आद्रभूमि

कर्नाटक में अघनाशिनी नदी। अघनाशिनी नदी के किनारे स्थित मैंग्रोव मछलियों और झींगों के लिए महत्वपूर्ण नर्सरी के रूप में काम करते हैं और उनके प्रजनन और अंडे देने की प्रक्रिया में जरूरी भूमिका निभाते हैं। तस्वीर - हेगड़ेसुदर्शन/विकिमीडिया कॉमन्स। 

भारत में रामसर साइट की सूची में शामिल हुए पांच नए वेटलैंड्स

इस साल दो फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस से पहले भारत के खाते में पांच और रामसर साइटें जुड़ गई हैं।  अब इन साइटों की कुल संख्या 75 से बढ़कर…
कर्नाटक में अघनाशिनी नदी। अघनाशिनी नदी के किनारे स्थित मैंग्रोव मछलियों और झींगों के लिए महत्वपूर्ण नर्सरी के रूप में काम करते हैं और उनके प्रजनन और अंडे देने की प्रक्रिया में जरूरी भूमिका निभाते हैं। तस्वीर - हेगड़ेसुदर्शन/विकिमीडिया कॉमन्स। 
2019 में बिना खरपतवार वाली सिरपुर आर्द्रभूमि। तस्वीर साभार- भालू मोंधे।

चार रामसर साइट्स के बावजूद क्यों धीमा है मध्य प्रदेश में वेटलैंड संरक्षण

मध्य प्रदेश 2022 में अपने तीन नए वेटलैंड्स (आद्रभूमि) को रामसर साइट का दर्जा दिए जाने का जश्न मना रहा है। लेकिन रामसर साइट में शामिल होने के लिए इंतजार…
2019 में बिना खरपतवार वाली सिरपुर आर्द्रभूमि। तस्वीर साभार- भालू मोंधे।
काशी के गंगा घाट पर प्रवासी पक्षियों की वजह से प्रकृति का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। तस्वीर- प्रभु बी/फ्लिकर

क्या है वेटलैंड और इसे बचाना क्यों है जरूरी?

जंगल को धरती का फेफड़ा कहा जाता है क्योंकि यही जंगल वातावरण में फैले कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण कर ऑक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं। इस आधार पर कहें तो वेटलैंड्स…
काशी के गंगा घाट पर प्रवासी पक्षियों की वजह से प्रकृति का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। तस्वीर- प्रभु बी/फ्लिकर