Wildlife and biodiversity खबरें

RSS
362 खबरें

संरक्षणवादी और आशा की संदेशवाहक जेन गुडाल का 91 वर्ष की आयु में निधन [श्रद्धांजलि]

लद्दाख: सोनम वांगचुक की गिरफ़्तारी पर लोगों की बढ़ती नाराजगी

दिल्ली में कैसे उगाया 524 फुटबॉल मैदानों जितना जंगल?

भारत में शार्क के शिकार के लिए जिम्मेदार कौन? मांस की बढ़ती मांग या फिर सप्लाई

संरक्षित क्षेत्रों के बाहर फल-फूल रहे काले हिरण, घास के मैदानों को बचाने पर जोर

[कमेंट्री] कुत्तों के प्रति हमारा आधा-अधूरा प्रेम

किसानों का मित्र मद्रास हेजहॉग, लेकिन घटती संख्या बढ़ा रही चिंता

कृत्रिम रीफ के जरिए समुद्री जीवन को बचाने का प्रयास

मध्य भारत के शहरी माहौल में ढल रहे हैं तेंदुए

भारत-नेपाल सीमा पर बसा गांव बना मानव हाथी सह-अस्तित्व की मिसाल

उत्तरप्रदेश के वेटलैंड में पक्षियों की आबादी पर अध्ययन, अतिक्रमण से जूझ रहे पक्षी आवासों को बचाने की कवायद

गर्मी और हरियाली पर निर्भर बेंगलुरु के पक्षियों का रहन-सहन

शिकार छोड़ बने संरक्षक, मोगिया और पारधी समुदायों में नई उम्मीद की शुरुआत

मध्य प्रदेश के गांधी सागर में दिखा कैराकल, लेकिन क्या बचा है इसका घर?

छत्तीसगढ़: हाथियों से फसलों को नुकसान और मुआवजा ‘ऊँट के मुँह में जीरा’

वन्यजीव संरक्षण को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए ड्रोन

जब अर्थव्यवस्था खुली, क्या प्रकृति पीछे छूट गई?: Environomy एपिसोड 2

मेघालय में झाड़ू घास की खेती से झूम परंपरा और जैव विविधता संकट में

बाघों की फिर से बसाई गई आबादी में ऐसे होते हैं रिश्ते

बढ़ते शहरीकरण में अपने आप को ढालते मुंबई के सुनहरे सियार

गिद्ध सरक्षण: सिर्फ दवाओं पर पाबंदी नाकाफी, उठाने होंगे दूसरे कदम

[वीडियो] जोजरी: समाधान की आस में बदबू, बीमारियों से बेहाल हजारों परिवार, खतरे में जैव-विविधता

सिकुड़ते जंगल और बढ़ती मानव बस्तियां, लॉयन-टेल्ड मेकाक के लिए दोहरी चुनौती

स्पीति के हिम तेंदुओं के आवासों पर सौर ऊर्जा का खतरा मंडराया

[वीडियो] अरुणाचल में सौ साल पुराने ब्रिटिश आर्मी के रूट पर मिला प्रकृति का खजाना

गुजरात में 25 वर्षों 172% बढ़ी शेरों की आबादी, संरक्षण की चुनौतियां बरकरार

बाघ संरक्षण के लिए समर्पित वाल्मिक थापर नहीं रहे, 73 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

मालाबार ट्री टॉडः आम लोगों के योगदान से आगे बढ़ता वैज्ञानिक शोध

अच्छे हेल्थ रिकॉर्ड के बावजूद केरल में क्यों बढ़ रही हैं संक्रामक और जूनोटिक बीमारियां

थार में वन्यजीवों के रक्षक राधेश्याम बिश्नोई, ‘बड़ी जल्दी कर दी जाने में’ [श्रद्धांजलि]