देर तक दिखाई न देने जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। तस्वीर-ताकाशी एम/फ्लिकर

सौर पैनलों से चौंध का खतरा, स्वच्छ ऊर्जा की ओर रुख करने वाले हवाई अड्डों के लिए सुरक्षा की चिंता

मार्च की शुरूआत में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने घोषणा की थी कि वह 2024 तक अपने सभी हवाई अड्डों पर 100 फीसदी नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल करने लगेगा।…
जापान के नारिता हवाई अड्डे पर लगे सौर पैनल। प्रतिकात्मक तस्वीर। सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने वाले हवाई अड्डों को एक चुनौती का सामना करना पड़ता है क्योंकि सौर पैनलों से निकलने वाली चमक पायलटों के लिए फ्लैश ब्लाइंडनेस और कुछ देर तक दिखाई न देने जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। तस्वीर-ताकाशी एम/फ्लिकर
खेत में किसान। प्रतिकात्मक तस्वीर। तुम्मलापल्ले खदान के पास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि यूरेनियम खदान के टेलिंग तालाब से अपशिष्ट भूजल में मिल रहा है, जिससे फसलों की ग्रोथ पर असर पड़ रहा है। तस्वीर- सूरज मोंडोल/विकिमीडिया कॉमन्स 

यूरेनियम खदानों के पास रहने वाले लोगों ने कहा, प्रदूषण से उनकी सेहत और खेतों पर असर पड़ा

आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कडपा जिले के तुम्मलपल्ले और अन्य गांवों के पास यूरेनियम टेलिंग्स तालाब में यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) द्वारा खनन के संभावित प्रभावों के कारण,…
खेत में किसान। प्रतिकात्मक तस्वीर। तुम्मलापल्ले खदान के पास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि यूरेनियम खदान के टेलिंग तालाब से अपशिष्ट भूजल में मिल रहा है, जिससे फसलों की ग्रोथ पर असर पड़ रहा है। तस्वीर- सूरज मोंडोल/विकिमीडिया कॉमन्स 
चैनपुरा गांव में अपना खेत दिखाते मनोज कुमार। तस्वीर-पारुल कुलश्रेष्ठ/मोंगाबे 

घटते भूजल के कारण राजस्थान के किसानों के लिए सोलर पंप का इस्तेमाल कर पाना हुआ मुश्किल

इस साल जून में जैसे ही तापमान बढ़ा, राजस्थान के झुंझुनू जिले के बदनगढ़ गांव में रहने वाले 69 साल के किसान जमन सिंह सैनी की मुसीबतें भी बढ़ने लगीं…
चैनपुरा गांव में अपना खेत दिखाते मनोज कुमार। तस्वीर-पारुल कुलश्रेष्ठ/मोंगाबे 
डॉ. अजय माथुर, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के महानिदेशक। तस्वीर- अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए)

[साक्षात्कार] सौर क्षेत्र में निवेश का झुकाव चीन और ओईसीडी देशों की ओर है: आईएसए प्रमुख अजय माथुर

भारत के ऊर्जा परिवर्तन में सौर ऊर्जा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिछले दशक में, सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी) की संचयी वैश्विक क्षमता लगभग 942 गीगावॉट तक पहुंच गई है। लेकिन…
डॉ. अजय माथुर, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के महानिदेशक। तस्वीर- अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए)
छत पर सौर प्रणाली स्थापित करने वाले कार्यकर्ता की एक प्रतिनिधि छवि। तस्वीर- ट्रिन ट्रॅन/पेक्सल्स।

[टिप्पणी] भारत के सबसे दक्षिणी जिले में एक परिवार के सौर ऊर्जा अपनाने की कहानी

भारत की भौगोलिक स्थिति उष्ण कटिबंध में है। मानसून के मौसम के कुछ दिनों को छोड़कर, सूरज पूरे साल चमकता रहता है। अनुमान के मुताबिक, भारत को सालाना लगभग 3000…
छत पर सौर प्रणाली स्थापित करने वाले कार्यकर्ता की एक प्रतिनिधि छवि। तस्वीर- ट्रिन ट्रॅन/पेक्सल्स।
तमिलनाडु में पवन टरबाइन और ट्रांसमिशन नेटवर्क। आरएमआई की रिपोर्ट के मुताबिक, डिस्कॉम के लंबे समय के लिए किए गए विद्युत खरीद अनुबंध उन्हें नवीकरणीय ऊर्जा की घटती उत्पादन लागत का पूरा लाभ उठाने से रोकते हैं। तस्वीर -प्रियंका शंकर/मोंगाबे 

राष्ट्रीय विद्युत योजना: अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़ने का अनुमान, कोयले पर निर्भरता रहेगी जारी

भारत की राष्ट्रीय विद्युत योजना (एनईपी) के अनुमान के अनुसार, देश साल 2026-27 तक अपनी कुल ऊर्जा क्षमता का लगभग 55% स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल कर लेगा। यदि यह…
तमिलनाडु में पवन टरबाइन और ट्रांसमिशन नेटवर्क। आरएमआई की रिपोर्ट के मुताबिक, डिस्कॉम के लंबे समय के लिए किए गए विद्युत खरीद अनुबंध उन्हें नवीकरणीय ऊर्जा की घटती उत्पादन लागत का पूरा लाभ उठाने से रोकते हैं। तस्वीर -प्रियंका शंकर/मोंगाबे 

[टिप्पणी] आरबीआई की रिपोर्ट भविष्य में भारत की निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था की कल्पना करती है

साल 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन हासिल करने का भारत का लक्ष्य नीति निर्माताओं के लिए वित्तीय प्रणाली के संभावित जोखिमों और आवश्यक नीति सुधारों के संबंध में महत्वपूर्ण प्रश्न…
काम पर एक बेलर मशीन। पीईडीए के अनुसार, पंजाब में 42 नियोजित सीबीजी संयंत्रों में सालाना 17 लाख टन पराली का इस्तेमाल करके हर दिन 495 टन सीबीजी का उत्पादन किया जाएगा। तस्वीर- रवलीन कौर/मोंगाबे।

[वीडियो] पराली से बायोगैस बनाना वायु प्रदूषण से निपटने का उम्दा विकल्प, लेकिन सामने हैं कई बाधाएं

साल 2022 में नवंबर के शुरुआती दिनों की एक शाम। पंजाब के संगरूर जिले की ये शाम पिछले कई सालों के मुकाबले बहुत अलग थी। आसमान साफ था। हवा में…
काम पर एक बेलर मशीन। पीईडीए के अनुसार, पंजाब में 42 नियोजित सीबीजी संयंत्रों में सालाना 17 लाख टन पराली का इस्तेमाल करके हर दिन 495 टन सीबीजी का उत्पादन किया जाएगा। तस्वीर- रवलीन कौर/मोंगाबे।

आर्थिक विकास और वित्तीय स्थिरता पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की जांच करती आरबीआई की रिपोर्ट

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2022-23 के लिए मुद्रा और वित्त रिपोर्ट (आरसीएफ) में मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन पर ध्यान दिया है। यह भारत में केंद्रीय बैंकिंग और व्यापक…
भारत में किसान धान की फसल लेने के बाद पराली को इस तरह जलाते हैं। इसकी वजह से भी प्रदूषण में काफी बढ़ोतरी होती है। फोटो- नील पाल्मर (सीआईएटी)/ विकिमीडिया कॉमन्स

पंजाब के धुंए के पीछे छुपी मध्य प्रदेश की बढ़ती पराली जलाने की समस्या

मध्य प्रदेश गेहूं उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर आता है, यह बात प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। लेकिन इसके साथ ही मध्य प्रदेश अब फसल अवशेषों…
भारत में किसान धान की फसल लेने के बाद पराली को इस तरह जलाते हैं। इसकी वजह से भी प्रदूषण में काफी बढ़ोतरी होती है। फोटो- नील पाल्मर (सीआईएटी)/ विकिमीडिया कॉमन्स
तमिलनाडु के कोल्ली हिल्स में किसान हाथ से धान निकाल रहे हैं। अध्ययन से पता चलता है कि फसल के अवशेषों को जलाना, इनसे निपटने का आसान और कम लागत वाला तरीका है। तस्वीर- पी जेगनाथन/विकिमीडिया कॉमन्स

फसल अवशेषों के अनुमान के साथ आसान हो सकेगा बायो ऊर्जा उत्पादन: रिपोर्ट

हाल ही मे हुए एक अध्ययन में दावा किया गया है कि फसलों के अवशेषों से बायो ऊर्जा का उत्पादन करने की भारत की क्षमता पहले के अनुमान से कम…
तमिलनाडु के कोल्ली हिल्स में किसान हाथ से धान निकाल रहे हैं। अध्ययन से पता चलता है कि फसल के अवशेषों को जलाना, इनसे निपटने का आसान और कम लागत वाला तरीका है। तस्वीर- पी जेगनाथन/विकिमीडिया कॉमन्स
कृष्णशिला ओपनकास्ट कोयला खदान में खदान श्रमिक। तस्वीर: रोज़हुबविकी, कुबेर पटेल/विकिमीडिया कॉमन्स।

बंद पड़े कोयला बिजली संयंत्रों का अधिग्रहण करना एनटीपीसी के लिए हो सकता है फायदे का सौदा: रिपोर्ट

ऊर्जा बाजारों पर शोध करने वाली संस्था, इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंसियल एनालिसिस (आईईईएफए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) को नए कोयला आधारित थर्मल…
कृष्णशिला ओपनकास्ट कोयला खदान में खदान श्रमिक। तस्वीर: रोज़हुबविकी, कुबेर पटेल/विकिमीडिया कॉमन्स।
धिनकिया में पोस्को के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (2017 से पहले)। जेएसडब्ल्यू परियोजना के लिए भूमि पहले दक्षिण कोरियाई इस्पात प्रमुख पोस्को की परियोजना के लिए ली गई थी। समुदायों के एक दशक लंबे विरोध के चलते साल 2017 में पोस्को ने अपने कदम पीछे खींच लिए थे। तस्वीर - विशेष व्यवस्था के तहत।

ओडिशा में जेएसडबल्यू के प्रोजेक्ट पर एनजीटी ने लगाई रोक, प्रदर्शनकारियों को राहत

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के पारादीप बंदरगाह पर जिंदल स्टील वर्क्स की सहायक कंपनी जेएसडब्ल्यू उत्कल की परियोजना को दी गई पर्यावरण मंजूरी (ईसी/EC) पर…
धिनकिया में पोस्को के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (2017 से पहले)। जेएसडब्ल्यू परियोजना के लिए भूमि पहले दक्षिण कोरियाई इस्पात प्रमुख पोस्को की परियोजना के लिए ली गई थी। समुदायों के एक दशक लंबे विरोध के चलते साल 2017 में पोस्को ने अपने कदम पीछे खींच लिए थे। तस्वीर - विशेष व्यवस्था के तहत।
चूंकि नहरें दूरदराज के इलाकों तक पहुंचती हैं, इसलिए उन इलाकों में किसानों को सिंचाई पंप चलाने के लिए बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। तस्वीर- रवलीन कौर/मोंगाबे।

[वीडियो] नहरों के ऊपर सोलर पैनल: पर्यावरण के लिए अच्छा लेकिन मुनाफे का सौदा नहीं

गुजरात के मेहसाणा जिले में यात्रा करते हुए जैसे ही कोई मुड़ता है, पीले लैंडस्केप में नीले रंग की एक लकीर दिखती है। धूल की सूखी गंध व्यक्ति को आगे…
चूंकि नहरें दूरदराज के इलाकों तक पहुंचती हैं, इसलिए उन इलाकों में किसानों को सिंचाई पंप चलाने के लिए बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। तस्वीर- रवलीन कौर/मोंगाबे।
बेल्लारी के निवासी जिले के एक नए सोलर पार्क के सामने से गुजरते हुए। तस्वीर - प्रणव कुमार/मोंगाबे।

[वीडियो] कौशल की कमी से नवीन ऊर्जा सेक्टर में काम पाने में पिछड़ रहे बेल्लारी के पूर्व खदान मजदूर

कर्नाटक में बेल्लारी जिले के सेंडूर तालुका का रणजीतपुर गांव लौह-अयस्क खनन के लिए जाना जाता रहा है। यहां रहने वाले 40 वर्षीय पूर्व खदान मजदूर ए. यारीस्वामी इस क्षेत्र…
बेल्लारी के निवासी जिले के एक नए सोलर पार्क के सामने से गुजरते हुए। तस्वीर - प्रणव कुमार/मोंगाबे।
खेतों को अगली फसल के लिए तैयार करने के लिए नरवाई में आग लगा देना मिट्टी की सेहत को सबसे नुकसान में डाल देता है, इससे मिट्टी के सूक्ष्म पोषक तत्व ख़तम हो रहे हैं और मिट्टी कि उपजाऊ क्षमता पर बुरा असर पड़ रहा है। तस्वीर- राकेश कुमार मालवीय/मोंगाबे

अब तीसरी फसल के लिए भी पराली जला रहे किसान, मिट्टी के लिए बड़ा खतरा

मध्य प्रदेश गेहूं उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर आता है। यहां के नर्मदापुरम जिले की मिट्टी को एशिया की सबसे उपजाऊ मिट्टी माना जाता है और गेहूं उत्पादन…
खेतों को अगली फसल के लिए तैयार करने के लिए नरवाई में आग लगा देना मिट्टी की सेहत को सबसे नुकसान में डाल देता है, इससे मिट्टी के सूक्ष्म पोषक तत्व ख़तम हो रहे हैं और मिट्टी कि उपजाऊ क्षमता पर बुरा असर पड़ रहा है। तस्वीर- राकेश कुमार मालवीय/मोंगाबे
झारखंड के गोड्डा स्थित अदानी पॉवर (झारखंड) लिमिटेड का 1600 मेगावाट 0का प्लांट। तस्वीर- राहुल सिंह/मोंगाबे

स्वच्छ ऊर्जा निवेश में पिछड़ रहा झारखंड, क्यों नहीं कम हो रही कोयले पर निर्भरता

भारत ग्लास्गो के जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP - 26) में किये अपने स्वच्छ ऊर्जा संकल्प के पहले चरण यानी वर्ष 2030 तक बिजली की आधी जरूरत को अक्षय ऊर्जा से…
झारखंड के गोड्डा स्थित अदानी पॉवर (झारखंड) लिमिटेड का 1600 मेगावाट 0का प्लांट। तस्वीर- राहुल सिंह/मोंगाबे
मध्य प्रदेश में नरसिंहगढ़ के पास एक ओपन पंचायत। 73वें और 74वें संशोधनों के बाद भारत ने 1990 के दशक में प्रभावी स्थानीय शासन सुनिश्चित करने की दिशा में पहला निश्चित कदम उठाया था। तस्वीर- सुयश द्विवेदी/विकिमीडिया कॉमन्स 

राज्य वित्त आयोग की खराब हालत का विकेंद्रीकरण प्रक्रिया पर असर

ठीक 30 साल पहले भारत ने शासन का विकेंद्रीकरण करना शुरू किया और संविधान में संशोधनों के जरिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों को सशक्त बनाया गया। इस…
मध्य प्रदेश में नरसिंहगढ़ के पास एक ओपन पंचायत। 73वें और 74वें संशोधनों के बाद भारत ने 1990 के दशक में प्रभावी स्थानीय शासन सुनिश्चित करने की दिशा में पहला निश्चित कदम उठाया था। तस्वीर- सुयश द्विवेदी/विकिमीडिया कॉमन्स 
चेन्नई सिटीस्केप। तस्वीर- वीटीटीएन/विकिमीडिया कॉमन्स

बिजली का एक केंद्रीकृत बाजार बचत के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा उत्पादकों की भी मदद करेगा: अध्ययन

अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा थिंक टैंक आरएमआई ने हाल ही में अपने एक अध्ययन में महाराष्ट्र और तमिलनाडु में प्रस्तावित ‘सेंट्रलाइज्ड पॉवर मार्केट’ की क्षमता का विश्लेषण किया। उन्हें वितरण कंपनियों…
चेन्नई सिटीस्केप। तस्वीर- वीटीटीएन/विकिमीडिया कॉमन्स
खापरखेड़ा थर्मल पावर स्टेशन। जारी की गई अधिसूचना भारत के ताप विद्युत संयंत्रों को देश के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान देने के लिए बाध्य करती है। तस्वीर- कमोहंकर/ विकिमीडिया कॉमन्स

नए ताप विद्युत संयंत्रों को कैसे प्रभावित करेगा 40% अक्षय ऊर्जा का नया नियम

ऊर्जा मंत्रालय (MoP) ने ऊर्जा उत्पादकों के लिए 27 फरवरी को 'रिन्यूएबल जेनरेशन ऑब्लिगेशन (आरजीओ)' की एक नई अवधारणा पेश करते हुए एक अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के मुताबिक, किसी…
खापरखेड़ा थर्मल पावर स्टेशन। जारी की गई अधिसूचना भारत के ताप विद्युत संयंत्रों को देश के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान देने के लिए बाध्य करती है। तस्वीर- कमोहंकर/ विकिमीडिया कॉमन्स
दिबांग नदी। एटालिन परियोजना विवादास्पद रही है क्योंकि इसकी योजना जैव विविधता समृद्ध क्षेत्र में बनाई गई है। तस्वीर- अनु बोरा/विकिमीडिया कॉमन्स

मंजूरी नहीं मिलने से अटकी अरुणाचल की एटालिन पनबिजली परियोजना, खतरे में थे 2.5 लाख पेड़

अरुणाचल प्रदेश के दिबांग नदी घाटी क्षेत्र में पनबिजली परियोजना को लेकर चिंतित पर्यावरणविदों और स्थानीय आबादी को बड़ी राहत मिली है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) की…
दिबांग नदी। एटालिन परियोजना विवादास्पद रही है क्योंकि इसकी योजना जैव विविधता समृद्ध क्षेत्र में बनाई गई है। तस्वीर- अनु बोरा/विकिमीडिया कॉमन्स
बेंगलुरु का एक विहंगम दृश्य। तस्वीर- मनीष कुमार/मोंगाबे

देश में बढ़ रही नेट-ज़ीरो इमारतें लेकिन सरकारी नियमों की कमी से रफ्तार धीमी

कर्नाटक के उडुपी जिले के कुन्दापुरा में बदरिया जुमा 15,000 वर्ग फ़ीट में फैली मस्जिद है। मस्जिद की अन्य लोकप्रिय डिजाइनों के विपरीत इस धार्मिक इमारत का एक अलग रूप…
बेंगलुरु का एक विहंगम दृश्य। तस्वीर- मनीष कुमार/मोंगाबे
ओडिशा के नुआपाड़ा जिलें के खोलीभीतर गाँव में लगा एक विकेंद्रीकित सौर ऊर्जा का एक प्लांट। तस्वीर-मनीष कुमार/मोंगाबे

प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो तो बढ़ सकती है ओडिशा की नवीन ऊर्जा क्षमता

नई दिल्ली के थिंक टैंक इंटरनेशनल फोरम फॉर एन्वायरनमेंट, सस्टेनेबिलिटी एंड टेक्नोलॉजी (iFOREST) ने अपनी हालिया स्टडी में दावा किया है नवीन और नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय ने ओडिशा में सौर…
ओडिशा के नुआपाड़ा जिलें के खोलीभीतर गाँव में लगा एक विकेंद्रीकित सौर ऊर्जा का एक प्लांट। तस्वीर-मनीष कुमार/मोंगाबे