Articles by Kundan Pandey

डॉ. अजय माथुर, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के महानिदेशक। तस्वीर- अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए)

[साक्षात्कार] सौर क्षेत्र में निवेश का झुकाव चीन और ओईसीडी देशों की ओर है: आईएसए प्रमुख अजय माथुर

भारत के ऊर्जा परिवर्तन में सौर ऊर्जा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिछले दशक में, सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी) की संचयी वैश्विक क्षमता लगभग 942 गीगावॉट तक पहुंच गई है। लेकिन…
डॉ. अजय माथुर, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के महानिदेशक। तस्वीर- अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए)

आर्थिक विकास और वित्तीय स्थिरता पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की जांच करती आरबीआई की रिपोर्ट

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2022-23 के लिए मुद्रा और वित्त रिपोर्ट (आरसीएफ) में मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन पर ध्यान दिया है। यह भारत में केंद्रीय बैंकिंग और व्यापक…
कृष्णशिला ओपनकास्ट कोयला खदान में खदान श्रमिक। तस्वीर: रोज़हुबविकी, कुबेर पटेल/विकिमीडिया कॉमन्स।

बंद पड़े कोयला बिजली संयंत्रों का अधिग्रहण करना एनटीपीसी के लिए हो सकता है फायदे का सौदा: रिपोर्ट

ऊर्जा बाजारों पर शोध करने वाली संस्था, इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंसियल एनालिसिस (आईईईएफए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) को नए कोयला आधारित थर्मल…
कृष्णशिला ओपनकास्ट कोयला खदान में खदान श्रमिक। तस्वीर: रोज़हुबविकी, कुबेर पटेल/विकिमीडिया कॉमन्स।
असम के नागांव के एक गांव पहुकाता में धान की खेती। तस्वीर: दिगंता तालुकदार/विकिमीडिया कॉमन्स।

बढ़ते जलवायु संबंधी खतरों के साथ, अनुकूलन के लिए तैयार होते किसान

फरवरी के अंत में, भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान (IIWBR), गेहूं के लिए एक प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान, ने भारत में किसानों को तापमान में अचानक वृद्धि के मामले में…
असम के नागांव के एक गांव पहुकाता में धान की खेती। तस्वीर: दिगंता तालुकदार/विकिमीडिया कॉमन्स।
मध्य प्रदेश में नरसिंहगढ़ के पास एक ओपन पंचायत। 73वें और 74वें संशोधनों के बाद भारत ने 1990 के दशक में प्रभावी स्थानीय शासन सुनिश्चित करने की दिशा में पहला निश्चित कदम उठाया था। तस्वीर- सुयश द्विवेदी/विकिमीडिया कॉमन्स 

राज्य वित्त आयोग की खराब हालत का विकेंद्रीकरण प्रक्रिया पर असर

ठीक 30 साल पहले भारत ने शासन का विकेंद्रीकरण करना शुरू किया और संविधान में संशोधनों के जरिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों को सशक्त बनाया गया। इस…
मध्य प्रदेश में नरसिंहगढ़ के पास एक ओपन पंचायत। 73वें और 74वें संशोधनों के बाद भारत ने 1990 के दशक में प्रभावी स्थानीय शासन सुनिश्चित करने की दिशा में पहला निश्चित कदम उठाया था। तस्वीर- सुयश द्विवेदी/विकिमीडिया कॉमन्स 

‘म्युनिसिपल बॉन्ड’ लाने के लिए कितने ‘स्मार्ट’ हैं हमारे शहर?

इंदौर नगर निगम ने जब अपना ग्रीन बॉन्ड जारी किया तो औद्योगिक और कॉर्पोरेट निवेशकों की ओर से उसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इससे उन शहरी स्थानीय निकायों को भी हौसला…
मणिपुर का लोकतक तालाब 38 स्थानीय मछलियों का घर है। वेटलैंड्स जैव-विविधता को पनाह देने के साथ-साथ इंसानों के लिए रोजगार के मौके भी प्रदान करता है। तस्वीर- कार्तिक चंद्रमौली/मोंगाबे-हिन्दी

आर्थिक सर्वेक्षण: जलवायु वित्त पर भारत का जोर, जी-20 में विकासशील देशों के रुख को मिलेगी मजबूती

भारत ने संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण के जरिए विकासशील देशों के लिए ग्रीन फाइनेंस (पर्यावरण को बचाने के लिए धन की व्यवस्था) की खातिर मुखरता से अपनी बात रखी है। इसमें कहा गया है…
मणिपुर का लोकतक तालाब 38 स्थानीय मछलियों का घर है। वेटलैंड्स जैव-विविधता को पनाह देने के साथ-साथ इंसानों के लिए रोजगार के मौके भी प्रदान करता है। तस्वीर- कार्तिक चंद्रमौली/मोंगाबे-हिन्दी
बिरला इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम, कोलकाता में फोटो खिंचवाते कोयला खदान के श्रमिकों का भित्ति चित्र। तस्वीर- बिश्वरूप गांगुली/विकिमीडिया कॉमन्स

भारत में बढ़ती सौर ऊर्जा के बावजूद कोयला ऊर्जा का प्रमुख स्रोत बना रहेगा

भारत के ऊर्जा स्रोतों में सौर ऊर्जा एक प्रमुख स्रोत के रूप में उभरेगा, लेकिन कोयला अभी भी देश के ऊर्जा क्षेत्र का मुख्य आधार बना रहेगा। आने वाले दशक…
बिरला इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम, कोलकाता में फोटो खिंचवाते कोयला खदान के श्रमिकों का भित्ति चित्र। तस्वीर- बिश्वरूप गांगुली/विकिमीडिया कॉमन्स
तेलंगाना के करीमनगर जिलें में परगी में लगा एक पवन ऊर्जा का मिल। तस्वीर-मनीष कुमार/मोंगाबे

ग्रीन बॉन्ड के लिए फ्रेमवर्क सही दिशा में कदम लेकिन आगे है लंबा रास्ता

जलवायु परिवर्तन को रोकने से जुड़े कदमों (क्लाइमेट एक्शन) के लिए फंड मुहैया कराने में निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए सरकार ने एक कदम और बढ़ाया है। भारत सरकार…
तेलंगाना के करीमनगर जिलें में परगी में लगा एक पवन ऊर्जा का मिल। तस्वीर-मनीष कुमार/मोंगाबे
प्याज की फसल की कटाई करते किसान। जीबी-9 ने ‘फसल विविधता के संरक्षक’ के रूप में किसानों की भूमिका को मान्यता देते हुए एक प्रस्ताव का अंतिम रूप दिया। तस्वीर- मीना631/विकिमीडिया कॉमन्स।

प्लांट जेनेटिक पर अंतरराष्ट्रीय संधि में किसानों के अधिकारों पर बनी आम सहमति

खाद्य और कृषि के लिए पादप आनुवंशिक संसाधनों (प्लांट जेनेटिक रिसोर्से फॉर फ़ूड एंड एग्रीकल्चर) पर हुई अंतरराष्ट्रीय संधि में खाद्य और कृषि में पौधों के आनुवंशिक संसाधनों पर किसानों…
प्याज की फसल की कटाई करते किसान। जीबी-9 ने ‘फसल विविधता के संरक्षक’ के रूप में किसानों की भूमिका को मान्यता देते हुए एक प्रस्ताव का अंतिम रूप दिया। तस्वीर- मीना631/विकिमीडिया कॉमन्स।

[वीडियो] ऊर्जा बनाने के तरीकों से नहीं मिल पा रहा पहाड़ सरीखे कचरे का समाधान

बीते 13 जून को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हरियाणा सरकार को एक नोटिस जारी किया था। यह नोटिस बंधवारी लैंडफिल के पास भूजल को दूषित करने वाले खतरनाक कचरे…
औद्योगिक क्षेत्र से होने वाले कुल कार्बन उत्सर्जन का लगभग एक तिहाई लौह और इस्पात क्षेत्र से होता है। तस्वीर- जॉन ब्यूफोर्ट/Publicdomainpictures.net

भारत के स्टील क्षेत्र के सामने खपत बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने की चुनौती

हाल ही में टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक ने कहा था कि भारत में ग्रीन स्टील के उत्पादन के लिए जरूरी गैस और स्क्रैप उपलब्ध नहीं है। इसके एक महीने…
औद्योगिक क्षेत्र से होने वाले कुल कार्बन उत्सर्जन का लगभग एक तिहाई लौह और इस्पात क्षेत्र से होता है। तस्वीर- जॉन ब्यूफोर्ट/Publicdomainpictures.net
नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों की आवाज रिकॉर्ड करतीं नंदिनी ओझा। तस्वीर साभार- नंदिनी ओझा

वाचिक परंपरा से बताई जाती है यहां नर्मदा बचाओ आंदोलन की गाथा

गुजरात की केवडिया कॉलोनी के पास स्थित नवाग्राम गांव में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1961 में नवागाम बांध का शिलान्यास किया था। इसे बाद में सरदार सरोवर…
नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों की आवाज रिकॉर्ड करतीं नंदिनी ओझा। तस्वीर साभार- नंदिनी ओझा
[कॉमेंट्री] उदारीकरण के 30 साल: क्या कोविड-19 की दूसरी लहर भारतीय मध्य वर्ग की दिशा बदलेगी?

कोविड, किसान आंदोलन, उदारीकरण, पेसा, नेट जीरो से जोड़कर देखा जाएगा साल 2021

अभी 2022 दहलीज पर खड़ा है और इसके साथ ओमीक्रॉन भी। पूरी मानव सभ्यता इस उम्मीद में है कि कोविड के डेल्टा ने 2021 में जो तबाही मचाई वैसे आगे…
[कॉमेंट्री] उदारीकरण के 30 साल: क्या कोविड-19 की दूसरी लहर भारतीय मध्य वर्ग की दिशा बदलेगी?
गुजरात के हाइवे पर मवेशियों को ले जाते चरवाहे। मीथेन उत्सर्जन में मवेशियों की भी भूमिका होती है। मीथेन गैस उत्सर्जन में कटौती की जाए तो देश में कई लोगों की आजीविका संकट में आ जाएगी। तस्वीर- दिव्या मुदप्पा/विकिमीडिया

कॉप-26 और मीथेन उत्सर्जन: वैश्विक जलवायु परिवर्तन की बातचीत में भारतीय मवेशी भी रहे मुद्दा

हाल ही में संपन्न हुए ग्लासगो पर्यावरण सम्मेलन की कुछेक उपलब्धियों में मीथेन गैस के उत्सर्जन में कटौती करना भी शामिल है। हालांकि भारत ने अपने को इससे दूर रखा…
गुजरात के हाइवे पर मवेशियों को ले जाते चरवाहे। मीथेन उत्सर्जन में मवेशियों की भी भूमिका होती है। मीथेन गैस उत्सर्जन में कटौती की जाए तो देश में कई लोगों की आजीविका संकट में आ जाएगी। तस्वीर- दिव्या मुदप्पा/विकिमीडिया
बिहार के सुलतानगंज में नाव से गंगा पार करते श्रद्धालु। फिल्मकार सिद्धार्थ अग्रवाल ने गंगासागर से गंगोत्री तक की पैदल यात्रा कर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है। तस्वीर- सिद्धार्थ अग्रवाल

[समीक्षा] मूविंग अप्स्ट्रीम: गंगा- हजार किस्से मिले नदी के साथ चलने में

‘मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था/ वो उतनी दूर हो गया जितना क़रीब था।’ अंजुम रहबर के इस शेर की मदद से उत्तराखंड का एक युवक यूं तो अपने कुनबे…
बिहार के सुलतानगंज में नाव से गंगा पार करते श्रद्धालु। फिल्मकार सिद्धार्थ अग्रवाल ने गंगासागर से गंगोत्री तक की पैदल यात्रा कर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है। तस्वीर- सिद्धार्थ अग्रवाल
[व्याख्या] जस्ट ट्रांजिशन: जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में पीछे छूटते लोगों की वकालत

[व्याख्या] जस्ट ट्रांजिशन: जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में पीछे छूटते लोगों को साथ लेकर चलने की कोशिश

जस्ट ट्रांजिशन (जेटी) क्या है? आज के समय की सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती है- जलवायु परिवर्तन। इसका असर बढ़ता ही जा रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए कार्बन…
[व्याख्या] जस्ट ट्रांजिशन: जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में पीछे छूटते लोगों की वकालत
एसडीजी रैंकिंग में पर्यावरण से जुड़े मुद्दे, पर नीति आयोग के तरीके ने बढ़ाई उलझन

एसडीजी रैंकिंग में पर्यावरण से भी जुड़े मुद्दे पर नीति आयोग के तरीके ने बढ़ाई उलझन

कम से कम 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इक्स्ट्रीम वेदर ईवेंट जैसे बाढ़, लू, बिजली गिरने इत्यादि से या तो कोई मौत हुई नहीं है या इन राज्यों…
एसडीजी रैंकिंग में पर्यावरण से जुड़े मुद्दे, पर नीति आयोग के तरीके ने बढ़ाई उलझन
बहस नेट जीरो की: कार्बन उत्सर्जन की लड़ाई में भारत के राज्य कहां खड़े हैं!

बहस नेट जीरो की: कार्बन उत्सर्जन की लड़ाई में भारत के राज्य कहां खड़े हैं!

संयुक्त राज्य अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन के आह्वान पर, अप्रैल में लगभग 40 देशों ने नेट-जीरो हासिल करने के लिए समय-सीमा की घोषणा की। भारत के प्रधानमंत्री…
बहस नेट जीरो की: कार्बन उत्सर्जन की लड़ाई में भारत के राज्य कहां खड़े हैं!
उदारीकरण के तीस साल: मूलभूत ऊर्जा जरूरतों के लिए संघर्षरत समाज, अभी और बिगड़ेगी स्थिति

उदारीकरण के तीस साल: मूलभूत ऊर्जा जरूरतों के लिए संघर्षरत समाज, अभी और बिगड़ेगी स्थिति

स्वतंत्र भारत के इतिहास में 1991 को एक अहम पड़ाव माना जाता है जब देश ने वैश्विक पूंजी के लिए अपनी अर्थव्यवस्था खोलने की शुरुआत की। तब हक्की बाई करीब…
उदारीकरण के तीस साल: मूलभूत ऊर्जा जरूरतों के लिए संघर्षरत समाज, अभी और बिगड़ेगी स्थिति
पेट्रोल-डीजल से होती है सरकार को मोटी कमाई, फिर कैसे होगा एनर्जी ट्रांजिशन!

पेट्रोल-डीजल से होती है सरकार को मोटी कमाई, फिर कैसे होगा एनर्जी ट्रांजिशन!

हाल में हुए पेट्रोल-डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि ने कई तरह के सवाल खड़े किए। तब भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े रहे जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की…
पेट्रोल-डीजल से होती है सरकार को मोटी कमाई, फिर कैसे होगा एनर्जी ट्रांजिशन!
केरल में वर्ष 1977 में ऑयल पाम इंडिया लिमिटेड नामक कंपनी की स्थापना की गई थी। केरल सरकार के साथ मिलकर इस कंपनी ने कई एकड़ में पाम ऑयल की खेती शुरू की है। तस्वीर- ऑइल पाम इंडिया लिमिटेड से साभार

पाम ऑयल: सरकार ताड़ की खेती का चाहती है विस्तार, नहीं मिल रहा अपेक्षित परिणाम

भारत में पाम ऑयल की खपत बड़े पैमाने पर होती है। इस तरह देश में हर साल अरबों रुपये का पाम ऑयल आयात होता है। इस खपत के मद्देनजर भारत…
केरल में वर्ष 1977 में ऑयल पाम इंडिया लिमिटेड नामक कंपनी की स्थापना की गई थी। केरल सरकार के साथ मिलकर इस कंपनी ने कई एकड़ में पाम ऑयल की खेती शुरू की है। तस्वीर- ऑइल पाम इंडिया लिमिटेड से साभार
पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और विस्थापित व्यक्तियों के पुनर्वास में अनिवार्य परामर्श का अधिकार दिया गया है।

[वीडियो] पच्चीसवें साल में पेसा: ग्राम सभा को सशक्त करने के लिए आया कानून खुद कितना मजबूत!

पेसा यानी पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) क़ानून को आए पच्चीस साल पूरे होने वाले हैं। आदिवासी बहुल इलाकों में स्थानीय समाज को मजबूती देने के लिए लाया गया यह…
पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और विस्थापित व्यक्तियों के पुनर्वास में अनिवार्य परामर्श का अधिकार दिया गया है।
मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले का एक ग्रामीण हाट। ऐसे हाट किसानों को अपनी उपज बेचने में मददगार हैं। तस्वीर- श्रीकांत चौधरी

ग्राम: छोटे किसानों को सही दाम दिलाने के लिए तीन साल पहले लायी गयी योजना कागजों तक सीमित

करीब दो महीने तक राजधानी की सीमा के बाहर हाड़ कंपा देने वाले सर्दी में संघर्ष करने के बाद लाखों किसानों गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली की सीमा में ट्रैक्टर…
मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले का एक ग्रामीण हाट। ऐसे हाट किसानों को अपनी उपज बेचने में मददगार हैं। तस्वीर- श्रीकांत चौधरी
गंगा डॉल्फिन

जिस गंगा डॉल्फिन का जिक्र पौराणिक कथाओं में उसे क्यों भूलने लगे हम

पिछले सप्ताह एक बेचैन करने वाला विडियो वायरल हुआ जिसमें कुछ लोग एक डॉल्फिन पर लाठी, डंडे और कुल्हाड़ी जैसे हथियार से अंधाधुंध हमला करते दिखे। उसपर हमला करने वाले…
गंगा डॉल्फिन
यह तस्वीर पन्ना जिले के आदिवासी गांव मानस सागर की है। आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक राज्य में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल में मात्र 15 फीसदी की ही बढ़ोत्तरी हुई है। यानी एक बड़ी आबादी साफ इंधन का इस्तेमाल नहीं कर रही है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी

सरकारी सर्वेक्षण से खुली प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की पोल, बहुत कम इस्तेमाल हो रहा एलपीजी

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुछ बड़ी उपलब्धियों में ‘प्रधानमंत्री उज्जवला योजना’ की गिनती होती है। सरकार दावा करती है कि इस कार्यक्रम की मदद से देश के 98…
यह तस्वीर पन्ना जिले के आदिवासी गांव मानस सागर की है। आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक राज्य में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल में मात्र 15 फीसदी की ही बढ़ोत्तरी हुई है। यानी एक बड़ी आबादी साफ इंधन का इस्तेमाल नहीं कर रही है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी
प्रवासी पक्षी कॉमन क्रेन अपनी लंबी उड़ान भरता हुआ। प्रवास के लिए पक्षी हजारो किलोमीटर की उड़ान भरते हैं। फोटो- उदया किरण/विकिमीडिया कॉमन्स

पक्षी हो या इंसान, दोनों के लिए प्रवास का दंश एक समान

करीब छः महीने पहले देश में माइग्रेशन और माइग्रेन्ट का मुद्दा छाया हुआ था। लॉकडाउन लगने के बाद हजारों-लाखों प्रवासी मजदूर सड़क पर थे। रोजी-रोटी की उम्मीद में बड़े शहरों…
प्रवासी पक्षी कॉमन क्रेन अपनी लंबी उड़ान भरता हुआ। प्रवास के लिए पक्षी हजारो किलोमीटर की उड़ान भरते हैं। फोटो- उदया किरण/विकिमीडिया कॉमन्स

उत्तरप्रदेश के पीलीभीत में जब खत्म हुए शिकारी तो तिगुना हुआ बाघ का कुनबा

माना जाता है कि बाघ की दहाड़ करीब तीन किलोमीटर तक सुनी जा सकती है। विडंबना यह है कि अपनी बहादुरी के लिए चर्चित यह सुंदर जीव भी खतरे में…
बूंद-बूंद पानी बचाने वाले आबिद सूरती की कहानी, पानी बचाने में लगाई पूरी जिंदगी

बूंद बूंद का संघर्ष: 85 वर्ष के आबिद सुरती ने अपने 13 सालों के प्रयास से बचाया करोड़ों लीटर पानी

आपके घर में नल से पानी गिरने की टप-टप की आवाज़ आती है तो आप क्या करते हैं? सामान्यतः लोग अनसुना कर देते हैं। लेकिन देश में एक 85 साल…
बूंद-बूंद पानी बचाने वाले आबिद सूरती की कहानी, पानी बचाने में लगाई पूरी जिंदगी