Cheetah

2022 में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े जाने के लिए तैयार रेडियो कॉलर वाला नामीबियाई चीता। तस्वीर- चीता कंजर्वेशन फंड।

नमी और मौसम के हालात से जूझ रहे कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीते

पिछली तीन मौतें एक महीने से कुछ ज्यादा वक्त के दरम्यान हुईं। इन मौतों की वजह चीतों के रेडियो कॉलर के नीचे घावों में अंडे देने वाले कीड़ों और सेप्टीसीमिया…
2022 में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े जाने के लिए तैयार रेडियो कॉलर वाला नामीबियाई चीता। तस्वीर- चीता कंजर्वेशन फंड।
नामीबिया से भारत लाया गया चीता। सितंबर 2022 में पहली बार 8 चीतों का समूह नामीबिया से भारत आया था। तस्वीर साभार- चीता कंजर्वेशन फंड

पहले आठ महीने में तीन चीतों की मौत, क्या सही दिशा में है भारत का प्रोजेक्ट चीता?

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 9 मई की सुबह पौने 11 बजे अफरातफरी मच गई। वजह थी मॉनिटरिंग टीम ने एक मादा चीते को बाड़े में घायल देखा।…
नामीबिया से भारत लाया गया चीता। सितंबर 2022 में पहली बार 8 चीतों का समूह नामीबिया से भारत आया था। तस्वीर साभार- चीता कंजर्वेशन फंड
लकड़ी के बक्से से झांकती एक मादा चीता। यह चीता भारत आने वाले आठ चीतों में से एक है। तस्वीर- चीता कंजर्वेशन फंड

पृथ्वी के सबसे तेज जानवर चीता के लिए कैसे तैयार हुआ कूनो का जंगल?

कूनो नदी के किनारे बसे सेसईपुरा गांव में इन दिनों अलग किस्म की गहमागहमी है। नदी गांव से होते हुए कूनो पालपुर नेशनल पार्क के भीतर प्रवेश करती है। इसी…
लकड़ी के बक्से से झांकती एक मादा चीता। यह चीता भारत आने वाले आठ चीतों में से एक है। तस्वीर- चीता कंजर्वेशन फंड