Articles by Sneha Mahale

बर्लिन के एक चिड़ियाघर में तिलापिया मछली। जब इन्हें जंगली इलाकों में छोड़ा जाता है, तो समय के साथ तिलापिया की आबादी तेजी से बढ़ती जाती है, जो संभावित रूप से देशी मछली प्रजातियों को विस्थापित कर देती है। तस्वीर: उडो श्रोटर/विकिमीडिया कॉमन्स। 

मीठे पानी के जलाशयों के बाद समुद्री जल में डेरा डालती तिलापिया मछली

तिलापिया मछली पाक खाड़ी के तटीय जल में अपने लिए नई जगह बना रही हैं। वो न सिर्फ इस नए क्षेत्र में बस रही हैं बल्कि प्रजनन भी कर रही…
बर्लिन के एक चिड़ियाघर में तिलापिया मछली। जब इन्हें जंगली इलाकों में छोड़ा जाता है, तो समय के साथ तिलापिया की आबादी तेजी से बढ़ती जाती है, जो संभावित रूप से देशी मछली प्रजातियों को विस्थापित कर देती है। तस्वीर: उडो श्रोटर/विकिमीडिया कॉमन्स। 
स्लॉथ भालू भारतीय उपमहाद्वीप के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में काफी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। तस्वीर- रुद्राक्ष चोदनकर/विकिमीडिया कॉमन्स 

स्लॉथ भालू के आवासों के लिए खतरा बनी आक्रामक पौधे की एक प्रजाति

गुजरात के जेसोर स्लोथ भालू अभ्यारण्य में हाल ही में हुए एक अध्ययन ने यह जानने की कोशिश की गई कि आक्रामक प्रजाति "प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा", शुष्क इलाके में स्लोथ भालू…
स्लॉथ भालू भारतीय उपमहाद्वीप के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में काफी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। तस्वीर- रुद्राक्ष चोदनकर/विकिमीडिया कॉमन्स 
नगांव में धान रोपते किसान। असम में किए गए एक अध्ययन के दौरान चावल के खेतों में ग्रेटर फाल्स वैम्पायर बैट को देखा गया था। तस्वीर- दिगन्त तालुकदार/विकिमीडिया कॉमन्स।

धान की फसलों के लिए प्राकृतिक कीटनाशक हैं चमगादड़,असम में एक अध्ययन में आया सामने

असम में हाल ही में किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि चमगादड़ धान की फसल को होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक हो सकते हैं।…
नगांव में धान रोपते किसान। असम में किए गए एक अध्ययन के दौरान चावल के खेतों में ग्रेटर फाल्स वैम्पायर बैट को देखा गया था। तस्वीर- दिगन्त तालुकदार/विकिमीडिया कॉमन्स।
दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के पास हंगुल। तस्वीर- मोहम्मद दाऊद/मोंगाबे। 

संरक्षण के बावजूद कश्मीर में नहीं बढ़ रही हंगुल की आबादी, क्या विलुप्ति की राह पर है यह शर्मीला हिरण

दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के भीतर हंगुल या कश्मीर हिरण की आबादी पर 19 सालों तक निगरानी के बाद नई जानकारियां सामने आई हैं। इनसे पता चलता है कि संरक्षण के…
दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के पास हंगुल। तस्वीर- मोहम्मद दाऊद/मोंगाबे। 
उत्तर भारत में हाल ही में काटे गए खेत में चार वूली नेक्ड स्टॉर्क का एक परिवार। पारंपरिक कृषि तकनीक, अनुकूल फसलें, और कम शिकार गतिविधि कृषि क्षेत्रों को पक्षियों के लिए एक स्थायी निवास स्थान बनाती है। तस्वीर- के.एस. गोपी सुंदर।

वूली नेक्ड स्टॉर्क और हैरान करती हरियाणा में इनकी बढ़ती तादाद

भले ही पूरी दुनिया में पक्षियों की आबादी लगातार गिर रही है, लेकिन एक ऐसा भी पक्षी है जिसकी संख्या बढ़ रही है। इसे अंग्रेजी में वूली नेक्ड स्टॉर्क कहते…
उत्तर भारत में हाल ही में काटे गए खेत में चार वूली नेक्ड स्टॉर्क का एक परिवार। पारंपरिक कृषि तकनीक, अनुकूल फसलें, और कम शिकार गतिविधि कृषि क्षेत्रों को पक्षियों के लिए एक स्थायी निवास स्थान बनाती है। तस्वीर- के.एस. गोपी सुंदर।
भारत में आवारा कुत्तों की संख्या लगभग 3.5 करोड़ आकी गई है। तस्वीर- अचत 1999/विकिमीडिया कॉमन्स

हरियाणा में आवारा कुत्तों के हमले से काले हिरण को खतरा

हरियाणा राज्य के फतेहाबाद ज़िले में बडोपाल क्षेत्र और हिसार ज़िले के मंगली-रावतखेड़ा क्षेत्र में आवारा कुत्तों की वजह से स्थानीय नीलगाय और काले हिरण की आबादी ख़तरे में है।…
भारत में आवारा कुत्तों की संख्या लगभग 3.5 करोड़ आकी गई है। तस्वीर- अचत 1999/विकिमीडिया कॉमन्स
अफ्रीकी कैटफ़िश को नए और कठिन माहौल पसंद है और वे यहां आसानी से अपना विकास कर सकती हैं। तस्वीर– सौम्यब्रत रॉय / विकिमीडिया कॉमन्स

बढ़ते तापमान के सहारे गंगा में बढ़ रही घुसपैठिए मछलियों की संख्या

गंगा नदी घाटी में 25 किलोमीटर के दायरे में क्षेत्रीय जलवायु मॉडल (रीजनल क्लाइमेट मॉडल) के जरिए अध्ययन किया गया। अध्ययन के नतीजों के आधार पर भविष्यवाणी की गई कि…
अफ्रीकी कैटफ़िश को नए और कठिन माहौल पसंद है और वे यहां आसानी से अपना विकास कर सकती हैं। तस्वीर– सौम्यब्रत रॉय / विकिमीडिया कॉमन्स
गम्बूसिया अलग-अलग तापमान में जीवित रह सकते हैं। साथ ही पानी में मौजूद रसायनिक और जैविक सामग्री के साथ भी जीवित रह सकता है। तस्वीर- NOZO/विकिमीडिया कॉमन्स

उत्तर प्रदेश में मच्छर नियंत्रण के लिए हो रहा गम्बूसिया मछली का इस्तेमाल, भविष्य के लिए खतरनाक

मॉनसून का इंतजार चल रहा है। मॉनसून के साथ-साथ मच्छरों का मौसम भी आने वाला है। 2021 में उत्तर प्रदेश के कई जिलों ने डेंगू और मलेरिया जैसे घातक बीमारी…
गम्बूसिया अलग-अलग तापमान में जीवित रह सकते हैं। साथ ही पानी में मौजूद रसायनिक और जैविक सामग्री के साथ भी जीवित रह सकता है। तस्वीर- NOZO/विकिमीडिया कॉमन्स
बैनर तस्वीर: हंगुल का झुंड। तस्वीर- ताहिरशॉल/विकिमीडिया कॉमन्स

[वीडियो] बढ़ने लगी कश्मीर के राजकीय पशु हंगुल की आबादी, भोजन और आवास की कमी अब भी चुनौती

हंगुल या कश्मीरी हिरण की गिरती संख्या चिंता का सबब रहा है। पर मार्च 2021 में सामने आई संख्या उत्साहजनक है। वन्यजीव संरक्षण विभाग के अनुसार, लुप्तप्राय प्रजातियों में शामिल…
बैनर तस्वीर: हंगुल का झुंड। तस्वीर- ताहिरशॉल/विकिमीडिया कॉमन्स

[वीडियो] गिद्ध संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहा महाराष्ट्र का यह गांव

महाराष्ट्र के रायगढ़ इलाके का चिरगांव नाम का एक गांव आजकल चर्चा में है। वजह है, गिद्ध संरक्षण को लेकर इसकी कोशिश। गांव में एक समय गिद्ध खत्म होने लगे…
उत्तरप्रदेश के कुछ जिलों में श्रिम्प पालन का काम शुरुआ हुआ है। तस्वीर: जज फ़्लोरो/ विकिमीडिया कॉमनस

उत्तर प्रदेश में होने लगा श्रिम्प-पालन, मिल सकता है स्थानीय लोगों को रोजगार

कुछ सालों पहले, उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के रहने वाले कमल कुमार केशवानी ने सरकारी परियोजना के तहत श्रिम्प-पालन की शुरुआत की थी। ऐसे जीव का पालन जो मूलतः…
उत्तरप्रदेश के कुछ जिलों में श्रिम्प पालन का काम शुरुआ हुआ है। तस्वीर: जज फ़्लोरो/ विकिमीडिया कॉमनस
कश्मीर के पहलगाम घाटी में ट्राउट मछली। तस्वीर- मैथ्यू लैयर्ड एकर्ड / विकिमीडिया कॉमन्स

कभी विदेशों से लाया गया ट्राउट मछली का बीज, अब कश्मीर में फल-फूल रहा कारोबार

कश्मीर में ट्राउट मछली का कारोबार जोर पकड़ रहा है। यहां पाली जा रही मछली के अंडों की मांग देश के दूसरे हिस्सों में भी हो रही है। ट्राउट मछली…
कश्मीर के पहलगाम घाटी में ट्राउट मछली। तस्वीर- मैथ्यू लैयर्ड एकर्ड / विकिमीडिया कॉमन्स