Articles by Sahana Ghosh

चाय बागान में हाथी। तस्वीर- अंशुमा बासुमतारी

चाय की प्याली से जुड़ा है हाथियों का संरक्षण

भारत और भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगा 40-एकड़ में फैला है तेंजिंग बोडोसा का चाय बागान। इसे पहली नजर में देखकर असम के तमाम चाय बागानों जैसा एक और…
चाय बागान में हाथी। तस्वीर- अंशुमा बासुमतारी
घर संभालने के साथ खेतों में पुरुषों के बराबर काम करने से महिलाओं के पोषण पर नकारात्मक असर- शोध

घर संभालने के साथ खेतों में काम बढ़ने से महिलाओं के पोषण पर असर

भारत के खेतों में महिलाएं पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर काम करती हैं। लेकिन घरेलू काम निपटाने जैसी पारंपरिक चुनौती हो या बदलते मौसम जैसी नई चुनौती- महिलाओं की…
घर संभालने के साथ खेतों में पुरुषों के बराबर काम करने से महिलाओं के पोषण पर नकारात्मक असर- शोध
कोविड के साथ राष्ट्रीय कार्यक्रम से जैव-विविधता और इसके संरक्षण की बढ़ी उम्मीद

कोविड के साथ राष्ट्रीय कार्यक्रम से जैव-विविधता और इसके संरक्षण की बढ़ी उम्मीद

जैव-विविधता वैसे तो हमारे जीवन को वृहत्तर तौर पर प्रभावित करती है पर आम-जन में इसकी चर्चा कम ही होती है। जब से कोरोना महामारी ने इंसानी समाज को अपने…
कोविड के साथ राष्ट्रीय कार्यक्रम से जैव-विविधता और इसके संरक्षण की बढ़ी उम्मीद
बिहार में हर साल बाढ़ के रूप में प्राकृतिक आपदा लोगों का जनजीवन प्रभावित करती है। तस्वीर में मौजूद लोग कोसी नदी में आई बाढ़ की वजह से सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। तस्वीर- चंदन सिंह/फ्लिकर

पचास साल में हुई डेढ़ लाख मौत, हर प्राकृतिक आपदा लेती है औसतन 20 लोगों की जान

जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक आपदा जैसी घटना अब आम-बात हो गयी है और इसमें होने वाले जान-माल की क्षति भी। हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता…
बिहार में हर साल बाढ़ के रूप में प्राकृतिक आपदा लोगों का जनजीवन प्रभावित करती है। तस्वीर में मौजूद लोग कोसी नदी में आई बाढ़ की वजह से सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। तस्वीर- चंदन सिंह/फ्लिकर
सुभद्रा सान्याल और गीता मंडल सुंदरबन के सतजेलिया गांव में रहती हैं। दोनों महिलाओं के पति बाघ के हमले में मारे गए। गीता आज भी जंगल के उत्पादों से जीवन यापन करती हैं, लेकिन सुभद्रा के मन मस्तिष्क पर बाघ के हमले का गहरा असर हुआ और अब वह जंगल जाने से डरती हैं। तस्वीर- कार्तिक चंद्रमौली/मोंगाबे

सुंदरबन में भ्रांति और अनदेखी के बीच पिसती ‘बाघ विधवाएं’

रॉयल बंगाल टाइगर के घर सुंदरबन के सतजेलिया गांव में सूरज ढलते ही लोगों के बीच अजीब सी मायूसी छा जाती है। मछली और केकड़ा पकड़कर पेट पालने वाली गीता…
सुभद्रा सान्याल और गीता मंडल सुंदरबन के सतजेलिया गांव में रहती हैं। दोनों महिलाओं के पति बाघ के हमले में मारे गए। गीता आज भी जंगल के उत्पादों से जीवन यापन करती हैं, लेकिन सुभद्रा के मन मस्तिष्क पर बाघ के हमले का गहरा असर हुआ और अब वह जंगल जाने से डरती हैं। तस्वीर- कार्तिक चंद्रमौली/मोंगाबे
सुंदरबन

सुंदरबनः कहानी एक शिकारी के हृदयपरिवर्तन की, हत्या छोड़ अपनाई संरक्षण की राह

यह कहानी एक शिकारी के हृदय परिवर्तन की है। ऐसा हृदय परिवर्तन जिसने पूरे गांव को अपना पुश्तैनी शिकार का काम छोड़, वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया। यह…
सुंदरबन
हिमालय से निकली हिमनदी

उत्तराखंड त्रासदीः वैज्ञानिकों ने विश्लेषण कर बताई हिमालय क्षेत्र में निगरानी की जरूरत

उत्तराखंड के चमोली जिले में 7 फरवरी को हुए हादसे में कई लोगों की जान चली गयी और अभी भी सैकड़ों लोगों की तलाश जारी है। इसी बीच वैज्ञानिकों ने…
हिमालय से निकली हिमनदी
घड़ियाल

भारत-नेपाल के बीच हुई संरक्षण की साझेदारी, फिर बेखौफ तैरने लगे घड़ियाल

बिहार और बंगाल की सीमा पर बसे एक गांव में अजीब खलबली मची थी। कोई चिल्ला रहा था- घड़ियाल देख लो, घड़ियाल देख लो। देखने वालों में अजीबोगरीब उत्साह था।…
घड़ियाल
लेह के जंगलों में घूमते आवारा कुत्ते। जानकार मानते हैं कि घरेलू कुत्तों से वन्यजीवन को खतरा है। तस्वीर- अथर परवेज

कुत्ते इंसानों के बेहतरीन दोस्त पर वन्यजीवों की 80 प्रजातियों के लिए खतरा

कुत्तों को इंसानों का सबसे पुराना दोस्त होने का दर्जा मिला हुआ है। पर इंसानों से दोस्ताना व्यवहार रखने वाले कुत्ते जंगली जीवों से ऐसी दोस्ती नहीं निभाते। देश में…
लेह के जंगलों में घूमते आवारा कुत्ते। जानकार मानते हैं कि घरेलू कुत्तों से वन्यजीवन को खतरा है। तस्वीर- अथर परवेज
मादा खरमोर राजस्थान के आसमान में उड़ान भरती हुई। राजस्थान का शोकलिया-केकरी क्षेत्र में खरमोर प्रजनन के लिए आते हैं। फोटो- अंगद अछाप्पा/विकिमीडिया कॉमन्स

इंसानी विकास की होड़ से संकट में खरमोर पक्षी का अस्तित्व

मालवी में भाट कुकड़ा, हिंदी में खरमोर और अंग्रेजी में लैसर फ्लोरिकन। अलग-अलग बोली-भाषाओं में इस पक्षी के अनेक नाम हैं, लेकिन हर स्थान पर इस पक्षी से जुड़ी एक…
मादा खरमोर राजस्थान के आसमान में उड़ान भरती हुई। राजस्थान का शोकलिया-केकरी क्षेत्र में खरमोर प्रजनन के लिए आते हैं। फोटो- अंगद अछाप्पा/विकिमीडिया कॉमन्स