धरनई

धरनई गाँव का सौर मिनी ग्रिड जहां अब जानवरो को बंधा जाता है। तस्वीर -मनीष कुमार

पांच वर्ष भी नहीं लगे और धाराशायी हो गया ‘बिहार का पहला सौर ग्राम मॉडल’

यह बिहार के एक ऐसे गांव की कहानी है जहां 1981 तक बिजली थी फिर 33 साल के लिए चली गयी। तीन दशक से भी अधिक समय के लिए गांव…
धरनई गाँव का सौर मिनी ग्रिड जहां अब जानवरो को बंधा जाता है। तस्वीर -मनीष कुमार