वन News

अपने बैलों के साथ सुंडी बाई उइके। बैल मोटे अनाज के सूखे डंठलों के चारों तरफ घूमते हैं। इस प्रक्रिया में अनाज के दाने डंठल से अगल हो जाते हैं। तस्वीर - शुचिता झा/मोंगाबे।

मोटे अनाज से क्यों दूर हो रहे हैं मध्य प्रदेश के आदिवासी?

सुंडी बाई उइके मध्य प्रदेश के मांडला जिले के केवलारी गांव में रहती हैं। गांव में उनकी झोपड़ी मिट्टी और गाय के गोबर से लीपकर बनाई गई है। झोपड़ी के…
अपने बैलों के साथ सुंडी बाई उइके। बैल मोटे अनाज के सूखे डंठलों के चारों तरफ घूमते हैं। इस प्रक्रिया में अनाज के दाने डंठल से अगल हो जाते हैं। तस्वीर - शुचिता झा/मोंगाबे।
वाइल्डलाइफ एसओएस के प्रांगण में टहलते हुए दो हाथी। तस्वीर साभार- वाइल्डलाइफ एसओएस

कैसे काम करता है भीख मांगने और सर्कस से बचाए गए हाथियों का संरक्षण केंद्र

आज से 14 साल पहले हरियाणा के पलवल हाईवे पर एक हथिनी चोटिल घूम रही थी। वन्यजीवों को बचाने वाली एक टीम ने उसकी देखभाल की। गंभीर चोट की वजह…
वाइल्डलाइफ एसओएस के प्रांगण में टहलते हुए दो हाथी। तस्वीर साभार- वाइल्डलाइफ एसओएस
मध्य प्रदेश की बैगा आदिवासी महिलाएं। बैगा मूलतः वनवासी हैं, जो जंगलों में प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रहते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में वनों की कटाई और विकास की गति ने उन्हें शहरों के नजदीकी स्थानों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर कर दिया है। (प्रतीकात्मक इमेज) तस्वीर-सैंडी और व्याज/विकिमीडिया कॉमन्स

बेहतर वन प्रबंधन के लिए आदिवासी समुदाय का नजरिया शामिल करना जरूरी

भारत में जंगल में रहने वाले आदिवासी समुदायों के लिए जंगल का क्या मतलब है? क्या वे वन पारिस्थितिकी तंत्र को उसी तरह देखते हैं जैसे जंगल के बाहर के…
मध्य प्रदेश की बैगा आदिवासी महिलाएं। बैगा मूलतः वनवासी हैं, जो जंगलों में प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रहते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में वनों की कटाई और विकास की गति ने उन्हें शहरों के नजदीकी स्थानों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर कर दिया है। (प्रतीकात्मक इमेज) तस्वीर-सैंडी और व्याज/विकिमीडिया कॉमन्स
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से के 70 हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हसदेव अरण्य के जंगल में पेड़ों की कटाई जारी है।। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल

हसदेव अरण्य: विधानसभा के संकल्प, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे के बावजूद बढ़ता कोयला खनन

छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित हसदेव अरण्य के जंगल में पेड़ों की कटाई जारी है। राज्यपाल से लेकर विधानसभा तक ने, हसदेव अरण्य में कोयला खदानों पर रोक लगाने की बात कही…
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से के 70 हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हसदेव अरण्य के जंगल में पेड़ों की कटाई जारी है।। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल
पातालकोट इलाके में जड़ी बूटी बेचते भारिया आदिवासी। इनके अनुसार जंगल से मिलने वाली जड़ी-बूटियों की मात्रा कम होने से आमदनी में कमी आई है। तस्वीर- सतीश मालवीय/मोंगाबे

मध्य प्रदेश के जंगलों में क्यों कम हो रहा है औषधीय पौधों का उत्पादन

"हाथ में पैसा होगा तभी त्योहार मनाना अच्छा लगता है," रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से सटे मोरावन गांव की सहरिया आदिवासी बस्ती में…
पातालकोट इलाके में जड़ी बूटी बेचते भारिया आदिवासी। इनके अनुसार जंगल से मिलने वाली जड़ी-बूटियों की मात्रा कम होने से आमदनी में कमी आई है। तस्वीर- सतीश मालवीय/मोंगाबे
वाइल्डलाइफ बायोलॉजिस्ट्स का तर्क है कि अगर एक भी हाथी को कहीं और भेजा जाता है तो वहां के बाकी के हाथियों में परिवर्तन आएगा और मूल इलाके में वे वैसी ही समस्याएं पैदा करेंगे। तस्वीर- श्रीधर विजयकृष्णन

केरल में इंसान और हाथियों के संघर्ष को कम करने के लिए दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता

केरल के लोग शायद इस साल की शुरुआत के उन दृश्यों को कभी भुला नहीं पाएंगे जिनमें देखा गया कि एक हाथी को ट्रक पर लादा गया था और ट्रक…
वाइल्डलाइफ बायोलॉजिस्ट्स का तर्क है कि अगर एक भी हाथी को कहीं और भेजा जाता है तो वहां के बाकी के हाथियों में परिवर्तन आएगा और मूल इलाके में वे वैसी ही समस्याएं पैदा करेंगे। तस्वीर- श्रीधर विजयकृष्णन
पश्चिमी घाट में कलाकड़ मुंडनथुराई टाइगर रिजर्व के अंदर एक पवित्र स्थल पर नदी में डुबकी लगाते हुए तीर्थयात्री। बाघ अभयारण्यों के मुख्य क्षेत्रों में बने पवित्र स्थलों पर तीर्थयात्रियों की वजह से प्राचीन वनों को नुकसान पहुंच रहा है। तस्वीर- निल्लई वीकेंड क्लिकर्स 

आस्था और संरक्षण के बीच बेहतरीन तालमेल के लिए हरित तीर्थयात्रा मॉडल

भारत के तीन टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में धार्मिक गतिविधियों और संरक्षण के बीच तालमेल बिठाने के तरीकों को समझने के लिए एक दीर्घकालिक अध्ययन किया गया था। इस अध्ययन में…
पश्चिमी घाट में कलाकड़ मुंडनथुराई टाइगर रिजर्व के अंदर एक पवित्र स्थल पर नदी में डुबकी लगाते हुए तीर्थयात्री। बाघ अभयारण्यों के मुख्य क्षेत्रों में बने पवित्र स्थलों पर तीर्थयात्रियों की वजह से प्राचीन वनों को नुकसान पहुंच रहा है। तस्वीर- निल्लई वीकेंड क्लिकर्स 
मेघालय का एक जंगल। तस्वीर- अश्विन कुमार/विकिमीडिया कॉमन्स 

सरकार ने जंगलों से 500 मीटर दूर तेल उत्खनन तकनीक को मंजूरी दी, प्रभावों पर कोई प्राथमिक डेटा नहीं

नए सरकारी नियमों के मुताबिक, जंगलों में प्राकृतिक भंडार से तेल और गैस निकालने के लिए अब परियोजना के डेवलपर्स को वन मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। शर्त बस…
मेघालय का एक जंगल। तस्वीर- अश्विन कुमार/विकिमीडिया कॉमन्स 
ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो। भारत में इसे भीमराज और भृंगराज के नाम से जाना जाता है। तस्वीर- बी मैड शहंशाह बापी/विकिमीडिया कॉमन्स।

[वीडियो] आवाज से मिल रहा जंगल के बेहतर होने का जवाब, साउंडस्कैप की मदद से निगरानी

 “हम लैंटाना (विदेशी प्रजाति का एक पौधा) के प्रकोप से आजाद हैं,” मध्य भारत में स्थानीय समुदाय के एक सदस्य बसंत झारिया मुस्कुराते हुए कहते हैं। यह क्षेत्र कभी आक्रामक…
ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो। भारत में इसे भीमराज और भृंगराज के नाम से जाना जाता है। तस्वीर- बी मैड शहंशाह बापी/विकिमीडिया कॉमन्स।
दिबांग नदी। एटालिन परियोजना विवादास्पद रही है क्योंकि इसकी योजना जैव विविधता समृद्ध क्षेत्र में बनाई गई है। तस्वीर- अनु बोरा/विकिमीडिया कॉमन्स

मंजूरी नहीं मिलने से अटकी अरुणाचल की एटालिन पनबिजली परियोजना, खतरे में थे 2.5 लाख पेड़

अरुणाचल प्रदेश के दिबांग नदी घाटी क्षेत्र में पनबिजली परियोजना को लेकर चिंतित पर्यावरणविदों और स्थानीय आबादी को बड़ी राहत मिली है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) की…
दिबांग नदी। एटालिन परियोजना विवादास्पद रही है क्योंकि इसकी योजना जैव विविधता समृद्ध क्षेत्र में बनाई गई है। तस्वीर- अनु बोरा/विकिमीडिया कॉमन्स
लोको पायलट महत्वपूर्ण हाथी गलियारों के आसपास सुरक्षा उपायों को लागू करने में लापरवाही का आरोप लगाते हैं। तस्वीर: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे।

ट्रेन से हाथियों की टक्कर के बाद असम के लोको पायलटों के अनुभव, क्या है समाधान

"हत्यारा कहलाना किसी को पसंद नहीं है। किसी भी प्राणी की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराना विचलित करने वाला हो सकता है। हाथी की तो बात ही छोड़िए। कुत्ते, बकरी…
लोको पायलट महत्वपूर्ण हाथी गलियारों के आसपास सुरक्षा उपायों को लागू करने में लापरवाही का आरोप लगाते हैं। तस्वीर: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे।
हरिद्वार के श्यामपुर रेंज में राजाजी नेशनल पार्क की सीमा पर लगा वॉच टॉवर। तस्वीर- वर्षा सिंह (बाएं) गुलदार की प्रतीकात्मक तस्वीर। तस्वीर- उदय किरण/विकिमीडिया कॉमन्स

कोशिशों पर करोड़ों खर्च, उत्तराखंड में काबू के बाहर मानव-वन्यजीव संघर्ष

इस साल एक जनवरी को जब सभी लोग नए साल की ख़ुशियां मना रहे थे, तभी उत्तराखंड के पौड़ी के चौबट्टाखाल तहसील का पांथर गांव गुस्से में था। इस गाँव…
हरिद्वार के श्यामपुर रेंज में राजाजी नेशनल पार्क की सीमा पर लगा वॉच टॉवर। तस्वीर- वर्षा सिंह (बाएं) गुलदार की प्रतीकात्मक तस्वीर। तस्वीर- उदय किरण/विकिमीडिया कॉमन्स
पंचनथंगी के पास मौजूद अभयारण्य में स्लेंडर लोरिस। तस्वीर- SEEDS ट्रस्ट।

वन समुदाय के अधिकार और तमिलनाडु में स्लेंडर लोरिस का संरक्षण, समझिए क्या है समस्या

तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले का पंचनथंगी इलाका सुदूर क्षेत्र में बसा हुआ एक छोटा सा गांव है। यह गांव हरी-भरी और छोटी-मोटी पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहां पहुंचना बेहद…
पंचनथंगी के पास मौजूद अभयारण्य में स्लेंडर लोरिस। तस्वीर- SEEDS ट्रस्ट।
छात्र इन-हाउस करघों पर प्राकृतिक रेशों से सूत कातते हुए। फोटो : तज़ीन कुरैशी।

[वीडियो] फार्म टू फैशन: प्रकृति के अनुकूल तरीकों को राष्ट्रीय संस्थानों के पाठ्यक्रम में मिल रही जगह

जब ओडिशा के भुवनेश्वर शहर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) के प्रोफेसर बिनाया भूषण जेना ने पहली बार परिसर के चारों ओर देखा, तो उन्हें केवल ईंट-पत्थर के…
छात्र इन-हाउस करघों पर प्राकृतिक रेशों से सूत कातते हुए। फोटो : तज़ीन कुरैशी।
पेंच टाइगर रिजर्व में विचरण करते चीतल। यह जंगल मध्यप्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा जिले के बीच फैला हुआ है। तस्वीर- लिंडा डी वोल्डर/फ्लिकर

भारत में जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने की जंगलों की क्षमता को बढ़ा-चढ़ा कर आंका गया, अध्ययन

वनों के पुनर्रोपण और कृषिवानिकी के जरिए अतिरिक्त कार्बन को सोखकर जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने की कोशिश हो रही है। पर इसके जरिए जो लक्ष्य हासिल…
पेंच टाइगर रिजर्व में विचरण करते चीतल। यह जंगल मध्यप्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा जिले के बीच फैला हुआ है। तस्वीर- लिंडा डी वोल्डर/फ्लिकर
छत्तीसगढ़ के सरगुजा ज़िले के साल्ही गांव से लगे हसदेव अरण्य के जंगल में आदिवासी पेड़ कटने का विरोध कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से यहां प्रदर्शन हो रहे हैं। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल

कोयले के लिए हसदेव अरण्य में काटे जा सकते हैं साढ़े चार लाख पेड़, रात-दिन जागकर पेड़ों की रक्षा कर रहे हैं आदिवासी

देश में चारों तरफ लोगों को यह सलाह दी जा रही है कि जानलेवा धूप है, घर से ना निकालें। छत्तीसगढ़ में भी कई इलाकों में मौसम का पारा 46…
छत्तीसगढ़ के सरगुजा ज़िले के साल्ही गांव से लगे हसदेव अरण्य के जंगल में आदिवासी पेड़ कटने का विरोध कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से यहां प्रदर्शन हो रहे हैं। तस्वीर- आलोक प्रकाश पुतुल
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस या कहें व्यवसाय को आसान बनाने की प्रक्रिया में राजग सरकार पर्यावरण नियमों को लगातार कमजोर करती रही है। इससे जंगलों को नुकसान हो रहा है। तस्वीर-पॉल हैमिल्टन/विकिमीडिया कॉमन्स

[विश्लेषण] अंधाधुंध हो रही जंगलों की कटाई लेकिन इसकी वित्तीय कीमत बढ़ाने को लेकर परहेज

देश में जंगलों की वित्तीय कीमत के आकलन के लिए एक फार्मूला अपनाया जाता है जिसमें संशोधन की मांग कई सालों से उठ रही है। बीते जनवरी (2022) सुप्रीम कोर्ट…
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस या कहें व्यवसाय को आसान बनाने की प्रक्रिया में राजग सरकार पर्यावरण नियमों को लगातार कमजोर करती रही है। इससे जंगलों को नुकसान हो रहा है। तस्वीर-पॉल हैमिल्टन/विकिमीडिया कॉमन्स
दार्जिलिंग में चाय के बगान। तस्वीर- व्याचेस्लाव अर्जेनबर्ग/विकिमीडिया कॉमन्स

देश में वनों की स्थिति: बढ़ रहा है पौधारोपण और घट रहे हैं वन

भारत सरकार ने हाल ही में वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2021 (आईएसएफआर) जारी किया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो साल पहले की तुलना में देश के वन क्षेत्र…
दार्जिलिंग में चाय के बगान। तस्वीर- व्याचेस्लाव अर्जेनबर्ग/विकिमीडिया कॉमन्स
असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य से अधिक जैवविविधता मांगर बानी के असंरक्षित जंगल में पाई गई है। तस्वीर- संशेय विश्वास और मैनो वर्चोट।

[वीडियो] देश की राजधानी से सटा ऐसा जंगल जिसे सैकड़ों साल से बचा रहे स्थानीय लोग

अरावली की पहाड़ियों में बसा हरियाणा का मांगर गांव इन दिनों चर्चा में है। चर्चा यहां के कंदराओं में मिले पाषाणकालीन पेंटिंग की हो रही है जिसे हाल ही में…
असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य से अधिक जैवविविधता मांगर बानी के असंरक्षित जंगल में पाई गई है। तस्वीर- संशेय विश्वास और मैनो वर्चोट।
एक बाघिन के पलायन की कहानी, 99 किलोमीटर की यात्रा का बनाया रिकार्ड

[वीडियो] एक बाघिन के पलायन की कहानी, 99 किलोमीटर की यात्रा का बनाया रिकार्ड

हाल ही में एक बाघिन के द्वारा किया गया इतिहास का सबसे लंबा पलायन का मामला सामने आया है। एक 18 महीने की बाघिन, पन्ना टाइगर रिजर्व के अपने इलाके…
एक बाघिन के पलायन की कहानी, 99 किलोमीटर की यात्रा का बनाया रिकार्ड
बाघिन की मृत्यु के दो दिन बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व के ग्राउंड स्टाफ को चार शावक मिले। इनके पिता ने इनकी देखभाल की इसलिए शावक तंदरुस्त और खेलते हुए नजर आए। तस्वीर- पन्ना टाइगर रिजर्व

[वीडियो] मां की मृत्यु के बाद अनाथ हुए बाघ के बच्चों को मिल रहा पिता का संरक्षण

मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में 6 जून को पी243 नामक एक बाघ ने गाय का शिकार किया। सुबह शिकार के बाद दिन भर बाघ उस इलाके में भटकता रहा…
बाघिन की मृत्यु के दो दिन बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व के ग्राउंड स्टाफ को चार शावक मिले। इनके पिता ने इनकी देखभाल की इसलिए शावक तंदरुस्त और खेलते हुए नजर आए। तस्वीर- पन्ना टाइगर रिजर्व
वन गुर्जर अपने भैंसों के झुंड के साथ। मवेशी चराना इनके जीवन का हिस्सा है। तस्वीर- राधिका गुप्ता।

अपने घर में ही दर-बदर हो गए उत्तराखंड के वन गुर्जर

जंगल की गोद में जन्मे उत्तराखंड के मसरदीन गुर्जर के ऊपर 20 साल पहले विस्थापन की आफत आई। उन्हें अपना घर-बार छोड़कर गैंडीखाता के वीरान स्थान पर विस्थापित कर दिया…
वन गुर्जर अपने भैंसों के झुंड के साथ। मवेशी चराना इनके जीवन का हिस्सा है। तस्वीर- राधिका गुप्ता।
ओडिशा के रायगड़ा के जंगलों में वर्ष 2014 में लगी आग का दृष्य। इस साल भी ओडिशा के सिमलीपाल बायोस्फीयर रिजर्व में लगी आग से मार्च महीने में भारी तबाही मची। तस्वीर- सौरभ चटर्जी/फ्लिकर

साल 2021 वनवासियों पर भारी, कोविड-19 लॉकडाउन के साथ पड़ी जंगल की आग की मार

“जंगल में ऐसी आग इससे पहले कभी नहीं देखी थी। हमारे गांव से 100 मीटर की दूरी पर पेड़-पौधे सब जलते दिख रहे थे। इतना नजदीक कि हम धुएं और…
ओडिशा के रायगड़ा के जंगलों में वर्ष 2014 में लगी आग का दृष्य। इस साल भी ओडिशा के सिमलीपाल बायोस्फीयर रिजर्व में लगी आग से मार्च महीने में भारी तबाही मची। तस्वीर- सौरभ चटर्जी/फ्लिकर
जंगल-जंगल घूम सकेंगे छत्तीसगढ़ के वन्यजीव, तैयार होगा हरा-भरा वन गलियारा

जंगल-जंगल घूम सकेंगे छत्तीसगढ़ के वन्यजीव, तैयार होगा हरा-भरा वन गलियारा

वाइल्डलाइफ कॉरीडोर यानी दो बड़े जंगलों को जोड़ने वाला एक ऐसा वन गलियारा जिससे होकर जानवर आसानी से एक से दूसरे जंगल में जा सकें। इस गलियारे में जंगल जैसा…
जंगल-जंगल घूम सकेंगे छत्तीसगढ़ के वन्यजीव, तैयार होगा हरा-भरा वन गलियारा
कोविड के साथ राष्ट्रीय कार्यक्रम से जैव-विविधता और इसके संरक्षण की बढ़ी उम्मीद

कोविड के साथ राष्ट्रीय कार्यक्रम से जैव-विविधता और इसके संरक्षण की बढ़ी उम्मीद

जैव-विविधता वैसे तो हमारे जीवन को वृहत्तर तौर पर प्रभावित करती है पर आम-जन में इसकी चर्चा कम ही होती है। जब से कोरोना महामारी ने इंसानी समाज को अपने…
कोविड के साथ राष्ट्रीय कार्यक्रम से जैव-विविधता और इसके संरक्षण की बढ़ी उम्मीद
अरावली के जंगल में कैमरा ट्रैप में कैद हुई तेंदुए की तस्वीर। (बाएं) मांगर बनी का जंगल। (दाएं) तस्वीर- सुनील हर्सना और प्रदीप कृष्ण

दिल्ली-हरियाणा का अरावली जंगल है जैव-विविधतता का केंद्र, संरक्षण की जरूरत

दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी और  ट्रैफिक की भीड़भाड़ के बीच जंगल और जंगली जीव की उपस्थिति के बारे में शायद ही कोई सोच सकता है, लेकिन हाल में आए…
अरावली के जंगल में कैमरा ट्रैप में कैद हुई तेंदुए की तस्वीर। (बाएं) मांगर बनी का जंगल। (दाएं) तस्वीर- सुनील हर्सना और प्रदीप कृष्ण
सुंदरबन

सुंदरबनः कहानी एक शिकारी के हृदयपरिवर्तन की, हत्या छोड़ अपनाई संरक्षण की राह

यह कहानी एक शिकारी के हृदय परिवर्तन की है। ऐसा हृदय परिवर्तन जिसने पूरे गांव को अपना पुश्तैनी शिकार का काम छोड़, वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया। यह…
सुंदरबन
पन्ना टाइगर रिजर्व के इलाके में जंगल से मवेशी चराकर आते आदिवासी। मध्यप्रदेश के जंगल आदिवासियों की जीवनरेखा है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे हिन्दी

मध्य प्रदेश में वनों को कॉर्पोरेट को देने की कोशिश हुई तेज, हो सकता है मुखर विरोध

देश की राजधानी दिल्ली में किसान सड़कों पर हैं और आरोप लगा रहे हैं कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया तीन कृषि कानून किसान-विरोधी है और निजी कंपनियों को फायदा…
पन्ना टाइगर रिजर्व के इलाके में जंगल से मवेशी चराकर आते आदिवासी। मध्यप्रदेश के जंगल आदिवासियों की जीवनरेखा है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे हिन्दी