Articles by Manish Chandra Mishra

Manish is a journalist currently based in Bhopal, Madhya Pradesh. He has over eight years of experience in mainstream media with noted media houses. He started his career as a reporter with electronic media in 2012 and switched to print later. After working with several newspapers like DB Post, Dainik Bhaskar, Dainik Jagran and Haribhoomi, he took to freelancing in 2019, during which he worked with noted media houses like First Post, Down to Earth, Zenger, Ozy, India Spend, 101 Reporters etc. Hailing from an agricultural family, he feels close to nature and wrote about environmental degradation in Madhya Pradesh extensively in these years. Follow him on Twitter via @hellomishra

बाघिन की मृत्यु के दो दिन बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व के ग्राउंड स्टाफ को चार शावक मिले। इनके पिता ने इनकी देखभाल की इसलिए शावक तंदरुस्त और खेलते हुए नजर आए। तस्वीर- पन्ना टाइगर रिजर्व

[वीडियो] मां की मृत्यु के बाद अनाथ हुए बाघ के बच्चों को मिल रहा पिता का संरक्षण

मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में 6 जून को पी243 नामक एक बाघ ने गाय का शिकार किया। सुबह शिकार के बाद दिन भर बाघ उस इलाके में भटकता रहा…
बाघिन की मृत्यु के दो दिन बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व के ग्राउंड स्टाफ को चार शावक मिले। इनके पिता ने इनकी देखभाल की इसलिए शावक तंदरुस्त और खेलते हुए नजर आए। तस्वीर- पन्ना टाइगर रिजर्व
हीरे की खातिर दाव पर बुंदेलखंड का बकस्वाहा जंगल, विरोध में आए लोग

[वीडियो] हीरे की खातिर दाव पर बुंदेलखंड का बकस्वाहा जंगल, विरोध में आए लोग

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का बकस्वाहा जंगल चर्चा में है। इसकी वजह है इस जंगल की कोख में दबा करोड़ों कैरेट हीरा और इसके खनन का हो रहा विरोध।…
हीरे की खातिर दाव पर बुंदेलखंड का बकस्वाहा जंगल, विरोध में आए लोग
ओडिशा के रायगड़ा के जंगलों में वर्ष 2014 में लगी आग का दृष्य। इस साल भी ओडिशा के सिमलीपाल बायोस्फीयर रिजर्व में लगी आग से मार्च महीने में भारी तबाही मची। तस्वीर- सौरभ चटर्जी/फ्लिकर

साल 2021 वनवासियों पर भारी, कोविड-19 लॉकडाउन के साथ पड़ी जंगल की आग की मार

“जंगल में ऐसी आग इससे पहले कभी नहीं देखी थी। हमारे गांव से 100 मीटर की दूरी पर पेड़-पौधे सब जलते दिख रहे थे। इतना नजदीक कि हम धुएं और…
ओडिशा के रायगड़ा के जंगलों में वर्ष 2014 में लगी आग का दृष्य। इस साल भी ओडिशा के सिमलीपाल बायोस्फीयर रिजर्व में लगी आग से मार्च महीने में भारी तबाही मची। तस्वीर- सौरभ चटर्जी/फ्लिकर
पन्ना के हीरा खदान में रामप्यारे मिट्टी से सने कंकड़ों को धो रहे हैं। इन्हीं कंकड़ों में से हीरा मिलने की संभावना रहती है। तस्वीर- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी

[वीडियो] पन्ना के हीरा खदानों से निकलती बेरोजगारी, गरीबी और कुपोषण

जनवरी में पड़ने वाली सर्दी की एक ढलती हुई शाम जब कुसुम बाई (बदला हुआ नाम) अपने कच्चे घर के बाहर चारपाई पर बैठी हुई हैं। पन्ना जिले के कल्याणपुर…
पन्ना के हीरा खदान में रामप्यारे मिट्टी से सने कंकड़ों को धो रहे हैं। इन्हीं कंकड़ों में से हीरा मिलने की संभावना रहती है। तस्वीर- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी
चंबल सफारी में चौकीदार का काम करने वाले जगदीश इंडियन स्किमर के घोसलों की रक्षा करते हैं। एक दशक पहले इन्होंने घड़ियाल से संरक्षण का काम शुरू किया था। इलस्ट्रेशन- तान्या टिम्बले

अंडों की चौकीदारी: चम्बल के बीहड़ में मेहमान पक्षी को बचाने का संघर्ष

चम्बल के एक गांव जैतपुर से जगदीश जब लाठी, टॉर्च, कलम और डायरी लेकर निकलते हैं तो ऐसा लगता है कि गांव की चौकीदारी करने निकल रहें हैं। कुछ हद…
चंबल सफारी में चौकीदार का काम करने वाले जगदीश इंडियन स्किमर के घोसलों की रक्षा करते हैं। एक दशक पहले इन्होंने घड़ियाल से संरक्षण का काम शुरू किया था। इलस्ट्रेशन- तान्या टिम्बले
दक्षिणपूर्व कर्नाटक में बिलीगिरिंगा पहाड़ी का तेंदुआ। देशभर में कर्नाटक तेंदुए की अनुमानित संख्या (1,783) में दूसरे स्थान पर है। फोटो- उदय किरण/विकिमीडिया कॉमन्स

देश में 60 फीसदी और मध्यप्रदेश में 88 फीसदी बढ़ी तेंदुए की आबादी, इंसानों के साथ संघर्ष रोकना बड़ी चुनौती

आए दिन देश के किसी कोने से तेंदुए के पीछे लाठी-डंडा लेकर दौड़ते लोगों की तस्वीर नजर आती है। कभी पंजाब के खेतों से तो कभी मध्यप्रदेश के किसी रिहायशी…
दक्षिणपूर्व कर्नाटक में बिलीगिरिंगा पहाड़ी का तेंदुआ। देशभर में कर्नाटक तेंदुए की अनुमानित संख्या (1,783) में दूसरे स्थान पर है। फोटो- उदय किरण/विकिमीडिया कॉमन्स
कॉमन क्रो। भोपाल के वन विहार में नेक्टर प्लांट पर तितलियां फूलों का रस लेती हुई नजर आती हैं। फोटो- मोहम्मद खालिक

सुंदरता बनी जी का जंजाल: क्या तितली पार्क बनाने से बचेगा यह जीता-जागता फूल!

क्यारियों में लगे रंग-बिरंगे फूल और उसपर मंडराती अनगिनत तितलियां। एक साथ हजारों तितलियों को उड़ता देखकर लगता है मानो खूबसूरत फूल हवा में तैर रहे हों। यह दृश्य भोपाल…
कॉमन क्रो। भोपाल के वन विहार में नेक्टर प्लांट पर तितलियां फूलों का रस लेती हुई नजर आती हैं। फोटो- मोहम्मद खालिक
जंगल की बीच बसे उमरावन गांव को गाजर घास से चारो तरफ से घेर लिया है। यहां खेलते बच्चों को कई चर्मरोग और त्वचा संबंधी रोग का खतरा है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे हिन्दी

[वीडियो] खेतों के बाद अब जंगलों में भी गाजर घास की घुसपैठ, नहीं रोका तो होगा बड़ा नुकसान

पन्ना टाइगर रिजर्व के घने जंगलों के बीच एक उजड़ चुका गांव हैं उमरावन। विशाल पेड़ों और झाड़ियों के झुरमुट से गुजरता एक पथरीला रास्ता इस गांव को जाता है।…
जंगल की बीच बसे उमरावन गांव को गाजर घास से चारो तरफ से घेर लिया है। यहां खेलते बच्चों को कई चर्मरोग और त्वचा संबंधी रोग का खतरा है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे हिन्दी
कोविड-19 की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के दौरान झिरिया घाट गांव के लोगो ने श्रमदान कर नया कुआं खोदा। फोटो- मनीष चन्द्र मिश्र

मध्यप्रदेश के इस गांव में कुओं के सामने हैंडपंप और बोरवेल फेल, पारंपरिक साधन से सूखे का समाधान

हरियाली ओढ़े विंध्याचल के पर्वत मध्यप्रदेश की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। मध्यप्रदेश के सतना जिले का मझगवां तहसील भी इसी खूबसूरत जंगल के बीच है। यहां के गांवों…
कोविड-19 की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के दौरान झिरिया घाट गांव के लोगो ने श्रमदान कर नया कुआं खोदा। फोटो- मनीष चन्द्र मिश्र
छत्तीसगढ़ की चाय इसी बागान से आती है। यह बागान वन विभाग द्वारा जशपुर के सारूडीह गांव में एक दशक पहले बना था। फोटो- वन विभाग

पेश है छत्तीसगढ़ की चाय, स्वाद-सुगंध में दार्जिलिंग टी के बराबर, लेकिन जलवायु परिवर्तन से चुनौती

चाय पीने वालों की दुनिया में असम या दार्जिलिंग की चाय का नाम ही काफी है। कुछ ऐसा कि बड़ी-बड़ी कंपनियां भी प्रचार में यह बताना नहीं भूलतीं कि उनकी…
छत्तीसगढ़ की चाय इसी बागान से आती है। यह बागान वन विभाग द्वारा जशपुर के सारूडीह गांव में एक दशक पहले बना था। फोटो- वन विभाग