बिहार News

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सुंदरबन में ताजे पानी की कमी से संघर्ष कर रही हैं गंगा डॉल्फिन

भारत का एक अनोखा जलीय जीव है गंगा डॉल्फिन जिसकी गिनती  लुप्तप्राय जीवों की श्रेणी में होती है। कभी सुंदबन क्षेत्र में सामान्यतः दिख जाना वाले इस जीव को अब…
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भारत सरकार के आदिवासी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार में फरवरी, 2021 तक वनाधिकार को लेकर सिर्फ 8022 दावे पेश किये गये थे, दिलचस्प है कि इनमें से बिहार सरकार ने सिर्फ 121 दावों को स्वीकृत किया है। तस्वीर- जगदरी/फ्लिकर

[वीडियो] 13 साल बाद भी बिहार में सिर्फ 121 परिवार हासिल कर पाये वनाधिकार

दीपनारायण प्रसाद कहते हैं, हमारे इलाके से सात से आठ हजार के करीब लोगों ने वनाधिकार पट्टे के लिए आवेदन दिया था। मगर मेरी जानकारी में वाल्मिकीनगर के जंगल में…
भारत सरकार के आदिवासी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार में फरवरी, 2021 तक वनाधिकार को लेकर सिर्फ 8022 दावे पेश किये गये थे, दिलचस्प है कि इनमें से बिहार सरकार ने सिर्फ 121 दावों को स्वीकृत किया है। तस्वीर- जगदरी/फ्लिकर
बिहार के जामनापुर गांव में सरसो के खेत के बीच महिला किसान। जलवायु परिवर्तन की चपेट में आए बिहार के पास फसल उत्पादन के आंकड़े मौजूद नहीं हैं। तस्वीर- पी कैसियर (सीजीआईएआर)/फ्लिकर

बिहार सरकार के पास नहीं हैं पर्याप्त आंकड़े, कैसे बनेगा क्लाइमेट एक्शन प्लान

विकास के विभिन्न मानकों पर बिहार जैसे राज्य की स्थिति जगजाहिर है। वर्तमान समय की नई चुनौतियों से निपटने में भी यह राज्य फिसड्डी साबित हो रहा है। ताजा मामला…
बिहार के जामनापुर गांव में सरसो के खेत के बीच महिला किसान। जलवायु परिवर्तन की चपेट में आए बिहार के पास फसल उत्पादन के आंकड़े मौजूद नहीं हैं। तस्वीर- पी कैसियर (सीजीआईएआर)/फ्लिकर
बिहार भीषण बाढ़ की चपेट में है, लेकिन इस साल सरकार ने राहत शिविर नहीं बनाए हैं। राहत शिविर न होने की वजह से लोग सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। तस्वीर साभार माधव

[वीडियो] क्या बजट की कमी से प्रभावित हो रहा है बिहार का बाढ़ राहत अभियान?

इन दिनों जब हर जगह देश में महाराष्ट्र और दुनिया भर में चीन में आई प्रलयंकारी बाढ़ की चर्चा है। बिहार भी इससे अछूता नहीं है। बिहार सरकार के आपदा…
बिहार भीषण बाढ़ की चपेट में है, लेकिन इस साल सरकार ने राहत शिविर नहीं बनाए हैं। राहत शिविर न होने की वजह से लोग सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। तस्वीर साभार माधव
कोसी के भीमनगर बराज से जुड़ी कटैया विद्युत परियोजना जो बुरी तरह असफल साबित हुई। फोटो- प्रत्यूष सौरभ

बिहारः क्या कोसी वालों के लिए दूसरी आपदा साबित होगी डगमारा परियोजना?

बिहार के कोसी नदी के इलाके में इन दिनों अचानक फिर से डगमारा परियोजना से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गयी हैं। लंबे समय से प्रस्तावित 130 मेगावाट क्षमता वाली इस…
कोसी के भीमनगर बराज से जुड़ी कटैया विद्युत परियोजना जो बुरी तरह असफल साबित हुई। फोटो- प्रत्यूष सौरभ
बिहार की नदियों की तरह बदलती बिहार के जलमार्गो की कार्य योजनाएं

[कॉमेंट्री] बिहार की नदियों की तरह बदलती बिहार के जलमार्गो की कार्य योजनाएं

वर्ष 2016 में राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम लागू होने के बाद बिहार की सात नदियों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया था। इनमें गंगा के साथ, गंडक, कोसी, घाघरा, सोन, करमनासा,…
बिहार की नदियों की तरह बदलती बिहार के जलमार्गो की कार्य योजनाएं
बिहार में वर्ष 2008 में आई भीषण बाढ़ की तस्वीर। मौसम के बिगड़ जाने की स्थिति में प्रति एक करोड़ में होने वाली मौत के मामले में तो बिहार के आंकड़े ही उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन हर साल सैकड़ों लोगों की जान जाती है। तस्वीर- पब्लिक रिसोर्स डॉट ऑर्ग/फ्लिकर

जलवायु संकट के सवाल पर बिहार को क्यों सौ में सिर्फ 16 नंबर मिले?

नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्य से जुड़ी रिपोर्ट में बिहार के इस बार भी सबसे आखिरी पायदान पर होने की खबर तो चर्चा में है ही, इस रिपोर्ट की…
बिहार में वर्ष 2008 में आई भीषण बाढ़ की तस्वीर। मौसम के बिगड़ जाने की स्थिति में प्रति एक करोड़ में होने वाली मौत के मामले में तो बिहार के आंकड़े ही उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन हर साल सैकड़ों लोगों की जान जाती है। तस्वीर- पब्लिक रिसोर्स डॉट ऑर्ग/फ्लिकर
गंडक नदी में रेत के टापू पर आराप फरमाता एक घड़ियाल। नदी में घड़ियाल संरक्षण की कोशिशें चल रही हैं। वर्ष 2018 में नदी में 211 घड़ियाल पाए गए, जो कि एक समय में विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके थे। तस्वीर- समीर कुमार सिन्हा

गंडक नदी के घड़ियालों का आशियाना उजाड़ सकता है यह अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग

बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मांडविया ने 18 मार्च, 2021 को लोकसभा में यह जानकारी दी थी कि बिहार के सारण जिले के कालू…
गंडक नदी में रेत के टापू पर आराप फरमाता एक घड़ियाल। नदी में घड़ियाल संरक्षण की कोशिशें चल रही हैं। वर्ष 2018 में नदी में 211 घड़ियाल पाए गए, जो कि एक समय में विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके थे। तस्वीर- समीर कुमार सिन्हा

मगध क्षेत्र में विलुप्त होती नदियां, कोर्ट के हस्तक्षेप के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं

अप्रैल में जब गया का तापमान अप्रैल में ही 40 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका था और मोबाईल पर कोरोना से बचने के लिए बार-बार हाथ धोने की सलाह दी…
जलवायु परिवर्तन की चपेट में बिहार, लेकिन बचाव का कोई एक्शन प्लान नहीं

जलवायु परिवर्तन की चपेट में बिहार, लेकिन बचाव का कोई एक्शन प्लान नहीं

तमाम समस्याओं से जूझते बिहार के लिए एक और बुरी खबर! क्लाइमेट चेंज यानी जलवायु परिवर्तन की मार भी राज्य पर सबसे अधिक पड़ने वाली है। यह खुलासा हुआ है…
जलवायु परिवर्तन की चपेट में बिहार, लेकिन बचाव का कोई एक्शन प्लान नहीं