प्राकृतिक संसाधन News

खम्मम जिले के नेलकोंडापल्ली मंडल के कोराटलागुडेम गांव में अपने ताड़ के तेल के बागान में बी. बुच्चैया। तस्वीर- मनीष कुमार / मोंगाबे

पाम ऑयलः सब्सिडी के सहारे बढ़ती तेलंगाना में ताड़ की खेती, भविष्य में नुकसान की आशंका

तेलंगाना का खम्मम जिला पूरे राज्य में ताड़ की खेती के लिए जाना जाता है। यह राज्य के चार ऐसे चुनिन्दा जिलों में से है जहां 1990 के दशक में…
खम्मम जिले के नेलकोंडापल्ली मंडल के कोराटलागुडेम गांव में अपने ताड़ के तेल के बागान में बी. बुच्चैया। तस्वीर- मनीष कुमार / मोंगाबे
भारत और बांग्लादेश ने हाल ही में कुशियारा नदी से पानी साझा करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। तस्वीर- अबू सिद्दीकी / मोंगाबे।

भारत और बांग्लादेश के बीच पानी साझा करने पर प्रभावी समझौते की मांग

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस वर्ष उनकी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये। समझौते के तहत दोनों सरकारें नवंबर से…
भारत और बांग्लादेश ने हाल ही में कुशियारा नदी से पानी साझा करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। तस्वीर- अबू सिद्दीकी / मोंगाबे।
तडोबा टाइगर रिजर्व में सड़क पार करता एक वयस्क नर बाघ। एक बाघ 40 वर्ग किमी की सीमा तक कब्जा कर सकता है। इस बाघ के क्षेत्र में लगभग आठ गांव स्थित हैं। तस्वीर- सेंथिल कुमार।

वन्यजीवों के साथ इंसानी गतिविधियों को लंबे वक़्त से कैमरे में कैद करने वाले फोटोग्राफर से एक बातचीत

मानव-वन्यजीव संपर्क बढ़ रहा है। लेकिन उनमें से सभी सकारात्मक नहीं हैं। भारत में हर साल इंसानों और जानवरों के बीच टकराव के कारण सैकड़ों लोगों और जानवरों की मौत…
तडोबा टाइगर रिजर्व में सड़क पार करता एक वयस्क नर बाघ। एक बाघ 40 वर्ग किमी की सीमा तक कब्जा कर सकता है। इस बाघ के क्षेत्र में लगभग आठ गांव स्थित हैं। तस्वीर- सेंथिल कुमार।
The inside view of Pal Bagh Nag. In the absence of any covering, the leaves have fallen into the spring.

कश्मीर के झरनों का महत्त्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता

नूरा, कश्मीर में श्रीनगर के बुर्जमा क्षेत्र में स्थित एक स्थानीय झरने ‘अस्तन नाग’ के पास घूम रही हैं। वह कुछ देर रुकती हैं और झरने की ओर जाने लगती…
The inside view of Pal Bagh Nag. In the absence of any covering, the leaves have fallen into the spring.

[वीडियो] पृथ्वी के लिए ‘कोड रेड’, ताजे पानी के जलीय जीवों की संख्या में 83% की गिरावट: रिपोर्ट

बीते 50 वर्षों में दुनिया में ताजे पानी के जलीय जीवों की संख्या में 83% की कमी आई है। जंगली जीवों के मामले में यह आंकड़ा 69% का है। यानी…
दुनिया भर में जुगनुओं के लिए उनके आवास का नुकसान, रात की कृत्रिम रोशनी से प्रकाश प्रदूषण और कीटनाशकों को सबसे बड़ा खतरा माना जाता है। तस्वीर- अनस्प्लैश 

कृत्रिम प्रकाश से कैसे कम हो रही है जुगनुओं की संख्या

कीट प्राकृतिक प्रकाश व्यवस्था के संतुलन में काम करते हैं और प्रकाश की तीव्रता, तरंग दैर्ध्य (वेवलेंथ), स्रोतों और अन्य बदलावों के प्रति संवेदनशील होते हैं। निशाचर (रात को चलने…
दुनिया भर में जुगनुओं के लिए उनके आवास का नुकसान, रात की कृत्रिम रोशनी से प्रकाश प्रदूषण और कीटनाशकों को सबसे बड़ा खतरा माना जाता है। तस्वीर- अनस्प्लैश 
हरसिद्धि प्रखंड के सोनवरसा गांव में 400 साल पुराने बरगद के पेड़ की पहचान की गई और स्थानीय लोगों के सहयोग से इसे संरक्षित किया गया है। तस्वीर- शशि शेखर

चंपारण के गार्डियन: पुराने पेड़ों को बचाने की एक अनोखी पहल

दुनियाभर में पेड़ों को बचाने के लिए कई अभियान चल रहे हैं। लेकिन बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुराने दरख्तों को सहेजने का एक अनोखा अभियान चल रहा है।…
हरसिद्धि प्रखंड के सोनवरसा गांव में 400 साल पुराने बरगद के पेड़ की पहचान की गई और स्थानीय लोगों के सहयोग से इसे संरक्षित किया गया है। तस्वीर- शशि शेखर
एनसीआर के गुरुग्राम जैसे शहरों के अनियोजित व्यावसायीकरण और विकास का ख़ामियाजा अरावली को भुगतना पड़ रहा है। तस्वीर: अरावली बचाओ नागरिक आंदोलन

अरावली की तबाही का सबब बन सकता है एनसीआर ड्राफ्ट प्लान-2041

साल 2005 से लागू एनसीआर क्षेत्रीय योजना- 2021 को आगे बढ़ाने के लिए एनसीआर मसौदे की क्षेत्रीय योजना- 2041 को प्रस्ताव लाया गया है। इस ड्राफ्ट प्लान को एनसीआर में…
एनसीआर के गुरुग्राम जैसे शहरों के अनियोजित व्यावसायीकरण और विकास का ख़ामियाजा अरावली को भुगतना पड़ रहा है। तस्वीर: अरावली बचाओ नागरिक आंदोलन
ब्लास्ट के बाद समुद्र तल पर मरी हुई मछलियों को इकट्ठा करता हुआ एक मछुआरा। तस्वीर- दर्शन जयवर्धने

श्रीलंका में ब्लास्ट फिशिंग से तबाह हो रहे समुद्री जीव, भारत से अवैध तरीके से लाया जा रहा विस्फोटक

समुद्र के किनारे एक सुहानी सुबह थी, पूर्वी श्रीलंका के पिजन आइलैंड नेशनल पार्क में नौका विहार करने वाले पर्यटकों के एक समूह को एक असामान्य झटका महसूस हुआ। इतने…
ब्लास्ट के बाद समुद्र तल पर मरी हुई मछलियों को इकट्ठा करता हुआ एक मछुआरा। तस्वीर- दर्शन जयवर्धने
हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल से 30 जून 2022 तक 2,763 आग की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसमें प्रति दिन औसतन 31 आग लगीं। तस्वीर- सुमित महार/हिमाधरा कलेक्टिव

दबाव में हिमाचल की पारिस्थितिकी, इस साल अप्रैल से जून तक रोज औसतन 31 बार लगी आग

बीते महीने हिमाचल के किन्नौर स्थित जंगी गांव के 66-वर्षीय किसान रोशन लाल जंगल की आग से परेशान रहे। गांव से सटे जंगल में बीते 12 जून को आग लग…
हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल से 30 जून 2022 तक 2,763 आग की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसमें प्रति दिन औसतन 31 आग लगीं। तस्वीर- सुमित महार/हिमाधरा कलेक्टिव