मध्य प्रदेश News

महाशीर सर्वे के दौरान नदी से एक महाशीर को निकाला गया। परिक्षण के बाद उसे वापस नदी में छोड़ दिया गया। तस्वीर-ए जे टी जॉनसिंह, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया और एनसीएफ/विकिमीडिया कॉमन्स

[वीडियो] क्या पानी के टाइगर महाशीर के लायक नहीं रह गया नर्मदा का पानी?

मध्यप्रदेश में बड़वानी जिले के नर्मदा नदी के किनारे मछली पकड़ रहीं द्वारकी, पास पड़ी टोकरी की तरफ, इशारा करती हैं। दिन भर की मशक्कत के बाद भी उनकी यह…
महाशीर सर्वे के दौरान नदी से एक महाशीर को निकाला गया। परिक्षण के बाद उसे वापस नदी में छोड़ दिया गया। तस्वीर-ए जे टी जॉनसिंह, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया और एनसीएफ/विकिमीडिया कॉमन्स
नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों की आवाज रिकॉर्ड करतीं नंदिनी ओझा। तस्वीर साभार- नंदिनी ओझा

वाचिक परंपरा से बताई जाती है यहां नर्मदा बचाओ आंदोलन की गाथा

गुजरात की केवडिया कॉलोनी के पास स्थित नवाग्राम गांव में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1961 में नवागाम बांध का शिलान्यास किया था। इसे बाद में सरदार सरोवर…
नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों की आवाज रिकॉर्ड करतीं नंदिनी ओझा। तस्वीर साभार- नंदिनी ओझा
बुरहानपुर में जलवायु परिवर्तन की वजह से जल संकट गहरा सकता है। यहां मौजूद 400 साल पुराना मुगलों का बनाया कुंडी भंडारा शहर की यह समस्या दूर कर रहा है। तस्वीर साभार- शालीकराम चौधरी

मुगल सैनिकों के लिए बने कनात सिस्टम से बुझ रही बुरहानपुर की प्यास

पुरानी इमारतें, विशाल दरवाजों और दीवार से घिरा शहर बुरहानपुर मुगलकालीन विरासत को आज भी सहेजे हुए हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से तकरीबन 300 किलोमीटर दूर स्थित इस…
बुरहानपुर में जलवायु परिवर्तन की वजह से जल संकट गहरा सकता है। यहां मौजूद 400 साल पुराना मुगलों का बनाया कुंडी भंडारा शहर की यह समस्या दूर कर रहा है। तस्वीर साभार- शालीकराम चौधरी
वेटलैंड की रक्षा के लिए प्रकृति-आधारित समाधानों ने जल सुरक्षा में सुधार, जैव विविधता में वृद्धि, और एक विकासशील शहर में एक सार्वजनिक स्थान की रक्षा करने में मदद की है। शुचिता झा/मोंगाबे

[वीडियो] कितना सफल रहा भोपाल की बड़ी झील में दो दशक लंबा संरक्षण का प्रयास?

सुबह के सात बज रहे हैं। लेकिन भोपाल के बोरवन जंगल में रात का अंधेरा पेड़ों की ओट में छिपा बैठा है। चिड़ियों की चहचहाहट के बीच अपनी सेहत को…
वेटलैंड की रक्षा के लिए प्रकृति-आधारित समाधानों ने जल सुरक्षा में सुधार, जैव विविधता में वृद्धि, और एक विकासशील शहर में एक सार्वजनिक स्थान की रक्षा करने में मदद की है। शुचिता झा/मोंगाबे
हैदराबाद में एक इलेक्ट्रिक बस स्टैंड। आंकड़े बताते है की तेलंगाना राज्य मे देश मे ईवी के लिए सबसे ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स है। तस्वीर- मनीष कुमार/मोंगाबे

नीति आयोग के निर्देश के तीन साल बाद भी इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर नीति नहीं बना पा रहे राज्य

नीति आयोग ने 2018 मे सभी राज्यो को खुद की इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने के लिए कहा था। अब 2022 आने को है पर छत्तीसगढ़ जैसे राज्य अभी तक, इस…
हैदराबाद में एक इलेक्ट्रिक बस स्टैंड। आंकड़े बताते है की तेलंगाना राज्य मे देश मे ईवी के लिए सबसे ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स है। तस्वीर- मनीष कुमार/मोंगाबे
भोपाल स्थित बड़ा तालाब पर हाल ही में 750 किलोवॉट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है। इससे मिलने वाली बिजली का उपयोग पानी पंप करने में हो रहा है। तस्वीर- स्मार्ट सिटी भोपाल

मध्य प्रदेशः बड़ी परियोजनाओं के भरोसे अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य

ऊर्जा उत्पादन के मामले में मध्य प्रदेश, देश का एक बड़ा केंद्र माना जाता रहा है। यहां कोयले से चलने वाले कई थर्मल पावर प्लांट या कहें ताप विद्युत संयंत्र…
भोपाल स्थित बड़ा तालाब पर हाल ही में 750 किलोवॉट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है। इससे मिलने वाली बिजली का उपयोग पानी पंप करने में हो रहा है। तस्वीर- स्मार्ट सिटी भोपाल
बाघ की तलाश में हाथी के साथ महावत। बाघ वाले जंगल में गश्ती के लिए हाथी बेहद जरूरी है। तस्वीर- कल्याण वर्मा/विकिमीडिया कॉमन्स

[वीडियो] मध्यप्रदेश में पालतू हाथियों की कमी से बाघ संरक्षण में आ रही हैं मुश्किलें

इस साल जनवरी में एक बाघ मध्य प्रदेश के हरदा जिले स्थित केलझिरी वन के एक गांव में घुस आया। तीन दिन में ही बाघ ने इंसानों पर तीन बार…
बाघ की तलाश में हाथी के साथ महावत। बाघ वाले जंगल में गश्ती के लिए हाथी बेहद जरूरी है। तस्वीर- कल्याण वर्मा/विकिमीडिया कॉमन्स
[कॉमेंट्री] मार्फत कामोद सिंह गोंड, मध्य प्रदेश में वन अधिकारों की जमीनी सच्चाई

[कॉमेंट्री] मार्फत कामोद सिंह गोंड, मध्य प्रदेश में वन अधिकारों की जमीनी सच्चाई

50 वर्षीय कामोद सिंह गोंड अब हताश हो चुके हैं। दमोह जिले की तेंदूखेड़ा तहसील के गुबरा गांव के रहने वाले कामोद सिंह का दसियों साल का संघर्ष दाव पर…
[कॉमेंट्री] मार्फत कामोद सिंह गोंड, मध्य प्रदेश में वन अधिकारों की जमीनी सच्चाई
पेंच टाइगर रिजर्व के आस-पास कृषि-वानिकी के लिए तैयार हैं किसान, सबके लिए है फायदे का सौदा

पेंच टाइगर रिजर्व के आस-पास कृषि-वानिकी के लिए तैयार हैं किसान, सबके लिए है फायदे का सौदा

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2021-2030 को पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली का दशक घोषित किया है। यानी इस दौरान पारिस्थितिकी तंत्र को जो नुकसान हुआ है उसकी भारपाई की कोशिश की…
पेंच टाइगर रिजर्व के आस-पास कृषि-वानिकी के लिए तैयार हैं किसान, सबके लिए है फायदे का सौदा
एक बाघिन के पलायन की कहानी, 99 किलोमीटर की यात्रा का बनाया रिकार्ड

[वीडियो] एक बाघिन के पलायन की कहानी, 99 किलोमीटर की यात्रा का बनाया रिकार्ड

हाल ही में एक बाघिन के द्वारा किया गया इतिहास का सबसे लंबा पलायन का मामला सामने आया है। एक 18 महीने की बाघिन, पन्ना टाइगर रिजर्व के अपने इलाके…
एक बाघिन के पलायन की कहानी, 99 किलोमीटर की यात्रा का बनाया रिकार्ड
बाघिन की मृत्यु के दो दिन बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व के ग्राउंड स्टाफ को चार शावक मिले। इनके पिता ने इनकी देखभाल की इसलिए शावक तंदरुस्त और खेलते हुए नजर आए। तस्वीर- पन्ना टाइगर रिजर्व

[वीडियो] मां की मृत्यु के बाद अनाथ हुए बाघ के बच्चों को मिल रहा पिता का संरक्षण

मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में 6 जून को पी243 नामक एक बाघ ने गाय का शिकार किया। सुबह शिकार के बाद दिन भर बाघ उस इलाके में भटकता रहा…
बाघिन की मृत्यु के दो दिन बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व के ग्राउंड स्टाफ को चार शावक मिले। इनके पिता ने इनकी देखभाल की इसलिए शावक तंदरुस्त और खेलते हुए नजर आए। तस्वीर- पन्ना टाइगर रिजर्व
नर्मदा: बरगी जलाशय में न के बराबर रह गया मछली-उत्पादन, मछुआरों का बुरा हाल

[वीडियो] नर्मदा: बरगी जलाशय में न के बराबर रह गया मछली-उत्पादन, मछुआरों का बुरा हाल

मध्य-प्रदेश में सिवनी जिले का कुदवारी गांव नर्मदा के बरगी जलाशय के किनारे स्थित है, जहां रमेश बर्मन वर्ष 1994 से अभी तक मछलियां पकड़ने का काम कर रहे हैं।…
नर्मदा: बरगी जलाशय में न के बराबर रह गया मछली-उत्पादन, मछुआरों का बुरा हाल
हीरे की खातिर दाव पर बुंदेलखंड का बकस्वाहा जंगल, विरोध में आए लोग

[वीडियो] हीरे की खातिर दाव पर बुंदेलखंड का बकस्वाहा जंगल, विरोध में आए लोग

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का बकस्वाहा जंगल चर्चा में है। इसकी वजह है इस जंगल की कोख में दबा करोड़ों कैरेट हीरा और इसके खनन का हो रहा विरोध।…
हीरे की खातिर दाव पर बुंदेलखंड का बकस्वाहा जंगल, विरोध में आए लोग
[वीडियो] खनन का दंश झेल रही महिलाएं पर इसकी चर्चा तक नहीं होती

[वीडियो] खनन का दंश झेल रही महिलाएं पर इसकी चर्चा तक नहीं होती

यह जगजाहिर है कि खनन की वजह से जमीन का ह्रास, रोजगार का संकट और जैव-विविधता पर बुरा असर हो रहा है। पर आस-पास रहने वाली महिलाएं भी इससे बुरी…
[वीडियो] खनन का दंश झेल रही महिलाएं पर इसकी चर्चा तक नहीं होती
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में हुए गोंड महासम्मेलन में समाज के प्रतिनिधियों ने शव को न जलाने का फैसला लिया। तस्वीर- सर्व आदिवासी समाज, छत्तीसगढ़/फेसबुक

हरियाली बचाने के वास्ते गोंड समुदाय ने शवों को नहीं जलाने का लिया फैसला

देश के सबसे बड़े आदिवासी समाज के तौर पर गोंड समुदाय की पहचान होती है। हाल ही में इस समुदाय ने शवों के अंतिम संस्कार की अपनी वर्षों पुरानी परंपरा…
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में हुए गोंड महासम्मेलन में समाज के प्रतिनिधियों ने शव को न जलाने का फैसला लिया। तस्वीर- सर्व आदिवासी समाज, छत्तीसगढ़/फेसबुक
पन्ना के हीरा खदान में रामप्यारे मिट्टी से सने कंकड़ों को धो रहे हैं। इन्हीं कंकड़ों में से हीरा मिलने की संभावना रहती है। तस्वीर- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी

[वीडियो] पन्ना के हीरा खदानों से निकलती बेरोजगारी, गरीबी और कुपोषण

जनवरी में पड़ने वाली सर्दी की एक ढलती हुई शाम जब कुसुम बाई (बदला हुआ नाम) अपने कच्चे घर के बाहर चारपाई पर बैठी हुई हैं। पन्ना जिले के कल्याणपुर…
पन्ना के हीरा खदान में रामप्यारे मिट्टी से सने कंकड़ों को धो रहे हैं। इन्हीं कंकड़ों में से हीरा मिलने की संभावना रहती है। तस्वीर- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी
अमरकंटक में जंगलों के बीच से गुजरती नर्मदा। यहां जंगल से निकली छोटी-छोटी जलधाराएं नर्मदा को विशाल बनाती जाती है। तस्वीर- अजय ताव/फ्लिकर

नर्मदा के उद्गम से ही शुरू हो रही है नदी को खत्म करने की कोशिश

मध्य भारत की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी के लिए उद्गम स्थल से ही अस्तित्व का संकट शुरू होने लगा है। यह नदी मध्यप्रदेश के अमरकंटक के आस-पास…
अमरकंटक में जंगलों के बीच से गुजरती नर्मदा। यहां जंगल से निकली छोटी-छोटी जलधाराएं नर्मदा को विशाल बनाती जाती है। तस्वीर- अजय ताव/फ्लिकर
चंबल सफारी में चौकीदार का काम करने वाले जगदीश इंडियन स्किमर के घोसलों की रक्षा करते हैं। एक दशक पहले इन्होंने घड़ियाल से संरक्षण का काम शुरू किया था। इलस्ट्रेशन- तान्या टिम्बले

अंडों की चौकीदारी: चम्बल के बीहड़ में मेहमान पक्षी को बचाने का संघर्ष

चम्बल के एक गांव जैतपुर से जगदीश जब लाठी, टॉर्च, कलम और डायरी लेकर निकलते हैं तो ऐसा लगता है कि गांव की चौकीदारी करने निकल रहें हैं। कुछ हद…
चंबल सफारी में चौकीदार का काम करने वाले जगदीश इंडियन स्किमर के घोसलों की रक्षा करते हैं। एक दशक पहले इन्होंने घड़ियाल से संरक्षण का काम शुरू किया था। इलस्ट्रेशन- तान्या टिम्बले