Articles by Manish Chandra Mishra

यह तस्वीर पन्ना जिले के आदिवासी गांव मानस सागर की है। आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक राज्य में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल में मात्र 15 फीसदी की ही बढ़ोत्तरी हुई है। यानी एक बड़ी आबादी साफ इंधन का इस्तेमाल नहीं कर रही है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी

सरकारी सर्वेक्षण से खुली प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की पोल, बहुत कम इस्तेमाल हो रहा एलपीजी

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुछ बड़ी उपलब्धियों में ‘प्रधानमंत्री उज्जवला योजना’ की गिनती होती है। सरकार दावा करती है कि इस कार्यक्रम की मदद से देश के 98…
यह तस्वीर पन्ना जिले के आदिवासी गांव मानस सागर की है। आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक राज्य में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल में मात्र 15 फीसदी की ही बढ़ोत्तरी हुई है। यानी एक बड़ी आबादी साफ इंधन का इस्तेमाल नहीं कर रही है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे-हिन्दी
भारतीय भेड़िया की प्रतिकात्मक तस्वीर। फोटो- डेविस क्वान/फ्लिकर

बॉक्साइट खनन से सूख रही छत्तीसगढ़ और झारखंड की बुरहा नदी, भेड़ियों के एक मात्र ठिकाने पर भी खतरा

छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर बॉक्साइट की खनन की वजह से देश के एक मात्र भेड़िया अभ्यारण्य के लिए खतरा उत्पन्न होने लगा है। चमकते एल्युमीनियम बनाने के लिए…
भारतीय भेड़िया की प्रतिकात्मक तस्वीर। फोटो- डेविस क्वान/फ्लिकर
पाम ऑइल 10 वर्ष की बच्ची सामेला कभी स्कूल नहीं जा पाई। वह अपनी दादी के साथ बेवेल देगुल के ताड़ के खेत में काम करती है। फोटो- अल्बर्टस वेम्ब्रिएन्टो

भारत और चीन के पाम ऑयल की जरूरत पूरी करने की कीमत चुका रहा इंडोनेशिया का आदिवासी समाज

इंडोनेशिया के पापुआ का बोवेन दिगोल क्षेत्र। घने जंगलों के लिए मशहूर इस इलाके की नई पहचान पाम ऑयल से है। ताड़ के बीजों से निकाले गए तेल को पाम…
पाम ऑइल 10 वर्ष की बच्ची सामेला कभी स्कूल नहीं जा पाई। वह अपनी दादी के साथ बेवेल देगुल के ताड़ के खेत में काम करती है। फोटो- अल्बर्टस वेम्ब्रिएन्टो
लद्दाख का गड़ेरिया। हिमालय में भेड़ जैसे शाकाहारी जीव पालने वाले लोगों के साथ ही कई दूसरे मांसाहारी जीव भी रहते हैं। ऐसे में उनका मांसाहारी जीवों के साथ संबंध काफी नाजुक होता है। फोटो- कोशी/फ्लिकर

जंगली जानवर और इंसान क्यों बन जाते हैं जानी-दुश्मन, हिमालय में हुए अध्ययन से सामने आया जवाब

कल्पना कीजिए आपके घर के आसपास कोई मांसाहारी जीव नजर आ जाए। ऐसे जीव को देखकर आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी! आपको गुस्सा आ सकता है, आप डर सकते हैं या…
लद्दाख का गड़ेरिया। हिमालय में भेड़ जैसे शाकाहारी जीव पालने वाले लोगों के साथ ही कई दूसरे मांसाहारी जीव भी रहते हैं। ऐसे में उनका मांसाहारी जीवों के साथ संबंध काफी नाजुक होता है। फोटो- कोशी/फ्लिकर
जंगल की बीच बसे उमरावन गांव को गाजर घास से चारो तरफ से घेर लिया है। यहां खेलते बच्चों को कई चर्मरोग और त्वचा संबंधी रोग का खतरा है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे हिन्दी

खेतों के बाद अब जंगलों में भी गाजर घास की घुसपैठ, नहीं रोका तो होगा बड़ा नुकसान

पन्ना टाइगर रिजर्व के घने जंगलों के बीच एक उजड़ चुका गांव हैं उमरावन। विशाल पेड़ों और झाड़ियों के झुरमुट से गुजरता एक पथरीला रास्ता इस गांव को जाता है।…
जंगल की बीच बसे उमरावन गांव को गाजर घास से चारो तरफ से घेर लिया है। यहां खेलते बच्चों को कई चर्मरोग और त्वचा संबंधी रोग का खतरा है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे हिन्दी
प्रवासी पक्षी कॉमन क्रेन अपनी लंबी उड़ान भरता हुआ। प्रवास के लिए पक्षी हजारो किलोमीटर की उड़ान भरते हैं। फोटो- उदया किरण/विकिमीडिया कॉमन्स

पक्षी हो या इंसान, दोनों के लिए प्रवास का दंश एक समान

करीब छः महीने पहले देश में माइग्रेशन और माइग्रेन्ट का मुद्दा छाया हुआ था। लॉकडाउन लगने के बाद हजारों-लाखों प्रवासी मजदूर सड़क पर थे। रोजी-रोटी की उम्मीद में बड़े शहरों…
प्रवासी पक्षी कॉमन क्रेन अपनी लंबी उड़ान भरता हुआ। प्रवास के लिए पक्षी हजारो किलोमीटर की उड़ान भरते हैं। फोटो- उदया किरण/विकिमीडिया कॉमन्स
कावर झील के आसपास रहने वाले मछुआरों के लिए यह आजीविका का साधन है। फोटो- समीर वर्मा

बिहार को मिले पहले रामसर स्थल से क्यों खुश है मछुआरे

बिहार की राजधानी पटना से तकरीबन डेढ़ सौ किलोमीटर दूर बेगुसराय में एशिया का सबसे बड़ा गोखुर झील है। इसका नाम कावर ताल है। जब नदी अपना रास्ता बदल देती…
कावर झील के आसपास रहने वाले मछुआरों के लिए यह आजीविका का साधन है। फोटो- समीर वर्मा
सूर्यास्त के समय केन नदी का दृष्य। केन-बेतबा लिंक परियोजना के दूसरे चरण में 40 मीटर ऊंचा और 2,218 मीटर लंबा बांध प्रस्तावित है। फोटो- क्रिस्टोफर क्रे/फ्लिकर 

केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना पर पर्यावरण मंत्रालय ने मांगे नए आंकड़े, नए सिरे से होगा आंकलन

भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना के तहत केन-बेतवा लिंक के दूसरे चरण में बांध बनने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। हालांकि पर्यावरण मंत्रालय इसको लेकर कुछ असहज है।…
सूर्यास्त के समय केन नदी का दृष्य। केन-बेतबा लिंक परियोजना के दूसरे चरण में 40 मीटर ऊंचा और 2,218 मीटर लंबा बांध प्रस्तावित है। फोटो- क्रिस्टोफर क्रे/फ्लिकर 
ब्यास नदी की कछार में रेत पर धूप सेंकता घड़ियाल। रेत खनन की वजह से इनका यह स्थान छिन सकता है, जिस पर ये आराम करने के साथ-साथ अंडा भी देते हैं। फोटो- विवेक गुप्ता

दशकों बाद पंजाब की नदी में फिर नजर आ रहे घड़ियाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का भी योगदान

दशकों से पंजाब में यह माना जा रहा था कि घड़ियाल खत्म हो गए। तीन साल पहले इस जलजन्तु को लेकर एक छोटी सी कोशिश हुई और फिर इसके संरक्षण…
ब्यास नदी की कछार में रेत पर धूप सेंकता घड़ियाल। रेत खनन की वजह से इनका यह स्थान छिन सकता है, जिस पर ये आराम करने के साथ-साथ अंडा भी देते हैं। फोटो- विवेक गुप्ता
पन्ना टाइगर रिजर्व के इलाके में जंगल से मवेशी चराकर आते आदिवासी। मध्यप्रदेश के जंगल आदिवासियों की जीवनरेखा है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे हिन्दी

मध्य प्रदेश में वनों को कॉर्पोरेट को देने की कोशिश हुई तेज, हो सकता है मुखर विरोध

देश की राजधानी दिल्ली में किसान सड़कों पर हैं और आरोप लगा रहे हैं कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया तीन कृषि कानून किसान-विरोधी है और निजी कंपनियों को फायदा…
पन्ना टाइगर रिजर्व के इलाके में जंगल से मवेशी चराकर आते आदिवासी। मध्यप्रदेश के जंगल आदिवासियों की जीवनरेखा है। फोटो- मनीष चंद्र मिश्र/मोंगाबे हिन्दी