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विदेशी आक्रामक पौधों से निपटने में कारगार साबित हो सकते हैं बड़े शाकाहारी जीव

धान की फसलों के लिए प्राकृतिक कीटनाशक हैं चमगादड़,असम में एक अध्ययन में आया सामने

मैसूरु दशहरा के मशहूर हाथी की मौत से उजागर होती कर्नाटका में हाथियों की बढ़ती दिक्क़तें

कच्छ के औषधीय पौधे ‘गुग्गल’ की कहानी, विलुप्ति के खतरे से आया बाहर

संरक्षण के बावजूद कश्मीर में नहीं बढ़ रही हंगुल की आबादी, क्या विलुप्ति की राह पर है यह शर्मीला हिरण

जानवरों के शवों को जलाने में आने वाले खर्च को बचाते हैं लकड़बग्घे

भारत में लुप्त होने की कगार पर हैं पक्षियों की तीन स्थानीय प्रजातियां

[कमेंट्री] भारत को वैज्ञानिक सोच के साथ आवारा कुत्तों से निपटना होगा

केरल में इंसान और हाथियों के संघर्ष को कम करने के लिए दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता

आस्था और संरक्षण के बीच बेहतरीन तालमेल के लिए हरित तीर्थयात्रा मॉडल

अंधेरे में रहने वाले चमगादड़ों के लिए कृत्रिम रोशनी कितनी नुकसानदायक

[कमेंट्री] जैविक अतिक्रमण और पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिए भारत के प्रयास

जलवायु परिवर्तन का असर, पहाड़ों पर ज्यादा ऊंचाई की तरफ जा रहे हिम तेंदुए

संरक्षण के लिए यूरेशियन लिन्क्स पर ज्यादा रिसर्च की जरूरत

मधुमक्खियां जो रात में भी रंगों को देख सकती हैं

लद्दाख: आम नागरिकों की पहल से कारगर हो रहा वन्यजीव संरक्षण

प्रतिस्पर्धा से बचने के लिए बादलदार तेंदुए ने विकसित किए अपने तरीके

[साक्षात्कार] अनुकूल माहौल और पसंदीदा भोजन जंगली बिल्लियों के प्रजनन के लिए सबसे जरूरी

बहुत ज्यादा गर्मी नहीं सह सकता लेपर्ड कैट, जलवायु परिवर्तन का होगा असर

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में रस्टी स्पॉटेड कैट की निगरानी के लिए 100 कैमरा ट्रैप

मिजोरम में लुप्तप्राय छोटी बिल्लियों का गुपचुप तरीके से हो रहा है व्यापार

भोपाल में कुछ पक्षी अब कचरे से बना रहे हैं अपने घोंसले

नेपाल में स्थिर है गिद्धों की आबादी, एक्शन प्लान बनाकर आबादी बढ़ाने पर जोर

गुजरात की स्थानीय पाटनवाड़ी ऊन और भेड़ों की मांग में गिरावट

रेडियो कॉलर का कई तरीके से इस्तेमाल, जानवरों से जुड़े अध्ययन में है बेहद कारगर

संरक्षण के अभाव में कहीं विलुप्त न हो जाए रोबदार बिल्ली स्याहगोश

भारतीय रेगिस्तानी बनबिलाव की आबादी घटने की वजह बन रहा संकरण और सड़कों पर हो रही मौत

बाघ तस्करो के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, असम से महाराष्ट्र तक फैला था सिंडिकेट

अधिक नजर आने लगी है लद्दाख की अनोखी बिल्ली रिबिलिक, क्या बढ़ रही है संख्या

चाय बागान की महिला मजदूरों के लिए सर्पदंश बड़ा खतरा, हर साल होती हैं कई मौत