जल प्रदूषण News

कर्नाटक में अघनाशिनी नदी। अघनाशिनी नदी के किनारे स्थित मैंग्रोव मछलियों और झींगों के लिए महत्वपूर्ण नर्सरी के रूप में काम करते हैं और उनके प्रजनन और अंडे देने की प्रक्रिया में जरूरी भूमिका निभाते हैं। तस्वीर - हेगड़ेसुदर्शन/विकिमीडिया कॉमन्स। 

भारत में रामसर साइट की सूची में शामिल हुए पांच नए वेटलैंड्स

इस साल दो फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस से पहले भारत के खाते में पांच और रामसर साइटें जुड़ गई हैं।  अब इन साइटों की कुल संख्या 75 से बढ़कर…
कर्नाटक में अघनाशिनी नदी। अघनाशिनी नदी के किनारे स्थित मैंग्रोव मछलियों और झींगों के लिए महत्वपूर्ण नर्सरी के रूप में काम करते हैं और उनके प्रजनन और अंडे देने की प्रक्रिया में जरूरी भूमिका निभाते हैं। तस्वीर - हेगड़ेसुदर्शन/विकिमीडिया कॉमन्स। 
मालिया मछली बाज़ार। जिंजर झींगा (मेटापेनियस कचेंसिस) कच्छ की खाड़ी की एक स्थानिक प्रजाति है और इसकी मछली पकड़ना यहां आजीविका का प्राथमिक स्रोत है। तस्वीर- रवलीन कौर/मोंगाबे

कच्छ में बढ़ते नमक उत्पादन से सिमट रहा झींगा कारोबार

गुजरात के कच्छ का सूरजबाड़ी ब्रिज डीजल का धुआं, धूल, ट्रक और ट्रेन की आवाज से आपका स्वागत करता है। आगे बढ़ने पर उस ब्रिज से नमक का मैदान दिखना…
मालिया मछली बाज़ार। जिंजर झींगा (मेटापेनियस कचेंसिस) कच्छ की खाड़ी की एक स्थानिक प्रजाति है और इसकी मछली पकड़ना यहां आजीविका का प्राथमिक स्रोत है। तस्वीर- रवलीन कौर/मोंगाबे
जमुई के गरही थाना में लगभग दो दर्जन ऐसे वाहन हैं जो बालू लदे स्थिति में जब्त किये गये हैं। इस थाने में सबसे अधिक मामले बालू के अवैध उत्खनन के अपराध के ही आते हैं। तस्वीर- राहुल सिंह/मोंगाबे 

बिहार में बालू के बढ़ते खनन से बिगड़ती नदियों की सेहत, बढ़ता अपराध सरकार के लिए चुनौती

दक्षिण बिहार के जमुई जिले के आखिरी छोर पर स्थित गरही थाने में तैनात दारोगा प्रभात रंजन 14 नवंबर 2023 को अवैध बालू उठाव की एक गुप्त सूचना के बाद…
जमुई के गरही थाना में लगभग दो दर्जन ऐसे वाहन हैं जो बालू लदे स्थिति में जब्त किये गये हैं। इस थाने में सबसे अधिक मामले बालू के अवैध उत्खनन के अपराध के ही आते हैं। तस्वीर- राहुल सिंह/मोंगाबे 
रामेश्वरम में ओलाईकुडा तट पर समुद्री शैवाल निकालती हुई उषा। तस्वीर- अलमास मसूद/मोंगाबे

मुश्किल में समुद्री शैवाल की खेती से जुड़ी महिलाएं

“मेरी मां समुद्री शैवाल इकट्ठा किया करती थीं। उस समय मेरी उम्र काफी कम थी लेकिन फिर भी उन के साथ जाती और उनकी मदद करती थी। तभी से मैं…
रामेश्वरम में ओलाईकुडा तट पर समुद्री शैवाल निकालती हुई उषा। तस्वीर- अलमास मसूद/मोंगाबे
समुद्र तट पर मिली प्लास्टिक की बोतल पर सवार बार्नेकल। दुनिया भर में मसल्स, बार्नेकल, स्पंज, समुद्री स्कवर्ट और ब्रिसल कीड़े की लगभग 400 विदेशी प्रजातियां समुद्री कूड़े पर मंडराती हैं और अक्सर स्थानीय जीवों को बाहर कर देती हैं। तस्वीर-गुनासशेखरन कन्नन

समुद्री मलबे के जरिए दक्षिण-पूर्वी तट पर पहुंच रही विदेशी आक्रामक प्रजातियां

समुद्री जीव प्लास्टिक, रबर, कांच, फोम स्पंज, धातु और लकड़ी के मलबे पर सवार होकर दक्षिण पूर्वी भारत के तटों तक पहुंच रहे हैं। इसकी वजह से स्थानीय जैव विविधता…
समुद्र तट पर मिली प्लास्टिक की बोतल पर सवार बार्नेकल। दुनिया भर में मसल्स, बार्नेकल, स्पंज, समुद्री स्कवर्ट और ब्रिसल कीड़े की लगभग 400 विदेशी प्रजातियां समुद्री कूड़े पर मंडराती हैं और अक्सर स्थानीय जीवों को बाहर कर देती हैं। तस्वीर-गुनासशेखरन कन्नन
विभिन्न प्राकृतिक रंगों में रंगी टी-शर्ट। तस्वीर- बायोडाई इंडिया 

रासायनिक या प्राकृतिक? फैशन उद्योग के रंगरेज की उलझन

हाल के कुछ सालों में फैशन इंडस्ट्री प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक इस्तेमाल और सिंथेटिक रंगाई प्रक्रिया से निकलने वाले जहरीले कचरे की वजह से जांच के दायरे में आ गई…
विभिन्न प्राकृतिक रंगों में रंगी टी-शर्ट। तस्वीर- बायोडाई इंडिया 
एन्नोर में मछुआरों के नौ गांवों के 2,000 से ज्यादा मछुआरे दिसंबर की शुरुआत से पास की कोसस्थलैयार नदी, एन्नोर क्रीक और बंगाल की खाड़ी में नहीं गए हैं। तस्वीर - लास्या शेखर/मोंगाबे।

तेल रिसने से मछली पकड़ने का काम बंद, एन्नोर में मछुआरों पर आजीविका का संकट

कड़ाके की ठंड वाले दिसंबर की 21 तारीख की शाम को 38 साल के मछुआरे एम संतोष कुमार ने कातर नजरों से कोसस्थलैयार नदी का सामना किया। नदी चेन्नई शहर…
एन्नोर में मछुआरों के नौ गांवों के 2,000 से ज्यादा मछुआरे दिसंबर की शुरुआत से पास की कोसस्थलैयार नदी, एन्नोर क्रीक और बंगाल की खाड़ी में नहीं गए हैं। तस्वीर - लास्या शेखर/मोंगाबे।
कर्नाटका के कोलार जिले में जलकुंभी से पटी कोलारम्मा झील का ड्रोन शॉट। कर्नाटक सरकार का केसी वैली प्रोजेक्ट बेंगलुरु के सेकेंडरी ट्रीटेड वेस्टवाटर को कोलार क्षेत्र में लाता है और उसे जलाशयों औऱ झीलों में भरता है ताकि इससे भूजल रीचार्ज किया जा सके। तस्वीर- आंजनेय रेड्डी।

क्या शहरों का गंदा पानी पिएंगे ग्रामीण भारत के लोग?

अगस्त के शुरुआती दिनों में कोलार भूरे और हरे रंग का दिख रहा था। जुलाई के महीने हुई अप्रत्याशित बारिश ने यहां के किसानों की उम्मीदें जगा दी थीं। कर्नाटक…
कर्नाटका के कोलार जिले में जलकुंभी से पटी कोलारम्मा झील का ड्रोन शॉट। कर्नाटक सरकार का केसी वैली प्रोजेक्ट बेंगलुरु के सेकेंडरी ट्रीटेड वेस्टवाटर को कोलार क्षेत्र में लाता है और उसे जलाशयों औऱ झीलों में भरता है ताकि इससे भूजल रीचार्ज किया जा सके। तस्वीर- आंजनेय रेड्डी।
प्रतीकात्मक इमेज। बरोसा वैली, एसए, ऑस्ट्रेलिया में एक लिथियम खदान। तस्वीर- डियोन बीटसन/अनस्प्लैश

स्वच्छ ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण खनिजों का पता लगाने की योजना पर आगे बढ़ा भारत

भारत सरकार ने 30 महत्वपूर्ण खनिजों की पहचान के दो महीने बाद, प्रमुख खनन कानून ‘खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023’ में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया…
प्रतीकात्मक इमेज। बरोसा वैली, एसए, ऑस्ट्रेलिया में एक लिथियम खदान। तस्वीर- डियोन बीटसन/अनस्प्लैश
खेत में किसान। प्रतिकात्मक तस्वीर। तुम्मलापल्ले खदान के पास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि यूरेनियम खदान के टेलिंग तालाब से अपशिष्ट भूजल में मिल रहा है, जिससे फसलों की ग्रोथ पर असर पड़ रहा है। तस्वीर- सूरज मोंडोल/विकिमीडिया कॉमन्स 

यूरेनियम खदानों के पास रहने वाले लोगों ने कहा, प्रदूषण से उनकी सेहत और खेतों पर असर पड़ा

आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कडपा जिले के तुम्मलपल्ले और अन्य गांवों के पास यूरेनियम टेलिंग्स तालाब में यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) द्वारा खनन के संभावित प्रभावों के कारण,…
खेत में किसान। प्रतिकात्मक तस्वीर। तुम्मलापल्ले खदान के पास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि यूरेनियम खदान के टेलिंग तालाब से अपशिष्ट भूजल में मिल रहा है, जिससे फसलों की ग्रोथ पर असर पड़ रहा है। तस्वीर- सूरज मोंडोल/विकिमीडिया कॉमन्स 
चैनपुरा गांव में अपना खेत दिखाते मनोज कुमार। तस्वीर-पारुल कुलश्रेष्ठ/मोंगाबे 

घटते भूजल के कारण राजस्थान के किसानों के लिए सोलर पंप का इस्तेमाल कर पाना हुआ मुश्किल

इस साल जून में जैसे ही तापमान बढ़ा, राजस्थान के झुंझुनू जिले के बदनगढ़ गांव में रहने वाले 69 साल के किसान जमन सिंह सैनी की मुसीबतें भी बढ़ने लगीं…
चैनपुरा गांव में अपना खेत दिखाते मनोज कुमार। तस्वीर-पारुल कुलश्रेष्ठ/मोंगाबे 
विरोध-प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं का मानना है कि झींगा उद्योग के मुनाफे के लिए सीमांत मछुआरों के हितों की बलि दी गई है। तस्वीर - टिमोथी ए. गोंसाल्वेस/विकिमीडिया कॉमन्स। 

कानून में बदलाव से मछुआरों की बढ़ी चिंता, झींगा फार्म को पिछले उल्लंघनों से मिल गई छूट

"ट्रैवलिंग-प्रोजेक्ट भाई भाई, एक डोरी-ते फांसी चाय" (ट्रॉउलिंग और झींगा कल्चर भाई-भाई हैं और दोनों को एक ही रस्सी से लटकाने की जरूरत है) बांग्ला में लिखी गई ये लाइनें…
विरोध-प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं का मानना है कि झींगा उद्योग के मुनाफे के लिए सीमांत मछुआरों के हितों की बलि दी गई है। तस्वीर - टिमोथी ए. गोंसाल्वेस/विकिमीडिया कॉमन्स। 
बिछड़ी में ज्यादातर लोग अपना सबसे ज्यादा समय पानी भरने और लाने में बिताते हैं। तस्वीर- शिवा सिंह।

[वीडियो] कारखानों के कचरे से प्रदूषित हुआ राजस्थान का बिछड़ी गांव, 35 साल बाद भी न्याय का इंतजार

बिछड़ी गांव की सड़कों पर चहलकदमी करते हुए आपको ज्यादातर घरों के बाहर रखे या खिड़कियों पर लटके हुए सभी आकार के पानी के कंटेनर दिखाई देंगे। ऐसा ही एक…
बिछड़ी में ज्यादातर लोग अपना सबसे ज्यादा समय पानी भरने और लाने में बिताते हैं। तस्वीर- शिवा सिंह।
इस रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के जरिए जम्मू-कश्मीर में तवी नदी को रोजगार के खास मौके पैदा करने वाली बनाया जाएगा। तस्वीर- पॉल ला पोर्टे/विकीमीडिया कॉम्नस।

जम्मू के तवी रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट से हो सकता है नदी को नुकसान, पर्यावरणविदों ने जताई चिंता

जम्मू-कश्मीर में सरकार की ओर से बनाए जा रहे तवी रिवरफ्रंट को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने भी चिंता जताई है कि इससे पर्यावरण को खतरा है और जलवायु परिवर्तन के…
इस रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के जरिए जम्मू-कश्मीर में तवी नदी को रोजगार के खास मौके पैदा करने वाली बनाया जाएगा। तस्वीर- पॉल ला पोर्टे/विकीमीडिया कॉम्नस।
एव्स द्वीस पर पाए गए प्लास्टीग्लोमेरेट में मिले ग्रीन प्लास्टिक फ्रैगमेंट का सबूत। तस्वीर- प्रसून गोस्वामी और पुण्यस्लोके भादुरी।

अंडमान द्वीप समूह में मिले प्लास्टिक-रॉक हाइब्रिड, प्लास्टिक प्रदूषण का बेहद नया रूप

कोलकाता स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च ने अपनी एक स्टडी में अंडमान द्वीप समूह के एव्स (Aves) द्वीप प्लीस्टीग्लोमेरेट्स की मौजूदगी की पुष्टि की है। जिन सैंपल का…
एव्स द्वीस पर पाए गए प्लास्टीग्लोमेरेट में मिले ग्रीन प्लास्टिक फ्रैगमेंट का सबूत। तस्वीर- प्रसून गोस्वामी और पुण्यस्लोके भादुरी।
ओडिशा में महानदी। नदी पर हजारों मछुआरे और किसान आश्रित हैं। साल 1937 में पहली बार महानदी के पानी को लेकर बात शुरु हुई थी, जब ओडिशा में हीराकुंड बांध बनाने की बात चली। तस्वीर- कमलाकांत नायक/विकिमीडिया कॉमन्स

महानदी: 86 सालों बाद भी क्यों नहीं सुलझ पा रहा छत्तीसगढ़, ओडिशा जल विवाद

बारिश के इस मौसम में छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाइगढ़ ज़िले के कलमा बैराज के दोनों तरफ़ पानी नज़र आ रहा है। लेकिन दो-तीन महीने पहले तक तस्वीर ऐसी नहीं थी। छत्तीसगढ़…
ओडिशा में महानदी। नदी पर हजारों मछुआरे और किसान आश्रित हैं। साल 1937 में पहली बार महानदी के पानी को लेकर बात शुरु हुई थी, जब ओडिशा में हीराकुंड बांध बनाने की बात चली। तस्वीर- कमलाकांत नायक/विकिमीडिया कॉमन्स
चकैया गांव के किसान, जिनका कहना है कि बारिश के महीने में यह इलाका पानी में डूब जाता है। तस्वीर- राहुल सिंह/मोंगाबे

रामसर साईट की दौड़ में पीछे छूटते बिहार के बड़े वेटलैंड्स, मानव निर्मित नागी-नकटी झील दावेदारी में आगे

मई के आखिरी दिनों में बिहार की सबसे बड़ी झीलों या वेटलैंड (आर्द्र भूमि) में से एक बरैला ताल में जलस्रोत की तलाश करना काफी मशक्कत भरा काम था। बिहार…
चकैया गांव के किसान, जिनका कहना है कि बारिश के महीने में यह इलाका पानी में डूब जाता है। तस्वीर- राहुल सिंह/मोंगाबे
कोटागिरी में कन्निगदेवी कॉलोनी में खुले मैदान में पड़ा कचरे का ढ़ेर एक लैंडमार्क बन चुका है। यह वन्यजीवों को आकर्षित करता है। इसकी वजह से अक्सर इंसान और जानवरों का आमना-सामना हो जाता है या फिर जानवर इसके आसपास रहने वाले लोगों के घरों में घुस आते हैं। तस्वीर- अभिषेक एन चिन्नप्पा/मोंगाबे 

खराब अपशिष्ट प्रबंधन की कीमत चुकाता नीलगिरी जिले का एक पहाड़ी शहर

38 साल की जयासुधा इसे अपना सौभाग्य मानती हैं कि 11 दिसंबर, 2020 की रात वह घर पर नहीं थीं। उस रात तमिल नाडू के नीलगिरी जिले के कोटागिरी शहर…
कोटागिरी में कन्निगदेवी कॉलोनी में खुले मैदान में पड़ा कचरे का ढ़ेर एक लैंडमार्क बन चुका है। यह वन्यजीवों को आकर्षित करता है। इसकी वजह से अक्सर इंसान और जानवरों का आमना-सामना हो जाता है या फिर जानवर इसके आसपास रहने वाले लोगों के घरों में घुस आते हैं। तस्वीर- अभिषेक एन चिन्नप्पा/मोंगाबे 
छड़उवा खेड़ा से तीन किलोमीटर दूर सीधे हैंडपंप से पीने का पानी लेता ग्रामीण। तस्वीर- सुमित यादव

उत्तर प्रदेश: रखरखाव के अभाव में बंद पड़े आरओ प्लांट्स, दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

“पानी मुँह में डाल कर देखिए, बिल्कुल नमक के घोल जैसा है। कोई इसे एक गिलास नहीं पी सकता,” हैंडपंप से पानी निकालते हुए 52 वर्षीय रामदुलारी कहने लगीं। देश…
छड़उवा खेड़ा से तीन किलोमीटर दूर सीधे हैंडपंप से पीने का पानी लेता ग्रामीण। तस्वीर- सुमित यादव
भारत का अधिकांश मखाना बिहार से आता है और इसका लगभग एक चौथाई उत्पादन दरभंगा के आर्द्रभूमि में होता है। तस्वीर- प्रणव कुमार/मोंगाबे

[वीडियो] मिथिला मखानः सांस्कृतिक पहचान को बचाने की राह में अनेक चुनौतियां

मखाना, वेटलैंड्स या आद्रभूमि में होने वाली फसल है। इसे मुख्यतः बिहार के पोखर, तालाबों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में उपजाया जाता है। मखाना का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र मिथिला है…
भारत का अधिकांश मखाना बिहार से आता है और इसका लगभग एक चौथाई उत्पादन दरभंगा के आर्द्रभूमि में होता है। तस्वीर- प्रणव कुमार/मोंगाबे
थूथुकुडी, तमिलनाडु में नमक के पैन। नमक अब उन कई स्रोतों में से एक है जिसके माध्यम से इंसान के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक पहुंच रहा है। तस्वीर- राधा रंगराजन।

[वीडियो] समुद्री नमक में मिला माइक्रोप्लास्टिक, सेहत पर असर के लिए रिसर्च की जरूरत

समुद्र के इको-सिस्टम के लिए प्लास्टिक प्रदूषण चिंता का मुद्दा है। हालांकि, समुद्र में बहाए जाने वाले प्लास्टिक की मात्रा का सही अंदाजा लगाना कठिन है। लेकिन अनुमान है कि…
थूथुकुडी, तमिलनाडु में नमक के पैन। नमक अब उन कई स्रोतों में से एक है जिसके माध्यम से इंसान के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक पहुंच रहा है। तस्वीर- राधा रंगराजन।
लोहरदगा जिला स्थित बगरू हिल पर मौजूद एक बॉक्साइट खदान की तस्वीर। जो खेत खनन के लिए नहीं लिए गए हैं, वह खनन के दौरान निकली धूल व बारिश के दिनों में बहकर आये खदानों के अपशिष्ट से खराब हो जाते हैं। तस्वीर- राहुल सिंह

झारखंड में बॉक्साइट खनन से बंजर होती आदिवासियों की कृषि भूमि, गिरता भूजल स्तर

झारखंड के गुमला जिले में नेतरहाट पठार पर स्थित डुंबरपाठ एक आदिवासी आबादी वाला गांव है। यह गांव चारों ओर से बॉक्साइट की खदानों से घिरा है, जहां भारी मात्रा…
लोहरदगा जिला स्थित बगरू हिल पर मौजूद एक बॉक्साइट खदान की तस्वीर। जो खेत खनन के लिए नहीं लिए गए हैं, वह खनन के दौरान निकली धूल व बारिश के दिनों में बहकर आये खदानों के अपशिष्ट से खराब हो जाते हैं। तस्वीर- राहुल सिंह

कीटनाशक बनाने वाली कंपनी पर किसानों ने लगाया फसलें खराब करने का आरोप, कार्रवाई की मांग

सलीम पटेल, 43, गुजरात के भरूच जिले के वागरा तालुका के त्रालसा गांव में कपास की खेती करते हैं। वह पिछले 16 साल से ज्यादा समय से कपास उगा रहे…
भारत के एक खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते किसान की प्रतीकात्मक तस्वीर। भारत में फसलों की रक्षा करने वाले कीटनाशकों का इस्तेमाल ज्यादातर कपास, गेहूं, धान और सब्जियों की फसलों पर होता है। तस्वीर- देवेंद्र/पिक्साहाइव।

एग्रोकेमिकल उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ा भारत, औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण पर सवाल बरकरार

सितंबर 2021 को देश के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक भाषण में कहा कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एग्रोकेमिकल उत्पादक देश है। देश की 15 क्रॉप…
भारत के एक खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते किसान की प्रतीकात्मक तस्वीर। भारत में फसलों की रक्षा करने वाले कीटनाशकों का इस्तेमाल ज्यादातर कपास, गेहूं, धान और सब्जियों की फसलों पर होता है। तस्वीर- देवेंद्र/पिक्साहाइव।

भारत में लिथियम खोज एक उम्मीद की किरण, खदान से बैटरी बनने तक एक लंबी यात्रा बाकी

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) द्वारा जम्मू और कश्मीर में लिथियम भंडार की प्रारंभिक खोज पर हाल ही में की गई घोषणा ने दुर्लभ क्षार धातु पर निर्भर कई उद्योगों को…
गन्ना किसान महाराष्ट्र के सतारा में एक चीनी मिल के पास तुलाई और बिक्री के लिए इंतजार कर रहे हैं। तस्वीर- मनीष कुमार / मोंगाबे

गन्ने के कचरे से बायो-सीएनजी: स्वच्छ ईंधन में चीनी मिलों की बढ़ती भूमिका

गन्ना उत्पादक राज्य महाराष्ट्र की चीनी मिलें स्वच्छ ईंधन के लिए एक नया प्रयोग कर रही हैं। ये मिलें परिवहन ईंधन के नए स्रोत बायो-सीएनजी के उत्पादन में गन्ने के…
गन्ना किसान महाराष्ट्र के सतारा में एक चीनी मिल के पास तुलाई और बिक्री के लिए इंतजार कर रहे हैं। तस्वीर- मनीष कुमार / मोंगाबे
समुद्र में टूटे हुए जाल (भूतिया जाल) जैसे मलबे समुद्री वन्यजीवों के लिए खतरा बने हुए हैं। तस्वीर- टिम शीरमैन / विकिमीडिया कॉमन्स

समुद्री जीवों को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाने पर आगे बढ़ी चर्चा, अंतरराष्ट्रीय संधि के लिए प्रस्ताव पारित

समुद्री जीवों को प्लास्टिक के प्रदूषण से बचाने के लिए कई देश एक वार्ता पर सहमत हुए हैं। इसके लिए एक प्रस्ताव पर सहमति जताई गई है। अक्टूबर में स्लोवानिया…
समुद्र में टूटे हुए जाल (भूतिया जाल) जैसे मलबे समुद्री वन्यजीवों के लिए खतरा बने हुए हैं। तस्वीर- टिम शीरमैन / विकिमीडिया कॉमन्स
जोशीमठ में 678 मकान जर्जर हो गए हैं। वहां से लोगों को अस्थाई रूप से सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया जा रहा है। तस्वीर- सत्यम कुमार

[वीडियो] ढह रहा उत्तराखंड का जोशीमठ, किस हाल में हैं वहां के लोग?

उत्तराखंड के शहर जोशीमठ में हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है। कोई अपने घर से फर्नीचर निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचा रहा है तो कोई अपने परिवार समेत घर छोड़ने की…
जोशीमठ में 678 मकान जर्जर हो गए हैं। वहां से लोगों को अस्थाई रूप से सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया जा रहा है। तस्वीर- सत्यम कुमार

[कमेंट्री] हिमालय के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में समृद्ध जैव-विविधता के संरक्षण के विविध पहलू

हिमालय के पूर्वी क्षेत्र में जैव-विविधता से समृद्ध हिंदुकुश हिमालय दुर्लभ, स्थानीय और संकटग्रस्त वनस्पतियों और जीवों की कई प्रजातियों का आवास है। वैश्विक जैव विविधता के तीन हॉटस्पॉट, हिमालय,…
लेह और हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन से बढ़ता कचरा। तस्वीर- जुआन डेल रियो/लोकल फ्यूचर्स।

लेह में पर्यटकों की बढ़ती भीड़ से पर्यावरण प्रभावित होने की आशंका

अक्टूबर 2020 में रोहतांग दर्रे पर अटल सुरंग (टनल) खुलने के बाद पिछले दो वर्षों के दौरान इस क्षेत्र में वाहनों का आवागमन बहुत बढ़ा है। लद्दाख के लेह शहर…
लेह और हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन से बढ़ता कचरा। तस्वीर- जुआन डेल रियो/लोकल फ्यूचर्स।