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33 खबरें

फेजआउट की दुनिया, फेजअप का छत्तीसगढ़

झारखंड: उम्मीद और डर के साये में में बंद कोयला खदान से खनन शुरू

जंगल के खाने में छुपा पोषण का रहस्य

छत्तीसगढ़: अनुसूचित जनजाति आयोग ने हसदेव अरण्य में खनन के लिए सहमति को बताया फर्जी

झारखंड: 3.77 लाख करोड़ सालाना से भी ज़्यादा है राज्य के कॉमन्स से मिलने वाली सेवाओं की कीमत

अनियंत्रित झींगा पालन से बदलता सुंदरबन में भूमि उपयोग

बन्नी की खाने वाली घासों के खतरा बन रहा है विलायती बबूल का फैलाव

[इंटरव्यू] गोल्डमैन पुरस्कार से नवाजे गए आलोक शुक्ला ने कहा, “यह जल, जंगल, जमीन के लिए संघर्ष कर रहे आदिवासियों का सम्मान”

बेहतर वन प्रबंधन के लिए आदिवासी समुदाय का नजरिया शामिल करना जरूरी

हसदेव अरण्य: विधानसभा के संकल्प, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे के बावजूद बढ़ता कोयला खनन

मध्य प्रदेश के जंगलों में क्यों कम हो रहा है औषधीय पौधों का उत्पादन

गुजरात के दुर्लभ जंगली गधों के संरक्षण के लिये आगे आए कच्छ में नमक बनाने वाले अगरिया

सरकार ने जंगलों से 500 मीटर दूर तेल उत्खनन तकनीक को मंजूरी दी, प्रभावों पर कोई प्राथमिक डेटा नहीं

ओडिशा में जेएसडबल्यू के प्रोजेक्ट पर एनजीटी ने लगाई रोक, प्रदर्शनकारियों को राहत

वन समुदाय के अधिकार और तमिलनाडु में स्लेंडर लोरिस का संरक्षण, समझिए क्या है समस्या

वन्यजीवों के साथ इंसानी गतिविधियों को लंबे वक़्त से कैमरे में कैद करने वाले फोटोग्राफर से एक बातचीत

देश में वनों की स्थिति: बढ़ रहा है पौधारोपण और घट रहे हैं वन

[कॉमेंट्री] बीते सदी में वन अधिकार को लेकर बदलता नजरिया और उससे जूझते लोग

क्या देश में कोयला संकट से तैयार हो रहा कानूनों में परिवर्तन का रास्ता?

उत्तराखंड में तेंदुओं के साथ जीवन और जिम कार्बेट की विरासत

नमक की जरूरत सबको पर हाशिए पर है नमक बनाने वाला समुदाय

[वीडियो] 13 साल बाद भी बिहार में सिर्फ 121 परिवार हासिल कर पाये वनाधिकार

जंगल की रक्षा करने वाले शिवालिक के टोंगिया और वन गुर्जरों का वनाधिकार अधर में

[साक्षात्कार] संरक्षण और मानव-वन्यजीव टकराव की ओर ध्यान आकर्षित करने का एक गंभीर प्रयास है शेरनी

गुजरात: बन्नी घास मैदान से जुड़ी विरासत की लड़ाई में मालधारी समुदाय को मिली जीत

अपने घर में ही दर-बदर हो गए उत्तराखंड के वन गुर्जर

पीएम किसान योजना: क्या झारखंड के आदिवासी किसानों के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार?

जम्मू-कश्मीर: दो विरोधाभासी कानून के साथ लागू होने से वन-अधिकार को लेकर धुंधलाती तस्वीर

[वीडियो] हसदेव अरण्य और लेमरु हाथी रिजर्व: कोयले की चाह, सरकारी चक्र और पंद्रह साल का लंबा इंतजार

सिमलीपाल जंगल में लगी आगः वन विभाग या वनवासी, कौन है जिम्मेवार?