जलवायु परिवर्तन News

अरुणाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले पहाड़ पर चराई करता याक। छुरपी जैसे याक के दूध से बनी चीजें याक पालने वाले ब्रोकपा पशुपालक समुदाय के लिए आजीविका का बेहतर विकल्प बन रहे हैं। तस्वीर - सुरजीत शर्मा/मोंगाबे।

याक के दूध से बनी चीजें ब्रोकपा समुदाय को दे रही आय के नए साधन

अरुणाचल प्रदेश के बाज़ारों में घूमते हुए आपको मौसमी कीवी, ख़ुरमा, मेवे वगैरह सहित कई तरह के स्थानीय व्यंजन मिल जाएंगे। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही राज्य में आने…
अरुणाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले पहाड़ पर चराई करता याक। छुरपी जैसे याक के दूध से बनी चीजें याक पालने वाले ब्रोकपा पशुपालक समुदाय के लिए आजीविका का बेहतर विकल्प बन रहे हैं। तस्वीर - सुरजीत शर्मा/मोंगाबे।
भारत में एक आवास परिसर में लगी कुछ एयर कंडीशनिंग यूनिट। तस्वीर- डेविड ब्रॉसार्ड/विकिमीडिया कॉमन्स

मांग पूरी करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा में तीन गुना निवेश करने की जरूरत: रिपोर्ट

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) की ओर से हाल ही में जारी वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले तीन दशकों में दुनिया के हर देश और क्षेत्र…
भारत में एक आवास परिसर में लगी कुछ एयर कंडीशनिंग यूनिट। तस्वीर- डेविड ब्रॉसार्ड/विकिमीडिया कॉमन्स
गावों में खुले में चूल्हा  जिसमें आमतौर पर जलावन का इस्तेमाल किया जाता है। इससे बहुत ज्यादा धुआं निकलता है जिसमें बहुत ज्यादा बारीक कण (पीएम2.5) और ब्लैक कार्बन जैसे हानिकारक प्रदूषक होते हैं। तस्वीर - தகவலுழவன்/विकिमीडिया कॉमन्स। 

ब्लैक कार्बन: हवा को प्रदूषित करने के साथ ही वातावरण को कर रहा गर्म, पर नीति से गायब

वायुमंडल में ब्लैक कार्बन की बढ़ती मात्रा के चलते भारत और चीन जैसे एशियाई देशों में बहुत ज्यादा बारिश हो रही है। ब्लैक कार्बन उत्सर्जन भी बारिश के पैटर्न पर…
गावों में खुले में चूल्हा  जिसमें आमतौर पर जलावन का इस्तेमाल किया जाता है। इससे बहुत ज्यादा धुआं निकलता है जिसमें बहुत ज्यादा बारीक कण (पीएम2.5) और ब्लैक कार्बन जैसे हानिकारक प्रदूषक होते हैं। तस्वीर - தகவலுழவன்/विकिमीडिया कॉमन्स। 
मालिया मछली बाज़ार। जिंजर झींगा (मेटापेनियस कचेंसिस) कच्छ की खाड़ी की एक स्थानिक प्रजाति है और इसकी मछली पकड़ना यहां आजीविका का प्राथमिक स्रोत है। तस्वीर- रवलीन कौर/मोंगाबे

कच्छ में बढ़ते नमक उत्पादन से सिमट रहा झींगा कारोबार

गुजरात के कच्छ का सूरजबाड़ी ब्रिज डीजल का धुआं, धूल, ट्रक और ट्रेन की आवाज से आपका स्वागत करता है। आगे बढ़ने पर उस ब्रिज से नमक का मैदान दिखना…
मालिया मछली बाज़ार। जिंजर झींगा (मेटापेनियस कचेंसिस) कच्छ की खाड़ी की एक स्थानिक प्रजाति है और इसकी मछली पकड़ना यहां आजीविका का प्राथमिक स्रोत है। तस्वीर- रवलीन कौर/मोंगाबे
मोरोक्को, अफ्रीका में बिजली गिरने की घटना। प्रतीकात्मक तस्वीर- अब्देलहामिद बौ इखेसायेन/विकिमीडिया कॉमन्स।

ओडिशा में ताड़ का पेड़ लगाकर आकाशीय बिजली से बचने की तैयारी

ओडिशा के खोरदा जिले में 44 साल के सनोज पात्रा अपने एक एकड़ के धान के खेतों को देखने गए थे और उसी वक्त बिजली गिरने से वहीं पर उनकी…
मोरोक्को, अफ्रीका में बिजली गिरने की घटना। प्रतीकात्मक तस्वीर- अब्देलहामिद बौ इखेसायेन/विकिमीडिया कॉमन्स।
कश्मीर में बर्फ से सूनी पहाड़ी ढलानें। तस्वीर - मुदस्सिर कुल्लू।

कश्मीर में मौसमी बर्फबारी में कमी, जंगल, ग्लेशियर और नदी-झीलों पर पड़ेगा असर

जम्मू और कश्मीर में दिसंबर और जनवरी के महीनों में सूखा मौसम देखा गया। इससे क्षेत्र की जैव विविधता के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। जानकार मौसम में…
कश्मीर में बर्फ से सूनी पहाड़ी ढलानें। तस्वीर - मुदस्सिर कुल्लू।
फुकरे-3 फिल्म का एक दृश्य जिसमें लोग टैंकर से पानी भरने के लिए गुत्म-गुत्था हो रहे हैं। तस्वीर साभार- एक्सेल इंटरटेनमेंट

लाइट, कैमरा, क्लाइमेट-एक्शन! पर्यावरण फिल्मों में बढ़ रही फिल्मकारों की दिलचस्पी

पानी का एक टैंकर खड़ा है और सैकड़ों लोग उसे घेरे खड़े हैं। गुत्थम-गुत्था हुए जा रहे हैं। चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही हैं। टैंकर के पेट में सैकड़ों पाइप…
फुकरे-3 फिल्म का एक दृश्य जिसमें लोग टैंकर से पानी भरने के लिए गुत्म-गुत्था हो रहे हैं। तस्वीर साभार- एक्सेल इंटरटेनमेंट
पातालकोट इलाके में जड़ी बूटी बेचते भारिया आदिवासी। इनके अनुसार जंगल से मिलने वाली जड़ी-बूटियों की मात्रा कम होने से आमदनी में कमी आई है। तस्वीर- सतीश मालवीय/मोंगाबे

मध्य प्रदेश के जंगलों में क्यों कम हो रहा है औषधीय पौधों का उत्पादन

"हाथ में पैसा होगा तभी त्योहार मनाना अच्छा लगता है," रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से सटे मोरावन गांव की सहरिया आदिवासी बस्ती में…
पातालकोट इलाके में जड़ी बूटी बेचते भारिया आदिवासी। इनके अनुसार जंगल से मिलने वाली जड़ी-बूटियों की मात्रा कम होने से आमदनी में कमी आई है। तस्वीर- सतीश मालवीय/मोंगाबे

कम और मध्यम आय वाले देशों में आपदाओं से तबाही का खतरा ज्यादा

साल 2023 ऐसा रहा है जिसमें आपदाओं ने राज्यों के बजट को काफी नुकसान पहुंचाया है। ग्लेशियर वाली झील फटने से आई बाढ़ से प्रभावित हुए सिक्किम में हजारों करोड़…
रामेश्वरम में ओलाईकुडा तट पर समुद्री शैवाल निकालती हुई उषा। तस्वीर- अलमास मसूद/मोंगाबे

मुश्किल में समुद्री शैवाल की खेती से जुड़ी महिलाएं

“मेरी मां समुद्री शैवाल इकट्ठा किया करती थीं। उस समय मेरी उम्र काफी कम थी लेकिन फिर भी उन के साथ जाती और उनकी मदद करती थी। तभी से मैं…
रामेश्वरम में ओलाईकुडा तट पर समुद्री शैवाल निकालती हुई उषा। तस्वीर- अलमास मसूद/मोंगाबे
लाओस में साल 2019 में आई बाढ़। ग्लोबल साउथ में कुछ जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि कम आय वाले देशों को ज्यादा स्थानीय जलवायु अनुमान लाने होंगे ताकि वे बेहतर नीतियां विकसित कर सकें। तस्वीर- बेसिल मोरिन/विकिमीडिया कॉमन्स

आईपीसीसी रिपोर्ट के बजाए भारत को अपने जलवायु अनुमान की जरूरत, क्षेत्रीय क्लाइमेट मॉडल बेहतर

ग्लोबल नॉर्थ की तुलना में ग्लोबल साउथ खासकर दक्षिण एशिया जलवायु परिवर्तन के प्रति ज्यादा संवेदनशील है। साथ ही, यह क्षेत्र ज्यादा समृद्ध और विकसित देशों की तुलना में ग्लोबल…
लाओस में साल 2019 में आई बाढ़। ग्लोबल साउथ में कुछ जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि कम आय वाले देशों को ज्यादा स्थानीय जलवायु अनुमान लाने होंगे ताकि वे बेहतर नीतियां विकसित कर सकें। तस्वीर- बेसिल मोरिन/विकिमीडिया कॉमन्स
13 दिसंबर, 2023 को संयुक्त अरब अमीरात के दुबई  स्थित एक्सपो सिटी में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कॉप28 के समापन समारोह के दौरान प्रतिनिधि। तस्वीर- कॉप28/क्रिस्टोफ़ विसेक्स/फ़्लिकर।

कॉप28 में जीवाश्म ईंधन से ‘दूर जाने’ का वादा लेकिन पूंजी और समान भागीदारी बड़ी चुनौती

कॉप28 में जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल को खत्म करने पर ऐतिहासिक समझौता हुआ है। यह करार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अध्यक्षता में हुए 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी28/कॉप28) में…
13 दिसंबर, 2023 को संयुक्त अरब अमीरात के दुबई  स्थित एक्सपो सिटी में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कॉप28 के समापन समारोह के दौरान प्रतिनिधि। तस्वीर- कॉप28/क्रिस्टोफ़ विसेक्स/फ़्लिकर।
कई देशों, विशेष रूप से यूरोपीय संघ द्वारा समर्थित छोटे द्वीप राज्यों ने कॉप28 में जीवाश्म ईंधन को पूरी तरह से बंद करने का आह्वान किया है। तस्वीर-

कॉप28 के समापन तक भी देशों के बीच नहीं बनी आम सहमति

अट्ठाईसवें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ (कॉप28) ने सम्मेलन के पहले दिन जलवायु हानि और क्षति के लिए एक फंड शुरू करने का निर्णय देकर इतिहास रच दिया। लेकिन जैसे-जैसे दो सप्ताह…
कई देशों, विशेष रूप से यूरोपीय संघ द्वारा समर्थित छोटे द्वीप राज्यों ने कॉप28 में जीवाश्म ईंधन को पूरी तरह से बंद करने का आह्वान किया है। तस्वीर-
कॉप28 के आयोजन स्थल पर विरोध प्रदर्शन करते लोग। जलवायु वित्त और किफायती नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे और भंडारण के अभाव में, विकासशील देशों का कहना है कि उन्हें विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ऊर्जा के भरोसेमंद स्रोत के रूप में जीवाश्म ईंधन पर निर्भर रहने की आवश्यकता है।  तस्वीर- सिमरिन सिरूर/मोंगाबे 

विकसित देशों को वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उत्सर्जन में कटौती की जरूरत: विशेषज्ञ

संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन पर फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय ग्रीनहाउस गैस सूची के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि सबसे अमीर विकसित देशों ने पिछले दो…
कॉप28 के आयोजन स्थल पर विरोध प्रदर्शन करते लोग। जलवायु वित्त और किफायती नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे और भंडारण के अभाव में, विकासशील देशों का कहना है कि उन्हें विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ऊर्जा के भरोसेमंद स्रोत के रूप में जीवाश्म ईंधन पर निर्भर रहने की आवश्यकता है।  तस्वीर- सिमरिन सिरूर/मोंगाबे 
3 दिसंबर को दुबई में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन, कॉप28 के दौरान जलवायु न्याय के लिए मानवाधिकार कार्रवाई का आह्वान करने वाले वकालत समूह। तस्वीर- COP28/वाला अलशेर/फ़्लिकर।

सैन्य संघर्ष, शांति और फिलिस्तीन ने कॉप28 पर प्रभाव डाला

जलवायु परिवर्तन पर होने वाले वार्षिक सम्मेलन की 28वीं कॉन्फरेंस ऑफ़ पार्टीज़ (कॉप28) ने दो सप्ताह तक चलने वाले शिखर सम्मेलन में राहत, पुनर्प्राप्ति और शांति के लिए एक दिन…
3 दिसंबर को दुबई में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन, कॉप28 के दौरान जलवायु न्याय के लिए मानवाधिकार कार्रवाई का आह्वान करने वाले वकालत समूह। तस्वीर- COP28/वाला अलशेर/फ़्लिकर।
कांचीपुरम के बाहर एक मिल में चावल सुखाते और भूसी निकालते मजदूर। भारत की दलील है कि कृषि प्रणालियों में बदलाव के किसी भी क्रांतिकारी कदम से देश की चावल की खेती और इसके बड़े पशुधन क्षेत्र को नुकसान होगा। तस्वीर - लंदन, यूके से मैके सैवेज/विकिमीडिया कॉमन्स।

कॉप28: जलवायु चर्चा में पहली बार दिखा खेती-बाड़ी का मुद्दा, दूर रहा भारत

बढ़ते तापमान पर अंकुश लगाने के तरीक़ों पर लगभग तीन दशकों से गहन बातचीत हो रही है। इस दौरान सालाना संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में खेती-बाड़ी को प्रमुखता से…
कांचीपुरम के बाहर एक मिल में चावल सुखाते और भूसी निकालते मजदूर। भारत की दलील है कि कृषि प्रणालियों में बदलाव के किसी भी क्रांतिकारी कदम से देश की चावल की खेती और इसके बड़े पशुधन क्षेत्र को नुकसान होगा। तस्वीर - लंदन, यूके से मैके सैवेज/विकिमीडिया कॉमन्स।
लद्दाख के हेमिस नेशनल पार्क में यूरेशियन लिन्क्स की एक कैमरा ट्रैप तस्वीर। तस्वीर- वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग, लद्दाख।

संरक्षण के लिए यूरेशियन लिन्क्स पर ज्यादा रिसर्च की जरूरत

इस साल फरवरी में लद्दाख में कुत्तों से घिरी जंगली बिल्ली का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। कई समाचार संगठनों ने इस क्लिप को अपने…
लद्दाख के हेमिस नेशनल पार्क में यूरेशियन लिन्क्स की एक कैमरा ट्रैप तस्वीर। तस्वीर- वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग, लद्दाख।
रांची के बिरसा चिड़ियाघर में अपने शावक के साथ लेपर्ड कैट। तस्वीर- डॉ. अजय कुमार

[साक्षात्कार] अनुकूल माहौल और पसंदीदा भोजन जंगली बिल्लियों के प्रजनन के लिए सबसे जरूरी

एनिमल ब्रीडिंग एवं जेनेटिक्स के विशेषज्ञ अजय कुमार झारखंड की राजधानी रांची में स्थित भगवान बिरसा मुंडा जैविक उद्यान में वेटनरी ऑफिसर रहे हैं। कुमार ने बिरसा जू में अपने…
रांची के बिरसा चिड़ियाघर में अपने शावक के साथ लेपर्ड कैट। तस्वीर- डॉ. अजय कुमार
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में सब्जी बेचता एक विक्रेता। तस्वीरः बिस्वरूप गांगुली/विकिमीडिया कॉमन्स

खाने की पौष्टिकता को कम कर रहा बढ़ता कार्बन डाइऑक्साइड

वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड का बढ़ता स्तर पौधों में प्रमुख खनिज पोषक तत्वों पर नकारात्मक असर डाल रहा है। इसकी वजह से उनमें पोषकता कम हो रही है। ‘ट्रेंड्स इन…
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में सब्जी बेचता एक विक्रेता। तस्वीरः बिस्वरूप गांगुली/विकिमीडिया कॉमन्स
नेपाल में हिमालय के सागरमाथा राष्ट्रीय उद्यान में एक पर्वत। तस्वीर- पीटर प्रोकोच

कम हो रहे हैं हिमालय के ग्लेशियर और बर्फ, आने वाले समय में और अधिक खतरे की आशंका – अध्ययन

हिमालयन यूनिवर्सिटी कंसोर्टियम (एचयूसी) के फेलो जैकब एफ. स्टीनर ने कहा, "वैज्ञानिकों के रूप में, हमें सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि हिमालय में ग्लेशियर किस पैमाने पर…
नेपाल में हिमालय के सागरमाथा राष्ट्रीय उद्यान में एक पर्वत। तस्वीर- पीटर प्रोकोच
मुथलप्पोझी बंदरगाह, जो मछुआरों के लिए जोखिम भरा क्षेत्र है, के पास एक टूटी हुई नाव बह गई। तस्वीर- बेनेट जॉन।

केरलः संचार के नए माध्यमों से मॉनसून के दौरान सुरक्षित रहने के उपाय ढूंढते मछुआरे

अपनी छोटी नाव के आउटबोर्ड इंजन को चालू करते हुए, डेविडसन एंथोनी आदिमा, जिनकी उम्र 40 वर्ष के आसपास थी, केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से 23 किलोमीटर उत्तर में, मुथलप्पोझी…
मुथलप्पोझी बंदरगाह, जो मछुआरों के लिए जोखिम भरा क्षेत्र है, के पास एक टूटी हुई नाव बह गई। तस्वीर- बेनेट जॉन।
गुजरात की स्वदेशी पाटनवाड़ी भेड़। तस्वीर-अज़रा परवीन रहमान 

गुजरात की स्थानीय पाटनवाड़ी ऊन और भेड़ों की मांग में गिरावट

जब हम गुजरात की देशी नस्ल की भेड़ पाटनवाड़ी की तलाश में निकले, तो हमें कच्छ का वह एक दिन काफी लंबा लगा था। काफी तलाश के बाद हमें कुछ…
गुजरात की स्वदेशी पाटनवाड़ी भेड़। तस्वीर-अज़रा परवीन रहमान 
उत्तराखंड के पौड़ी जिले स्थित श्रीनगर वैली का दृश्य। ब्लैक कार्बन अब उच्च हिमालयीय क्षेत्रों में स्थित ग्लेशियरों तक पहुंच रहा है, जिसके कारण ग्लेशियरों के पिघलने की गति बढ़ रही है। तस्वीर- सत्यम कुमार/मोंगाबे

बढ़ते वाहन, जंगल की आग से निकलने वाला ब्लैक कार्बन ग्लेशियरों के लिए बनता बड़ा ख़तरा

ब्लैक कार्बन हाल ही में वैश्विक जलवायु परिवर्तन में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभर कर सामने आया है, जो संभवतः वैश्विक जलवायु परिवर्तन के मुख्य चालक कार्बन डाइऑक्साइड…
उत्तराखंड के पौड़ी जिले स्थित श्रीनगर वैली का दृश्य। ब्लैक कार्बन अब उच्च हिमालयीय क्षेत्रों में स्थित ग्लेशियरों तक पहुंच रहा है, जिसके कारण ग्लेशियरों के पिघलने की गति बढ़ रही है। तस्वीर- सत्यम कुमार/मोंगाबे
4 अक्टूबर को सिक्किम में जीएलओएफ घटना के बाद बचाव प्रयास। फोटो: प्रेस सूचना ब्यूरो, भारत सरकार

बांध सुरक्षा और पूर्व चेतावनी प्रणाली की अनदेखी ने बनाया सिक्किम की बाढ़ को घातक

साल 2011 में सिक्किम में आए 6.9 तीव्रता के भूकंप की याद में हर साल 18 सितंबर को राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।…
4 अक्टूबर को सिक्किम में जीएलओएफ घटना के बाद बचाव प्रयास। फोटो: प्रेस सूचना ब्यूरो, भारत सरकार
मुंबई में बारिश का दिन। अन्य महासागरों की तुलना में गर्म हो रहे अरब सागर को स्पस्ट तौर पर पहचाना जा रहा है। हिंद महासागर बहुत तेजी से गर्म हो रहा है। तस्वीर- सौमित्र शिंदे/मोंगाबे।

भीषण तूफान और अनियमित बारिश, मौसम में बदलाव से बढ़ रही चिंता?

पिछली सदी से हो रहे जलवायु परिवर्तन के चलते महासागर भी गर्म हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर ज्यादा तो कुछ जगहों पर कम। 1901 से 2020 के बीच, समुद्र…
मुंबई में बारिश का दिन। अन्य महासागरों की तुलना में गर्म हो रहे अरब सागर को स्पस्ट तौर पर पहचाना जा रहा है। हिंद महासागर बहुत तेजी से गर्म हो रहा है। तस्वीर- सौमित्र शिंदे/मोंगाबे।
आराम फरमाते गद्दी चरवाहे। तस्वीर- आशीष गुप्ता/विकिमीडिया कॉमन्स 

हिमाचल प्रदेश में चरवाहों के रास्तों पर चारे-पानी की कमी, पौधरोपण रोकने के आदेश से राहत

हिमाचल प्रदेश में सरकार की ओर से चलाई जा रही पौधरोपण की गतिविधियों ने चरवाहों के प्रति खतरों को बढ़ा दिया है इसके चलते खतरनाक जीवों का विस्तार हो रहा…
आराम फरमाते गद्दी चरवाहे। तस्वीर- आशीष गुप्ता/विकिमीडिया कॉमन्स 
अडयार नदी के बाढ़ क्षेत्र पर बना चेन्नई हवाई अड्डा 2015 की बाढ़ के दौरान बाढ़ में डूब गया था। तस्वीर- भारतीय वायु सेना / विकिमीडिया कॉमन्स 

(एक्सप्लेनर) बाढ़ के मैदान और भारत में उनका प्रबंधन?

पानी और परिवहन तक आसान पहुंच के लिए शहर और कस्बे अक्सर नदी तटों और बाढ़ के मैदानों के करीब बनाए जाते हैं। ऐतिहासिक रूप से, भारत में मौसमी नदियों…
अडयार नदी के बाढ़ क्षेत्र पर बना चेन्नई हवाई अड्डा 2015 की बाढ़ के दौरान बाढ़ में डूब गया था। तस्वीर- भारतीय वायु सेना / विकिमीडिया कॉमन्स 
पचास साल में हुई डेढ़ लाख मौत, हर प्राकृतिक आपदा लेती है औसतन 20 लोगों की जान

आपदा प्रबंधन में इस तरह मददगार हो सकती हैं सोशल मीडिया तस्वीरें

जब आपदाएं आती हैं, तो सोशल मीडिया तस्वीरों, चेतावनियों और मदद की मांग से भर जाते हैं। उस वक्त कई सोशल मीडिया पोस्ट आपदा वाली जगहों की जानकारी के स्रोत…
पचास साल में हुई डेढ़ लाख मौत, हर प्राकृतिक आपदा लेती है औसतन 20 लोगों की जान
जम्मू में महिलाओं को पानी लाने के लिए पहाड़ी पर काफी ऊपर तक जाना पड़ता है। तस्वीर- आलोक पठानिया

जम्मू के जिलों में बढ़ते तापमान से स्थानीय जनजातियों की आजीविका को खतरा

जम्मू यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग की एक रिसर्च टीम ने जलवायु परिवर्तन से पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर जम्मू और कश्मीर में जम्मू प्रांत के 10 जिलों की रैंकिंग…
जम्मू में महिलाओं को पानी लाने के लिए पहाड़ी पर काफी ऊपर तक जाना पड़ता है। तस्वीर- आलोक पठानिया
युवा जलवायु इंटर्नशिप सत्र के दौरान तटीय खतरों पर चर्चा करते प्रतिभागी। तस्वीर- अपर्णा गणेशन।

चेन्नई में पर्यावरण और जलवायु साक्षरता बेहतर कर रहा प्रकृति-आधारित पढ़ाई का तरीका

प्रकृतिवादी, शिक्षक और कार्यकर्ता, युवान एवेस बच्चों के 18 सदस्यीय समूह के साथ तमिलनाडु के चेन्नई में इलियट समुद्र तट के किनारे घूम रहे हैं। वह बच्चों को एक सीप…
युवा जलवायु इंटर्नशिप सत्र के दौरान तटीय खतरों पर चर्चा करते प्रतिभागी। तस्वीर- अपर्णा गणेशन।