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खास वीडियो जो शोर के बीच सच्चाई दिखाते हैं।

मेघालय के एक स्वास्थ्य केंद्र की छत पर लगे सोलर पैनल। तस्वीर: प्रतीक चक्रवर्ती

मेघालय के पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का सहारा बनी सौर ऊर्जा

Jyoti Thakur, Pratik Chakarborty 8 सितम्बर 2026
जीरा फूल, काले चावल की एक किस्म का खेत। तस्वीर - अश्विनी कुमार शुक्ला।

झारखंड में फिर लौट रही हैं देसी धान की किस्में

Ashwini Kumar Shukla 19 मई 2026
पूर्वी लद्दाख के चांगथांग में चांगपा समुदाय के कैंप में पश्मीना बकरी। इस क्षेत्र में छठी अनुसूची की मांग पशुपालन आधारित जीवन और चरागाहों की रक्षा से जुड़ी है। तस्वीर- मनीष चंद्र मिश्र

लद्दाख में छठी अनुसूची: एक मांग, लेकिन हर क्षेत्र की अलग जरूरत

Shailesh Shrivastava 6 अप्रैल 2026
पूर्ब मेदिनीपुर के बगुरान जलपाई गांव के अजय शीट जो शिवली हैं। शिवली ऐसे लोगों को कहा जाता है जो खजूर के पेड़ से रस जमा करके उससे गुड़ बनाने का काम करते हैं। अब शिवली की संख्या भी घट रही है। तस्वीर – विमल राय/मोगाबे

आखिरी शिवली, खजूर गुड़ और मकर संक्रांति, बदलते मौसम की कहानी

Vishal Kumar Jain 9 जनवरी 2026

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बरनीहाट में एक घर। दोनों तरफ पहाड़ियां, नदी की बंद धाराएं और कम दबाव वाले क्षेत्र से यहां प्रदूषण बढ़ता है। सीमेंट और कोक कारखाने और डिस्टिलरी पर्यावरण उल्लंघन के साथ-साथ प्रदूषण के असर को बढ़ाते हैं।

सांस लेना भी हुआ मुश्किल, असम के बर्नीहाट की कहानी

Nabarun Guha 16 अक्टूबर 2025

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मेघालय के एक स्वास्थ्य केंद्र की छत पर लगे सोलर पैनल। तस्वीर: प्रतीक चक्रवर्ती
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