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मणिपुर की जीवनरेखा लोकटक झील क्यों हो रही है बीमार?

झारखंड में कम होते हाथी के बावजूद क्यों बढ़ रहा संघर्ष

मॉनसून के बदलते पैटर्न से बढ़ा पारिस्थितिक सूखा, आईआईटी खड़गपुर का अध्ययन

ऊंचाई के हिसाब से बदलते हैं हिमालयी घास के मैदान: स्टडी

विकास और अंधाधुंध खनन, खतरे में अरावली की पहाड़ियां

भारत में समुद्री गाय डुगोंग की संख्या बढ़ी, संरक्षण में मछुआरों की भूमिका

किसी का घर तो किसी की ज़मीन गई, रिपोर्ट में सामने आया बिहार की बाढ़ का भयावह रूप

लक्षद्वीप में बढ़ते पर्यटन के साथ गहरा होता कचरा संकट

अरावली की परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, अधर में लटका है पहाड़ियों का भविष्य

थार की थाली से गायब होता फोगला, मशीनी खेती और पानी ने कैसे बदला रेगिस्तान का स्वाद

फेजआउट की दुनिया, फेजअप का छत्तीसगढ़

अंडमान की कोरल चट्टानें क्यों दम तोड़ रही हैं?

गोडावण का 410 दिनों का सफर बता गया कि इसे कैसे बचाया जा सकता है

झारखंड के हाथियों वाले जंगल सारंडा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, बनेगा अभयारण्य

जानिए कैसे ठंडे रेगिस्तान की जड़ी-बूटियां बदल रही हैं पहाड़ी अर्थव्यवस्था

गर्मियों में गंगा के प्रवाह के लिए ग्लेशियर से ज्यादा जरूरी है भूजल

मखाना: व्यापार की चमक के पीछे छुपी मजदूरों की कड़ी मेहनत

“गुलाबी झील को लाल मत बनाओ”, नवी मुंबई में फ्लेमिंगो के घर को बचाने की कोशिश

तमाम प्रयासों के बावजूद आंध्र प्रदेश में जल संसाधनों के सूखने का खतरा क्यों बढ़ा

ग्रेट निकोबार – कहानी विश्वासघात की”: विकास की चकाचौंध में छिपा पर्यावरणीय खतरा [पुस्तक समीक्षा]

संरक्षणवादी और आशा की संदेशवाहक जेन गुडाल का 91 वर्ष की आयु में निधन [श्रद्धांजलि]

लद्दाख: सोनम वांगचुक की गिरफ़्तारी पर लोगों की बढ़ती नाराजगी

गुफा में मिला करोड़ों साल पुराना जीवाश्म चोरी हुआ, अवैध व्यापार पर उठे सवाल

बादल फटना क्या है, क्यों होता है और जोखिम कैसे घटें [एक्सप्लेनर]

चीर के पत्तों से कार्बन उत्सर्जन कटौती में मिल सकती है मदद

लिथियम-कोबाल्ट जैसी खनिज जरूरतों को पूरा करने भारत का बड़ा कदम

एआई और सैटेलाइट डेटा से जंगलों की कटाई की वजहें सामने आईं

महत्वपूर्ण खनिजों पर विदेशी निर्भरता घटाने की भारत की योजना

उत्तरप्रदेश के वेटलैंड में पक्षियों की आबादी पर अध्ययन, अतिक्रमण से जूझ रहे पक्षी आवासों को बचाने की कवायद

ब्लू इकोनॉमी बढ़ी पर मछली पालन से जुड़ी महिलाओं की स्थिति जस की तस