Articles by Kundan Pandey

[कॉमेंट्री] उदारीकरण के 30 साल: क्या कोविड-19 की दूसरी लहर भारतीय मध्य वर्ग की दिशा बदलेगी?

कोविड, किसान आंदोलन, उदारीकरण, पेसा, नेट जीरो से जोड़कर देखा जाएगा साल 2021

अभी 2022 दहलीज पर खड़ा है और इसके साथ ओमीक्रॉन भी। पूरी मानव सभ्यता इस उम्मीद में है कि कोविड के डेल्टा ने 2021 में जो तबाही मचाई वैसे आगे…
[कॉमेंट्री] उदारीकरण के 30 साल: क्या कोविड-19 की दूसरी लहर भारतीय मध्य वर्ग की दिशा बदलेगी?
गुजरात के हाइवे पर मवेशियों को ले जाते चरवाहे। मीथेन उत्सर्जन में मवेशियों की भी भूमिका होती है। मीथेन गैस उत्सर्जन में कटौती की जाए तो देश में कई लोगों की आजीविका संकट में आ जाएगी। तस्वीर- दिव्या मुदप्पा/विकिमीडिया

कॉप-26 और मीथेन उत्सर्जन: वैश्विक जलवायु परिवर्तन की बातचीत में भारतीय मवेशी भी रहे मुद्दा

हाल ही में संपन्न हुए ग्लासगो पर्यावरण सम्मेलन की कुछेक उपलब्धियों में मीथेन गैस के उत्सर्जन में कटौती करना भी शामिल है। हालांकि भारत ने अपने को इससे दूर रखा…
गुजरात के हाइवे पर मवेशियों को ले जाते चरवाहे। मीथेन उत्सर्जन में मवेशियों की भी भूमिका होती है। मीथेन गैस उत्सर्जन में कटौती की जाए तो देश में कई लोगों की आजीविका संकट में आ जाएगी। तस्वीर- दिव्या मुदप्पा/विकिमीडिया
बिहार के सुलतानगंज में नाव से गंगा पार करते श्रद्धालु। फिल्मकार सिद्धार्थ अग्रवाल ने गंगासागर से गंगोत्री तक की पैदल यात्रा कर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है। तस्वीर- सिद्धार्थ अग्रवाल

[समीक्षा] मूविंग अप्स्ट्रीम: गंगा- हजार किस्से मिले नदी के साथ चलने में

‘मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था/ वो उतनी दूर हो गया जितना क़रीब था।’ अंजुम रहबर के इस शेर की मदद से उत्तराखंड का एक युवक यूं तो अपने कुनबे…
बिहार के सुलतानगंज में नाव से गंगा पार करते श्रद्धालु। फिल्मकार सिद्धार्थ अग्रवाल ने गंगासागर से गंगोत्री तक की पैदल यात्रा कर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है। तस्वीर- सिद्धार्थ अग्रवाल
[व्याख्या] जस्ट ट्रांजिशन: जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में पीछे छूटते लोगों की वकालत

[व्याख्या] जस्ट ट्रांजिशन: जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में पीछे छूटते लोगों को साथ लेकर चलने की कोशिश

जस्ट ट्रांजिशन (जेटी) क्या है? आज के समय की सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती है- जलवायु परिवर्तन। इसका असर बढ़ता ही जा रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए कार्बन…
[व्याख्या] जस्ट ट्रांजिशन: जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में पीछे छूटते लोगों की वकालत
एसडीजी रैंकिंग में पर्यावरण से जुड़े मुद्दे, पर नीति आयोग के तरीके ने बढ़ाई उलझन

एसडीजी रैंकिंग में पर्यावरण से भी जुड़े मुद्दे पर नीति आयोग के तरीके ने बढ़ाई उलझन

कम से कम 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इक्स्ट्रीम वेदर ईवेंट जैसे बाढ़, लू, बिजली गिरने इत्यादि से या तो कोई मौत हुई नहीं है या इन राज्यों…
एसडीजी रैंकिंग में पर्यावरण से जुड़े मुद्दे, पर नीति आयोग के तरीके ने बढ़ाई उलझन
बहस नेट जीरो की: कार्बन उत्सर्जन की लड़ाई में भारत के राज्य कहां खड़े हैं!

बहस नेट जीरो की: कार्बन उत्सर्जन की लड़ाई में भारत के राज्य कहां खड़े हैं!

संयुक्त राज्य अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन के आह्वान पर, अप्रैल में लगभग 40 देशों ने नेट-जीरो हासिल करने के लिए समय-सीमा की घोषणा की। भारत के प्रधानमंत्री…
बहस नेट जीरो की: कार्बन उत्सर्जन की लड़ाई में भारत के राज्य कहां खड़े हैं!
उदारीकरण के तीस साल: मूलभूत ऊर्जा जरूरतों के लिए संघर्षरत समाज, अभी और बिगड़ेगी स्थिति

उदारीकरण के तीस साल: मूलभूत ऊर्जा जरूरतों के लिए संघर्षरत समाज, अभी और बिगड़ेगी स्थिति

स्वतंत्र भारत के इतिहास में 1991 को एक अहम पड़ाव माना जाता है जब देश ने वैश्विक पूंजी के लिए अपनी अर्थव्यवस्था खोलने की शुरुआत की। तब हक्की बाई करीब…
उदारीकरण के तीस साल: मूलभूत ऊर्जा जरूरतों के लिए संघर्षरत समाज, अभी और बिगड़ेगी स्थिति
पेट्रोल-डीजल से होती है सरकार को मोटी कमाई, फिर कैसे होगा एनर्जी ट्रांजिशन!

पेट्रोल-डीजल से होती है सरकार को मोटी कमाई, फिर कैसे होगा एनर्जी ट्रांजिशन!

हाल में हुए पेट्रोल-डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि ने कई तरह के सवाल खड़े किए। तब भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े रहे जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की…
पेट्रोल-डीजल से होती है सरकार को मोटी कमाई, फिर कैसे होगा एनर्जी ट्रांजिशन!
केरल में वर्ष 1977 में ऑयल पाम इंडिया लिमिटेड नामक कंपनी की स्थापना की गई थी। केरल सरकार के साथ मिलकर इस कंपनी ने कई एकड़ में पाम ऑयल की खेती शुरू की है। तस्वीर- ऑइल पाम इंडिया लिमिटेड से साभार

पाम ऑयल: सरकार ताड़ की खेती का चाहती है विस्तार, नहीं मिल रहा अपेक्षित परिणाम

भारत में पाम ऑयल की खपत बड़े पैमाने पर होती है। इस तरह देश में हर साल अरबों रुपये का पाम ऑयल आयात होता है। इस खपत के मद्देनजर भारत…
केरल में वर्ष 1977 में ऑयल पाम इंडिया लिमिटेड नामक कंपनी की स्थापना की गई थी। केरल सरकार के साथ मिलकर इस कंपनी ने कई एकड़ में पाम ऑयल की खेती शुरू की है। तस्वीर- ऑइल पाम इंडिया लिमिटेड से साभार
पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और विस्थापित व्यक्तियों के पुनर्वास में अनिवार्य परामर्श का अधिकार दिया गया है।

[वीडियो] पच्चीसवें साल में पेसा: ग्राम सभा को सशक्त करने के लिए आया कानून खुद कितना मजबूत!

पेसा यानी पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) क़ानून को आए पच्चीस साल पूरे होने वाले हैं। आदिवासी बहुल इलाकों में स्थानीय समाज को मजबूती देने के लिए लाया गया यह…
पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और विस्थापित व्यक्तियों के पुनर्वास में अनिवार्य परामर्श का अधिकार दिया गया है।