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हिमाचल के ठंडे रेगिस्तान में खेती की चुनौती: बदलता जलवायु और बदलती फसल

हिमाचल के ठंडे रेगिस्तान में खेती की चुनौती: बदलता जलवायु और बदलती फसल

हिमाचल प्रदेश के ठंडे रेगिस्तान में स्थित तांदी गांव के 30 किसानों के लिए 2022 की गर्मी बेरहम साबित हुई। सिंचाई के लिए पानी की कमी के कारण लाहौल और…
हिमाचल के ठंडे रेगिस्तान में खेती की चुनौती: बदलता जलवायु और बदलती फसल
बायोचार बनाने की प्रक्रिया। बायोचार को पेड़ों और फसलों से जुड़े अपशिष्ट पदार्थों (पराली, भूसा, डंठल सूखे पत्तों आदि) से बनाया जाता है और लंबे वक्त तक जमीन में दबाकर रखा जाता है। तस्वीर- लोरेन इशाक/पर्माकल्चर एसोसिएशन/फ्लिकर

बायोचार में बिगड़ते मौसम को बचाने की ताकत, लेकिन लागत बड़ी बाधा

मौसम में हो रहे बदलावों से निपटने के लिए आजकल बायोचार की खूब चर्चा हो रही है। एक नए रिव्यू के मुताबिक इससे टिकाऊ विकास के लक्ष्यों को भी हासिल…
बायोचार बनाने की प्रक्रिया। बायोचार को पेड़ों और फसलों से जुड़े अपशिष्ट पदार्थों (पराली, भूसा, डंठल सूखे पत्तों आदि) से बनाया जाता है और लंबे वक्त तक जमीन में दबाकर रखा जाता है। तस्वीर- लोरेन इशाक/पर्माकल्चर एसोसिएशन/फ्लिकर
मेंधालेखा में ग्राम सभा की बैठक। तस्वीर- मेंधालेखा / विकिमीडिया कॉमन्स

[कॉमेंट्री ] पंचायती राज: 30 साल में कितना मजबूत हुआ लोकतंत्र?

भारत में लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने के लिहाज से साल 1992 को मील का पत्थर माना जाता है। तीन दशक पहले इसी साल संविधान में 73वां (पंचायती…
मेंधालेखा में ग्राम सभा की बैठक। तस्वीर- मेंधालेखा / विकिमीडिया कॉमन्स