ओडिशा News

मोरोक्को, अफ्रीका में बिजली गिरने की घटना। प्रतीकात्मक तस्वीर- अब्देलहामिद बौ इखेसायेन/विकिमीडिया कॉमन्स।

ओडिशा में ताड़ का पेड़ लगाकर आकाशीय बिजली से बचने की तैयारी

ओडिशा के खोरदा जिले में 44 साल के सनोज पात्रा अपने एक एकड़ के धान के खेतों को देखने गए थे और उसी वक्त बिजली गिरने से वहीं पर उनकी…
मोरोक्को, अफ्रीका में बिजली गिरने की घटना। प्रतीकात्मक तस्वीर- अब्देलहामिद बौ इखेसायेन/विकिमीडिया कॉमन्स।
ओडिशा में महानदी। नदी पर हजारों मछुआरे और किसान आश्रित हैं। साल 1937 में पहली बार महानदी के पानी को लेकर बात शुरु हुई थी, जब ओडिशा में हीराकुंड बांध बनाने की बात चली। तस्वीर- कमलाकांत नायक/विकिमीडिया कॉमन्स

महानदी: 86 सालों बाद भी क्यों नहीं सुलझ पा रहा छत्तीसगढ़, ओडिशा जल विवाद

बारिश के इस मौसम में छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाइगढ़ ज़िले के कलमा बैराज के दोनों तरफ़ पानी नज़र आ रहा है। लेकिन दो-तीन महीने पहले तक तस्वीर ऐसी नहीं थी। छत्तीसगढ़…
ओडिशा में महानदी। नदी पर हजारों मछुआरे और किसान आश्रित हैं। साल 1937 में पहली बार महानदी के पानी को लेकर बात शुरु हुई थी, जब ओडिशा में हीराकुंड बांध बनाने की बात चली। तस्वीर- कमलाकांत नायक/विकिमीडिया कॉमन्स
धिनकिया में पोस्को के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (2017 से पहले)। जेएसडब्ल्यू परियोजना के लिए भूमि पहले दक्षिण कोरियाई इस्पात प्रमुख पोस्को की परियोजना के लिए ली गई थी। समुदायों के एक दशक लंबे विरोध के चलते साल 2017 में पोस्को ने अपने कदम पीछे खींच लिए थे। तस्वीर - विशेष व्यवस्था के तहत।

ओडिशा में जेएसडबल्यू के प्रोजेक्ट पर एनजीटी ने लगाई रोक, प्रदर्शनकारियों को राहत

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के पारादीप बंदरगाह पर जिंदल स्टील वर्क्स की सहायक कंपनी जेएसडब्ल्यू उत्कल की परियोजना को दी गई पर्यावरण मंजूरी (ईसी/EC) पर…
धिनकिया में पोस्को के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (2017 से पहले)। जेएसडब्ल्यू परियोजना के लिए भूमि पहले दक्षिण कोरियाई इस्पात प्रमुख पोस्को की परियोजना के लिए ली गई थी। समुदायों के एक दशक लंबे विरोध के चलते साल 2017 में पोस्को ने अपने कदम पीछे खींच लिए थे। तस्वीर - विशेष व्यवस्था के तहत।
ओडिशा के नुआपाड़ा जिलें के खोलीभीतर गाँव में लगा एक विकेंद्रीकित सौर ऊर्जा का एक प्लांट। तस्वीर-मनीष कुमार/मोंगाबे

प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो तो बढ़ सकती है ओडिशा की नवीन ऊर्जा क्षमता

नई दिल्ली के थिंक टैंक इंटरनेशनल फोरम फॉर एन्वायरनमेंट, सस्टेनेबिलिटी एंड टेक्नोलॉजी (iFOREST) ने अपनी हालिया स्टडी में दावा किया है नवीन और नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय ने ओडिशा में सौर…
ओडिशा के नुआपाड़ा जिलें के खोलीभीतर गाँव में लगा एक विकेंद्रीकित सौर ऊर्जा का एक प्लांट। तस्वीर-मनीष कुमार/मोंगाबे
ओडिशा में लगभग 7,829 महिला स्वयं सहायता समूह पिछले पांच सालों से गांव के तालाबों में पोषण-संवेदनशील मछली पालन में शामिल हैं। तस्वीर- डेटौर ओडिशा/वर्ल्डफिश 

मछली पालन से पोषण को प्रोत्साहित करती ओडिशा की महिलाएं

लगभग डेढ़ दशक पहले तक ‘मोला मछली’ ओड़िया खाने का अभिन्न अंग थी। यह एक स्वदेशी प्रजाति की मछली है जिसे एंबलीफेरिंगोडोन मोला भी कहा जाता है। लेकिन बदलती जलवायु…
ओडिशा में लगभग 7,829 महिला स्वयं सहायता समूह पिछले पांच सालों से गांव के तालाबों में पोषण-संवेदनशील मछली पालन में शामिल हैं। तस्वीर- डेटौर ओडिशा/वर्ल्डफिश 
ओडिशा के नुआपाड़ा जिलें के खोलीभीतर गाँव में लगा एक विकेंद्रीकित सौर ऊर्जा का एक प्लांट। तस्वीर-मनीष कुमार/मोंगाबे

ओडिशा की नई अक्षय ऊर्जा नीति और 10 गीगावाट का लक्ष्य

ओडिशा को भले ही अक्षय ऊर्जा की उच्च क्षमता वाला राज्य नहीं माना जाता हो, लेकिन राज्य सरकार अपनी नई ऊर्जा नीति के साथ इसी तरफ बढ़ती नज़र आ रही…
ओडिशा के नुआपाड़ा जिलें के खोलीभीतर गाँव में लगा एक विकेंद्रीकित सौर ऊर्जा का एक प्लांट। तस्वीर-मनीष कुमार/मोंगाबे
मछुआरा समुदाय की महिलाएं मछली को नमक से धो कर उन्हें धूप में सुखाती हैं। इन सूखी मछलियों को 'सुखुआ' या सूखी मछली के रूप में बेचा जाता है। तस्वीर- ऐश्वर्या मोहंती/मोंगाबे

आजीविका और वजूद की लड़ाई लड़ रहीं ओड़िशा की तटीय महिलाएं

देश के पूर्वी समुद्र-तट पर स्थित ओड़िशा राज्य की 480 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर मछली पकड़ने पर साल में दो तरह का प्रतिबंध लगाया जाता है। मछलियों के संरक्षण के…
मछुआरा समुदाय की महिलाएं मछली को नमक से धो कर उन्हें धूप में सुखाती हैं। इन सूखी मछलियों को 'सुखुआ' या सूखी मछली के रूप में बेचा जाता है। तस्वीर- ऐश्वर्या मोहंती/मोंगाबे
बडासियालिनी गांव के स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की एक महिला दो किस्म के बाजरा दिखाती हुई, रागी (बाएं) और ज्वार (दाएं)। तस्वीर: ऐश्वर्या मोहंती।

मोटे अनाज की खेती से बदल रही ओडिशा के आदिवासी महिलाओं की जिंदगी

30 साल की कल्पना सेठी अपनी दो एकड़ जमीन को उत्साह से दिखाती हैं, यह जमीन कभी एक बंजर भूमि थी लेकिन अब यह जमीन उनके बच्चों की शिक्षा में…
बडासियालिनी गांव के स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की एक महिला दो किस्म के बाजरा दिखाती हुई, रागी (बाएं) और ज्वार (दाएं)। तस्वीर: ऐश्वर्या मोहंती।
ओडिशा के भुवनेश्वर शहर में एक सोलर रूफटॉप के एक उपभोक्ता। तस्वीर-मनीष कुमार/मोंगाबे

आखिर क्यों धीमी है ओडिशा में सोलर नेट मीटर के विकास की रफ्तार?

राइरंगपुर, ओडिशा के मयूरभंज जिले का एक छोटा सा शहर है। यह शहर हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान चर्चा में रहा। इधर इस स्थान से नाता…
ओडिशा के भुवनेश्वर शहर में एक सोलर रूफटॉप के एक उपभोक्ता। तस्वीर-मनीष कुमार/मोंगाबे
छात्र इन-हाउस करघों पर प्राकृतिक रेशों से सूत कातते हुए। फोटो : तज़ीन कुरैशी।

[वीडियो] फार्म टू फैशन: प्रकृति के अनुकूल तरीकों को राष्ट्रीय संस्थानों के पाठ्यक्रम में मिल रही जगह

जब ओडिशा के भुवनेश्वर शहर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) के प्रोफेसर बिनाया भूषण जेना ने पहली बार परिसर के चारों ओर देखा, तो उन्हें केवल ईंट-पत्थर के…
छात्र इन-हाउस करघों पर प्राकृतिक रेशों से सूत कातते हुए। फोटो : तज़ीन कुरैशी।
30 साल के दिवाकर मांझी (बाएं) को फ्लोराइड की वजह से कई बीमारियां हो गई हैं। वह बिना छड़ी के सहारे चल नहीं सकते। तस्वीर- मनीष कुमार/मोंगाबे

सरकारी उदासीनता से बढ़ रहा है झारखंड, छत्तीसगढ़ में फ्लोराइड का प्रकोप

बुधराम भुइयां, झारखंड के लातेहार जिले के सकलकट्टा गांव के रहने वाले हैं। उनके जिले से सटा एक जिला है - पलामू, जहां फ्लोराइड की समस्या बहुत अधिक है। इसकी…
30 साल के दिवाकर मांझी (बाएं) को फ्लोराइड की वजह से कई बीमारियां हो गई हैं। वह बिना छड़ी के सहारे चल नहीं सकते। तस्वीर- मनीष कुमार/मोंगाबे
ग्राम सभा की बैठक के दौरान ग्रामीण और सुरक्षाबल। तस्वीर- राजाराम सुंदरेसन

ओडिशा: बॉक्साइट खनन को लेकर पुलिस तंत्र के साये में ग्राम सभा, आदिवासियों में रोष

मणिमा पटनायक एक आदिवासी समाज की महिला हैं जो कई वर्षो से माली पर्वत के नीचे स्थित अपने गांव मे अपने परिवार के साथ रहती हैं। पिछले महीने, नवम्बर 22…
ग्राम सभा की बैठक के दौरान ग्रामीण और सुरक्षाबल। तस्वीर- राजाराम सुंदरेसन
खनन के खिलाफ स्वदेशी समुदायों के सदस्यों के लिए कला का इस्तेमाल एक सशक्त हथियार है। तस्वीर- अमोल के. पाटिल। कॉपीराइट © प्रभाकर पचपुते, कोलकाता।

गांव छोड़ब नहीं: खनन से जुड़े प्रतिरोध में कला के सहारे बुलंद होती आवाज

“आगे मशीनीकरण के राज, जुच्छा कर देही सबके हाथ, बेरोजगारी हे अइसे बाढ़े हे, अउ आघु बढ़ जाही रे, मेहनतकश जनता हा, बिन मौत मारे जाही रे, फिर होही अनर्थ…
खनन के खिलाफ स्वदेशी समुदायों के सदस्यों के लिए कला का इस्तेमाल एक सशक्त हथियार है। तस्वीर- अमोल के. पाटिल। कॉपीराइट © प्रभाकर पचपुते, कोलकाता।
हैदराबाद में एक इलेक्ट्रिक बस स्टैंड। आंकड़े बताते है की तेलंगाना राज्य मे देश मे ईवी के लिए सबसे ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स है। तस्वीर- मनीष कुमार/मोंगाबे

नीति आयोग के निर्देश के तीन साल बाद भी इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर नीति नहीं बना पा रहे राज्य

नीति आयोग ने 2018 मे सभी राज्यो को खुद की इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने के लिए कहा था। अब 2022 आने को है पर छत्तीसगढ़ जैसे राज्य अभी तक, इस…
हैदराबाद में एक इलेक्ट्रिक बस स्टैंड। आंकड़े बताते है की तेलंगाना राज्य मे देश मे ईवी के लिए सबसे ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स है। तस्वीर- मनीष कुमार/मोंगाबे
कोणार्क में लगा सौर ऊर्जा से संचालित वाटर एटीएम। शहर मे 40 सौर पेयजल एटीएम लगाने का लक्ष्य था। इसमें 25 एटीएम ने काम करना भी शुरू भी कर दिया है। तस्वीर- मनीष कुमार

ओडिशा: कोणार्क के सोलर योजना के लिए काटे जाएंगे कालाहांडी के वृक्ष

पिछले एक दशक से विपुल बहेरा कोणार्क मंदिर के पास अपनी एक छोटी सी दुकान चला रहे हैं। कोणार्क मंदिर, भारत के उन 3,691 इमारतों में शामिल है जिसका संरक्षण…
कोणार्क में लगा सौर ऊर्जा से संचालित वाटर एटीएम। शहर मे 40 सौर पेयजल एटीएम लगाने का लक्ष्य था। इसमें 25 एटीएम ने काम करना भी शुरू भी कर दिया है। तस्वीर- मनीष कुमार

चुनौतियों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार की कोशिश में ओडिशा

संतोष दास समुद्र तट पर बसे पूरी शहर में रहते हैं। 35 वर्षीय इस युवक ने हाल ही में इलेक्ट्रिक रिक्शा (ई-रिक्शा) चलाना शुरू किया है। आज से लगभग तीन…
महानदी की कछार पर ताप विद्युत गृह और साथ में धान के खेत। यहां पानी का बेतहाशा इस्तेमाल होता है। तस्वीर- रंजन पांडा

महानदी को लेकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ में खींचतान, क्या बच पाएगी नदी?

ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित संबलपुर में हीराकुंड बांध का पानी दोनों राज्यों के लिए खींचतान का विषय बना हुआ है। ओडिशा का आरोप है कि महानदी पर…
महानदी की कछार पर ताप विद्युत गृह और साथ में धान के खेत। यहां पानी का बेतहाशा इस्तेमाल होता है। तस्वीर- रंजन पांडा

ताउते के बाद अब यास तूफान ने मचाई तबाही, बढ़ता तापमान बढ़ा रहा मुसीबत

पश्चिम बंगाल की बुजुर्ग महिला शिल्पा गायेन का घर चक्रवाती तूफान यास ने उजाड़ दिया। 26 मई 2021 को हवा के तेज थपेड़ों को उनका कच्चा घर सह नहीं पाया…
सिमलीपाल जंगल में लगी आगः वन विभाग या वनवासी, कौन है जिम्मेवार?

सिमलीपाल जंगल में लगी आगः वन विभाग या वनवासी, कौन है जिम्मेवार?

ओडिशा के सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में भीषण आग लगी हुई है। वन विभाग तकरीबन एक महीने से यहां आग बुझाने की कोशिश कर रहा है पर सफलता…
सिमलीपाल जंगल में लगी आगः वन विभाग या वनवासी, कौन है जिम्मेवार?
बिहार में हर साल बाढ़ के रूप में प्राकृतिक आपदा लोगों का जनजीवन प्रभावित करती है। तस्वीर में मौजूद लोग कोसी नदी में आई बाढ़ की वजह से सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। तस्वीर- चंदन सिंह/फ्लिकर

पचास साल में हुई डेढ़ लाख मौत, हर प्राकृतिक आपदा लेती है औसतन 20 लोगों की जान

जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक आपदा जैसी घटना अब आम-बात हो गयी है और इसमें होने वाले जान-माल की क्षति भी। हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता…
बिहार में हर साल बाढ़ के रूप में प्राकृतिक आपदा लोगों का जनजीवन प्रभावित करती है। तस्वीर में मौजूद लोग कोसी नदी में आई बाढ़ की वजह से सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। तस्वीर- चंदन सिंह/फ्लिकर